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शुभेंदु अधिकारी PA हत्याकांड: लखनऊ की हाईप्रोफाइल शादी से बलिया लौट रहा शूटर अयोध्या में गिरफ्तार

अयोध्या/बलिया। पश्चिम बंगाल के चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में कोलकाता पुलिस को एक बेहद चौंकाने वाली सफलता हाथ लगी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव (PA) की हत्या के तार उत्तर प्रदेश से जुड़ते दिख रहे हैं। पुलिस ने रविवार देर रात अयोध्या में घेराबंदी कर बलिया निवासी ठाकुर राज सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि राज सिंह ही इस हत्याकांड का मुख्य शूटर है।

नेताओं और अफसरों संग शादी में था मौजूद

गिरफ्तारी की टाइमिंग और स्थान ने सबको हैरान कर दिया है। राज सिंह तीन दिन पहले ही लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित एक बेहद हाईप्रोफाइल शादी में शामिल होने गया था। यह शादी पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के नाती और एमएलसी रविशंकर सिंह की बेटी की थी। राज सिंह के फेसबुक प्रोफाइल पर इस शादी की दर्जनों तस्वीरें मौजूद हैं, जिनमें वह बड़े राजनेताओं और पुलिस अधिकारियों के साथ मुस्कुराते हुए पोज दे रहा है।

अयोध्या में घेराबंदी कर दबोचा

लखनऊ से अपनी मां के साथ बलिया लौटते समय अयोध्या पुलिस की मदद से कोलकाता पुलिस ने उसे दबोच लिया। अयोध्या के एडीजी जोन प्रवीण कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि बिहार के बक्सर में पकड़े गए दो अन्य संदिग्धों से पूछताछ के बाद राज सिंह का नाम सामने आया था। कोलकाता पुलिस उसे अपने साथ पश्चिम बंगाल ले गई है।

मां का दावा: ‘बेटा कभी कोलकाता गया ही नहीं’

गिरफ्तारी के दौरान राज सिंह की मां ने कड़ा विरोध किया। बलिया में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने भावुक होकर कहा, “मेरा बेटा कभी कोलकाता गया ही नहीं। हमारी वहां कोई रिश्तेदारी भी नहीं है। हत्या वाले दिन वह घर पर था, हमारे घर के सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल लोकेशन चेक कर ली जाए।” मां के अनुसार, पुलिस ने केवल पूछताछ की बात कहकर उसे हिरासत में लिया था।

अपराधिक इतिहास और राजनीतिक रसूख

राज सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है:

  • पुराना केस: 13 अक्टूबर 2020 को बलिया में एक दिव्यांग अंडा दुकानदार की हत्या में भी उसका नाम आया था, जिसमें वह आरोपी है।

  • संगठन में पद: फेसबुक प्रोफाइल के अनुसार, वह अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा (उत्तर प्रदेश) का प्रदेश महासचिव है।

  • चुनावी तैयारी: वह चिलकहर ब्लॉक प्रमुख और सभासद पद के लिए दावेदारी पेश करने की तैयारी कर रहा था।

CBI को ट्रांसफर हो सकता है केस

चूंकि मामला एक हाई-प्रोफाइल राजनीतिक व्यक्ति के पीए की हत्या से जुड़ा है और इसके तार कई राज्यों (बंगाल, बिहार, यूपी) से जुड़े हैं, इसलिए इस मामले की जांच में अब केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका भी अहम हो गई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बलिया के इस युवक को बंगाल में हत्या की सुपारी किसने दी थी।