लक्की मरवत/इस्लामाबाद: पाकिस्तान का अशांत उत्तर-पश्चिमी सीमावर्ती इलाका एक बार फिर खून से सराबोर हो गया है। अफगानिस्तान की सीमा से लगे खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लक्की मरवत जिले में एक भीड़भाड़ वाले बाजार में हुए भीषण आत्मघाती धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस आतंकी हमले में अब तक 9 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि 35 से अधिक लोग घायल हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव चरम पर है।
बाजार के बीचों-बीच मौत बनकर आया विस्फोटक से लदा रिक्शा
स्थानीय पुलिस प्रमुख अजमत उल्लाह के मुताबिक, हमलावरों ने बेहद घातक तरीका अपनाया। एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदे रिक्शे को बाजार के व्यस्त हिस्से में ले जाकर खुद को उड़ा लिया। धमाका इतना जबरदस्त था कि इसकी चपेट में आने से बाजार में मौजूद दुकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा। मरने वालों में दो ट्रैफिक पुलिस अधिकारी और एक महिला भी शामिल हैं। अस्पताल में भर्ती कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।
TTP पर गहराया शक: अफगान तालिबान का ‘वैचारिक’ साथी
अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों का सीधा शक ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ (TTP) पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि TTP भले ही अफगान तालिबान से अलग संगठन है, लेकिन दोनों के बीच गहरी वैचारिक सहानुभूति है। हाल के महीनों में TTP ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाकर अपने हमलों की तीव्रता काफी बढ़ा दी है।
बन्नू हमले के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि फिर हुआ धमाका
यह हमला उस कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत कुछ दिन पहले ही बन्नू जिले में एक सुरक्षा चौकी को निशाना बनाया गया था। शनिवार रात बन्नू में हुए आत्मघाती हमले और अंधाधुंध गोलीबारी में 15 पुलिस अधिकारियों की जान चली गई थी। पाकिस्तान सरकार ने उस घटना के बाद इस्लामाबाद में अफगान राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया था, लेकिन हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है।
पाक-अफगान संबंधों में बढ़ी तल्खी, आतंकवाद बना बड़ी वजह
इस ताजा विस्फोट ने इस्लामाबाद और काबुल के बीच चल रहे कूटनीतिक विवाद में घी डालने का काम किया है। पाकिस्तानी अधिकारी लगातार यह आरोप लगाते रहे हैं कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार TTP के आतंकियों को अपनी जमीन पर पनाह और सुरक्षित ठिकाने मुहैया करा रही है। वहीं, अफगानिस्तान इन आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है। लगातार होते इन हमलों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के मन में डर और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।
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