यूपी में ट्रेन जिहाद? कानपुर शताब्दी और राजधानी समेत 3 ट्रेनों पर पथराव, शीशे टूटे

कानपुर/इटावा: उत्तर प्रदेश में रेल यात्रा एक बार फिर असुरक्षित नजर आने लगी है। शनिवार देर शाम उत्तर प्रदेश के अलग-अलग रेल खंडों पर असमाजिक तत्वों ने खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। कानपुर शताब्दी और डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस जैसी हाई-प्रोफाइल ट्रेनों समेत कुल तीन ट्रेनों को निशाना बनाकर जोरदार पथराव किया गया। इस घटना में शताब्दी एक्सप्रेस के कोच नंबर C-2 और C-4 के शीशे चकनाचूर हो गए, जिससे अंदर बैठे यात्रियों में दहशत फैल गई। गनीमत रही कि किसी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन इस हमले ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अंधेरे का फायदा उठाकर हुआ हमला, दहल गए यात्री

जानकारी के अनुसार, पहली घटना इटावा और कानपुर के बीच हुई। जब नई दिल्ली से कानपुर आ रही शताब्दी एक्सप्रेस अपनी पूरी रफ्तार में थी, तभी झाड़ियों में छिपे उपद्रवियों ने अचानक पत्थरों से हमला बोल दिया। पत्थरों की चोट इतनी जोरदार थी कि खिड़कियों के मोटे शीशे टूटकर अंदर गिर गए। ट्रेन में सवार यात्री सुमित कुमार ने बताया, “अचानक जोर से आवाज हुई और शीशा टूट गया। हमें लगा कि कोई बड़ा हादसा हो गया है, बच्चे डर के मारे चीखने लगे।”

राजधानी एक्सप्रेस भी नहीं रही सुरक्षित

शताब्दी पर हमले के कुछ ही समय बाद, उसी रूट से गुजर रही डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस पर भी पथराव की खबर मिली। इसके अलावा एक अन्य सुपरफास्ट ट्रेन पर भी इसी तरह का हमला हुआ। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकता है, क्योंकि एक ही शाम को तीन प्रमुख ट्रेनों को निशाना बनाया गया है। घटना के तुरंत बाद आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) की टीमें अलर्ट हो गईं और मौके पर छानबीन शुरू की गई।

रेलवे की कड़ी कार्रवाई: अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज

उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। आरपीएफ ने अज्ञात अराजक तत्वों के खिलाफ रेलवे एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। संदिग्ध इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और आसपास के गांवों के लोगों से पूछताछ की जा रही है। रेलवे ने चेतावनी दी है कि रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और यात्रियों की जान खतरे में डालने वालों के खिलाफ रासुका (NSA) जैसी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

क्या है ‘ट्रेन जिहाद’ का एंगल?

सोशल मीडिया पर इस घटना के बाद ‘ट्रेन जिहाद’ और ‘साजिश’ जैसे शब्द ट्रेंड करने लगे हैं। पिछले कुछ महीनों में यूपी और राजस्थान में रेल पटरियों पर गैस सिलेंडर, लोहे के खंभे और पत्थर मिलने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इन घटनाओं के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है जो देश की लाइफलाइन यानी रेलवे को अस्थिर करना चाहता है