
चेन्नई: अभिनय की दुनिया से राजनीति के शिखर तक पहुंचे तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय थलापति अब अपनी ‘कोर टीम’ को अंतिम रूप दे रहे हैं। इसी कड़ी में एक ऐसे नाम की एंट्री हुई है जिसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। मुख्यमंत्री ने मशहूर ज्योतिषी राधान पंडित को अपना ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) नियुक्त किया है। मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के बाद यह साफ हो गया है कि अब सरकार के खास फैसलों में ग्रहों की चाल और गणनाओं की भी अहम भूमिका हो सकती है।
जीत की सटीक भविष्यवाणी और राज्यपाल वाला ‘पेंच’
राधान पंडित उस वक्त सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने चुनावी नतीजों से पहले ही टीवीके (TVK) की सुनामी जीत और विजय के मुख्यमंत्री बनने की सटीक भविष्यवाणी कर दी थी। इतना ही नहीं, सरकार गठन के दौरान जब राज्यपाल और विजय के बीच खींचतान चल रही थी और दावे को बार-बार खारिज किया जा रहा था, तब राधान पंडित ही विजय के ‘संकटमोचक’ बने। उनकी सलाह पर ही विजय ने दोबारा दावा पेश किया, जिसमें उन्हें सफलता मिली। 4 मई को जब जीत के संकेत मिलने शुरू हुए, तो विजय के आवास पर पहुंचने वाले राधान पंडित पहले शख्स थे।
कौन हैं राधान पंडित? जयललिता से भी रहा है खास कनेक्शन
वैदिक ज्योतिष और अंकशास्त्र में 40 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधान पंडित तमिलनाडु की राजनीति के लिए कोई नया नाम नहीं हैं। जानकार बताते हैं कि वे पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के भी बेहद करीबी रहे थे। कहा जाता है कि ‘अम्मा’ अपने कई बड़े और नीतिगत फैसले राधान पंडित (वेट्टिवेल) से सलाह मशविरा करने के बाद ही लेती थीं। अब सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहने वाले राधान पंडित, सीएम विजय के सबसे भरोसेमंद रणनीतिकारों में शामिल हो गए हैं।
सनातन विवाद के बीच ‘ज्योतिषी’ की नियुक्ति के सियासी मायने
राधान पंडित की ओएसडी के रूप में नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब तमिलनाडु की सियासत ‘सनातन’ के मुद्दे पर गरमाई हुई है। एक तरफ विपक्ष के नेता सदन में ‘सनातन को खत्म करने’ की बात दोहरा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री विजय ने अपने कार्यालय (CMO) में एक प्रख्यात ज्योतिषी को जगह देकर एक अलग और बड़ा संदेश दिया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम विजय की उस छवि को और मजबूत करेगा जो परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाकर चलना चाहते हैं।
एक्शन मोड में सीएम विजय: शराबबंदी की ओर बढ़ाए कदम
अपनी टीम गठन के साथ ही मुख्यमंत्री विजय थलापति ने कड़े फैसले लेना भी शुरू कर दिया है। उन्होंने हाल ही में स्कूलों और मंदिरों के आसपास स्थित शराब के ठेकों को बंद करने का बड़ा ऐलान किया है। साथ ही, सदन में फ्लोर टेस्ट से पहले उन्हें अन्नाद्रमुक (AIADMK) के एक धड़े का समर्थन मिलना भी उनकी सरकार की मजबूती को दर्शाता है। अब देखना यह होगा कि राधान पंडित की ओएसडी के रूप में सलाह सरकार की दिशा और दशा तय करने में कितनी प्रभावी साबित होती है।
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