
ढोकला एक ऐसा गुजराती स्नैक है, जिसका नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। इसका खट्टा-मीठा स्वाद और हल्कापन इसे हर उम्र के लोगों का पसंदीदा बनाता है। अक्सर लोग घर पर ढोकला बनाने की कोशिश तो करते हैं, लेकिन शिकायत रहती है कि वह बाजार जैसा ‘सॉफ्ट’ और ‘फूला हुआ’ नहीं बना। कभी ढोकला बीच से बैठ जाता है तो कभी वह काफी सख्त हो जाता है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो समझ लीजिए कि आप कहीं न कहीं छोटी चूक कर रहे हैं।
आज हम आपको बताने जा रहे हैं वे 6 आम गलतियां, जिन्हें सुधार कर आप घर पर ही हलवाई जैसा जालीदार ढोकला तैयार कर सकते हैं।
1. सामग्री के माप में लापरवाही करना
ढोकला बनाने में सारा खेल ‘अनुपात’ का है। बेसन, पानी और दही की सही मात्रा ही ढोकले का टेक्सचर तय करती है। अगर आपने अंदाजे से बेसन कम डाल दिया, तो ढोकला ठीक से सेट नहीं होगा। वहीं, ज्यादा दही इसे जरूरत से ज्यादा खट्टा और चिपचिपा बना सकती है। हमेशा एक निश्चित कप या कटोरी का इस्तेमाल माप के लिए करें ताकि बैटर संतुलित रहे।
2. बैटर की गलत कंसिस्टेंसी (बनावट)
ढोकले का घोल न तो बहुत ज्यादा गाढ़ा होना चाहिए और न ही बहुत ज्यादा पतला। अगर बैटर गाढ़ा होगा, तो स्टीम होने के बाद वह पत्थर जैसा सख्त हो जाएगा। वहीं, बहुत ज्यादा पतला घोल ढोकले को फुलाने के बजाय उसे ‘फ्लैट’ और गीला कर देगा। एक आदर्श बैटर ‘रिबन कंसिस्टेंसी’ का होना चाहिए, जो आसानी से गिरे लेकिन पानी जैसा न हो।
3. फर्मेंटेशन की प्रक्रिया को नजरअंदाज करना
ढोकला को जालीदार बनाने के लिए फर्मेंटेशन (खमीर उठाना) सबसे जरूरी स्टेप है। अगर आप बैटर को सही समय तक नहीं छोड़ते हैं, तो वह भारी हो जाएगा। ध्यान रखें कि फर्मेंटेशन का समय मौसम पर निर्भर करता है। गर्मियों में यह 4-5 घंटे में तैयार हो जाता है, जबकि सर्दियों में इसे थोड़ा ज्यादा समय और गर्म जगह की जरूरत होती है। हालांकि, इंस्टेंट ढोकला के लिए भी बैटर को 10-15 मिनट का रेस्ट देना फायदेमंद होता है।
4. फ्रूट सॉल्ट (Eno) या सोडा डालने की टाइमिंग
सबसे बड़ी गलती यहीं होती है। कई लोग बैटर में फ्रूट सॉल्ट या बेकिंग सोडा डालकर उसे घंटों रख देते हैं। ऐसा करने से सोडा का असर खत्म हो जाता है और ढोकला फूलता नहीं है। हमेशा याद रखें कि फ्रूट सॉल्ट तभी मिलाएं जब आपका स्टीमर (कढ़ाई या कुकर) पूरी तरह गर्म हो जाए और आप ढोकला प्लेट अंदर रखने वाले हों। सोडा डालने के बाद बैटर को बहुत ज्यादा नहीं फेंटना चाहिए।
5. स्टीमिंग के दौरान बार-बार ढक्कन खोलना
ढोकले को सही तरीके से पकने के लिए लगातार भाप की जरूरत होती है। अगर आप बार-बार चेक करने के लिए ढक्कन खोलते हैं, तो स्टीम बाहर निकल जाती है और तापमान गिर जाता है, जिससे ढोकला ठीक से नहीं फूलता। इसे मध्यम आंच पर कम से कम 15-20 मिनट तक स्टीम होने दें। पकने की जांच के लिए टूथपिक का उपयोग करें; अगर वह साफ बाहर आए, तो समझें ढोकला तैयार है।
6. तड़के में पानी और चीनी का इस्तेमाल न करना
ढोकला बनने के बाद वह अक्सर सूखा महसूस होता है। इसका कारण है सही तड़का न लगाना। सिर्फ राई और कड़ी पत्ता पर्याप्त नहीं है। तड़के में पानी, चीनी और थोड़ा नींबू का रस जरूर डालें। जब यह तड़का पानी हल्का गुनगुना हो, तब इसे ठंडे ढोकले पर डालें। इससे ढोकला पानी सोख लेता है और अंदर तक रसीला और सॉफ्ट बना रहता है।
girls globe