स्मोकिंग करने वाले हो जाएं सावधान,वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी, सोशल स्मोकिंग भी है जानलेवा

अक्सर लोग खुद को यह कहकर तसल्ली देते हैं कि “मैं तो बस कभी-कभी स्मोकिंग करता हूँ” या “पार्टी में दोस्तों के साथ एक-दो सिगरेट से क्या होगा?” लेकिन हालिया शोध और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी आपकी इस धारणा को पूरी तरह बदल सकती है। जिसे हम ‘सोशल स्मोकिंग’ (Social Smoking) या ‘ओकेशनल स्मोकिंग’ (Occasional Smoking) समझकर हल्के में लेते हैं, वह वास्तव में शरीर के लिए उतनी ही खतरनाक हो सकती है जितनी कि रोजाना सिगरेट पीना।

‘सोशल स्मोकिंग’ का भ्रम और शरीर पर प्रहार

ज्यादातर लोग मानते हैं कि अगर वे दिन भर में सिगरेट का पूरा पैकेट खत्म नहीं कर रहे हैं, तो वे सुरक्षित हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि स्मोकिंग के मामले में ‘सुरक्षित मात्रा’ (Safe Limit) जैसा कुछ नहीं होता। जब आप ‘कभी-कभी’ भी सिगरेट पीते हैं, तो निकोटीन और उसमें मौजूद सैकड़ों जहरीले रसायन तुरंत आपके रक्तप्रवाह में मिल जाते हैं। यह आपकी धमनियों को सख्त कर देता है और रक्तचाप (Blood Pressure) को अचानक बढ़ा देता है, जिससे दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है।

फेफड़ों और हृदय के लिए ‘साइलेंट किलर’

शोध के अनुसार, जो लोग रोजाना स्मोकिंग नहीं करते, उनमें भी फेफड़ों के कैंसर और हृदय रोगों का खतरा सामान्य व्यक्ति की तुलना में काफी अधिक होता है। ‘ओकेशनल स्मोकिंग’ सीधे तौर पर आपके एंडोथेलियल फंक्शन (धमनियों की अंदरूनी परत) को नुकसान पहुंचाती है। एक सिंगल सिगरेट भी शरीर में सूजन (Inflammation) पैदा कर सकती है, जो लंबे समय में गंभीर बीमारियों का आधार बनती है। इसके अलावा, कभी-कभार पीने वालों में अस्थमा और सांस संबंधी बीमारियों का जोखिम भी बना रहता है।

लत की ओर पहला कदम

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि सोशल स्मोकिंग अक्सर एक ‘फिसलन भरी ढलान’ की तरह होती है। शराब के साथ या तनाव के दौरान कभी-कभार ली गई सिगरेट कब नियमित आदत में बदल जाती है, इसका पता भी नहीं चलता। मस्तिष्क में निकोटीन रिसेप्टर्स एक बार सक्रिय होने के बाद बार-बार उसी ‘किक’ की मांग करते हैं, जिससे अंततः व्यक्ति पूरी तरह से तंबाकू पर निर्भर हो जाता है।

क्या कहता है विज्ञान?

विभिन्न हृदय स्वास्थ्य निकायों द्वारा किए गए अध्ययनों से पता चलता है कि सोशल स्मोकर्स में हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल होने की संभावना नियमित स्मोकर्स के लगभग बराबर होती है। इसका मतलब है कि आप चाहे महीने में चार सिगरेट पिएं या दिन में चार, आपके कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम (हृदय प्रणाली) को होने वाला नुकसान काफी गंभीर होता है। इसलिए, स्वस्थ रहने का एकमात्र तरीका सिगरेट की संख्या ‘कम करना’ नहीं, बल्कि इसे ‘पूरी तरह छोड़ना’ है।