
आज शनिवार, 9 मई 2026 को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज का दिन आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आज ‘कालाष्टमी’ (Kalashtami) और ‘मासिक कृष्ण जन्माष्टमी’ (Masik Krishna Janmashtami) का एक साथ दुर्लभ संयोग बन रहा है। आज के दिन भगवान काल भैरव और भगवान श्री कृष्ण की आराधना करने से जीवन के सभी कष्टों और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है।
आज की तिथि और नक्षत्र का विवरण
पंचांग के अनुसार, आज का दिन ग्रहों और नक्षत्रों की विशेष स्थिति को दर्शा रहा है:
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तिथि: अष्टमी तिथि (शाम 05:42 बजे तक, इसके बाद नवमी तिथि शुरू)।
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नक्षत्र: श्रवण नक्षत्र (आज पूरे दिन और रात तक प्रभावी रहेगा)।
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योग: ब्रह्म योग (सुबह से लेकर देर रात तक)।
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करण: कौलव और तैतिल।
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चंद्र राशि: आज चंद्रमा मकर राशि में विराजमान रहेंगे, जो कार्यक्षेत्र में अनुशासन और सफलता का प्रतीक है।
आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त (9 मई 2026)
किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले मुहूर्त का ध्यान रखना अनिवार्य है:
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अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:51 से दोपहर 12:44 तक (यह समय किसी भी कार्य की शुरुआत के लिए सर्वश्रेष्ठ है)।
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अमृत काल: रात 08:30 से रात 10:15 तक।
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राहुकाल (अशुभ समय): सुबह 09:05 से सुबह 10:45 तक। राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण कार्यों और लेनदेन से बचना चाहिए।
कालाष्टमी और कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा का महत्व
आज कालाष्टमी होने के कारण भगवान शिव के रौद्र रूप ‘काल भैरव’ की पूजा का विधान है। मान्यता है कि आज के दिन भैरव चालीसा का पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जा और भय समाप्त होता है। वहीं, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कान्हा के भक्त व्रत रखते हैं और मध्यरात्रि में लड्डू गोपाल का अभिषेक करते हैं। आज के दिन ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करना विशेष फलदायी माना गया है।
आज का विशेष उपाय: शनि दोष से मिलेगी मुक्ति
आज शनिवार का दिन है और वैशाख अष्टमी का संयोग है। यदि आपकी कुंडली में शनि की साढ़े साती या ढैय्या चल रही है, तो आज शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं। साथ ही, आज काले तिल और उड़द की दाल का दान करना आपके भाग्य के बंद दरवाजे खोल सकता है। आज के दिन काले कुत्ते को तेल लगी रोटी खिलाने से भगवान काल भैरव प्रसन्न होते हैं और दुर्घटनाओं से रक्षा करते हैं।
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