PM मोदी की ‘बचत अपील’ पर घमासान, अखिलेश यादव पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए जनता से की गई ‘बचत की अपील’ अब उत्तर प्रदेश की सियासत का केंद्र बन गई है। जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) इसे राष्ट्रहित में उठाया गया एक दूरदर्शी कदम बता रही है, वहीं विपक्षी दल खासकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की टिप्पणियों पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा का कहना है कि विपक्ष जनता के बीच भ्रम फैलाकर देश के विकास में बाधा डाल रहा है।

भाजपा का पलटवार: ‘विपक्ष को समझ नहीं आ रहा राष्ट्रहित’

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा कि पीएम मोदी की अपील जिसमें एक साल सोना न खरीदने, विदेश यात्रा टालने और ईंधन बचाने की बात कही गई है पूरी तरह से देश के विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित करने के लिए है। भाजपा ने कहा कि जब दुनिया ईरान-अमेरिका तनाव के कारण आर्थिक संकट से जूझ रही है, तब प्रधानमंत्री एक अभिभावक की तरह देश को आर्थिक ढाल प्रदान कर रहे हैं। भाजपा ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हर सकारात्मक पहल में नकारात्मकता खोज लेते हैं।

अखिलेश यादव के ‘भ्रम’ पर साधा निशाना

दरअसल, समाजवादी पार्टी की ओर से इस अपील को लेकर सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए गए थे। इस पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अखिलेश यादव जनता को गुमराह कर रहे हैं। भाजपा का तर्क है कि ईंधन की खपत कम करना और विदेशी मुद्रा बचाना आज की वैश्विक परिस्थितियों में ‘देशभक्ति’ का ही एक रूप है। पार्टी ने आरोप लगाया कि विपक्ष नहीं चाहता कि भारत आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने और विदेशी दबावों से मुक्त रहे।

पीएम मोदी के विजन को बताया ‘मास्टरस्ट्रोक’

उत्तर प्रदेश भाजपा के नेताओं का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह विजन देश के मध्यम वर्ग और अर्थव्यवस्था को लंबे समय तक महंगाई के झटकों से बचाएगा। भाजपा ने स्पष्ट किया कि यह कोई ‘सख्ती’ नहीं बल्कि ‘सावधानी’ है। नेताओं ने कहा कि जिस तरह कोरोना काल में देश ने एकजुटता दिखाई थी, उसी तरह आज आर्थिक मोर्चे पर भी देश को एक साथ खड़े होने की जरूरत है। भाजपा कार्यकर्ताओं से भी अपील की गई है कि वे गांव-गांव जाकर प्रधानमंत्री के इस संदेश के पीछे के वैज्ञानिक और आर्थिक कारणों को समझाएं।

विदेशी मुद्रा भंडार और रुपये की मजबूती का तर्क

भाजपा ने डेटा का हवाला देते हुए कहा कि भारत का एक बड़ा पैसा सोने के आयात और तेल की खरीद में विदेशों में चला जाता है। अगर जनता एक साल के लिए अपनी आदतों में थोड़ा बदलाव करती है, तो इससे रुपये की वैल्यू बढ़ेगी और व्यापार घाटा कम होगा। पार्टी ने अखिलेश यादव को सलाह दी कि वे राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण के इस आह्वान का समर्थन करें, न कि इसे राजनीतिक चश्मे से देखकर जनता में भ्रम पैदा करें।