केरल में थमा नहीं सस्पेंस, कर्नाटक में अगला सीएम के पोस्टरों से मचा हड़कंप

बेंगलुरु/तिरुवनंतपुरम: कांग्रेस पार्टी के लिए दक्षिण भारत के दो राज्यों से एक साथ चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। केरल में विधानसभा चुनाव जीतने के 10 दिन बाद भी पार्टी मुख्यमंत्री का चेहरा फाइनल नहीं कर पाई है। इसी अनिश्चितता के बीच कर्नाटक की राजनीति में उस वक्त भूचाल आ गया, जब राजधानी बेंगलुरु में डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को ‘अगला मुख्यमंत्री’ बताते हुए पोस्टर लगा दिए गए।

केरल: 102 सीटों की बड़ी जीत, फिर भी ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ पर फंसा पेच

केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस नीत यूडीएफ (UDF) ने 140 में से 102 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, जिसमें अकेले कांग्रेस के पास 63 सीटें हैं। हालांकि, इस बड़ी जीत के बाद भी नेतृत्व को लेकर खींचतान जारी है।

  • मुख्य दावेदार: मुख्यमंत्री की रेस में केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीशन और रमेश चेन्नीथला के नाम सबसे आगे हैं।

  • ताजा अपडेट: कांग्रेस आलाकमान आज यानी 14 मई (गुरुवार) को दोपहर 1 बजे नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक के बाद आधिकारिक नाम का ऐलान कर सकता है।

कर्नाटक: डीके शिवकुमार के ‘बर्थडे पोस्टर’ ने बढ़ाई सिद्धरमैया की टेंशन

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं ने उस समय तूल पकड़ लिया जब बेंगलुरु में केपीसीसी (KPCC) कार्यालय के बाहर डीके शिवकुमार के समर्थकों ने उन्हें ‘भावी मुख्यमंत्री’ बताते हुए पोस्टर चटका दिए।

  • सत्ता समझौते की चर्चा: शिवकुमार के समर्थक 2023 के कथित ‘पावर शेयरिंग’ समझौते का हवाला दे रहे हैं, जिसके तहत सरकार के ढाई साल पूरे होने पर नेतृत्व परिवर्तन की बात कही गई थी।

  • 15 मई की ‘गुड न्यूज’: शिवकुमार का जन्मदिन 15 मई को है। समर्थकों को उम्मीद है कि उन्हें जन्मदिन पर मुख्यमंत्री पद का ‘तोहफा’ मिल सकता है।

केरल के बाद अब ‘कर्नाटक’ की बारी

कर्नाटक के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि आलाकमान फिलहाल केरल के संकट को सुलझाने में व्यस्त है। लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली ने स्पष्ट किया है कि केरल का मसला हल होते ही दिल्ली दरबार का पूरा ध्यान कर्नाटक के मंत्रिमंडल विस्तार और नेतृत्व के मुद्दे पर होगा। सिद्धरमैया भी आलाकमान के बुलावे का इंतजार कर रहे हैं।

विपक्ष का तंज: “जहां कांग्रेस, वहां कंफ्यूजन”

कांग्रेस की इस अंदरूनी खींचतान पर भाजपा ने भी निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कटाक्ष करते हुए कहा कि पूर्ण बहुमत मिलने के 10 दिन बाद भी कांग्रेस भ्रम की स्थिति में है। उन्होंने इसे कांग्रेस का आंतरिक ‘ग्रुप वॉर’ करार दिया है