
पटना। बिहार की राजनीति में आज का दिन बड़े बदलावों का गवाह बना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार के मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार आखिरकार पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में संपन्न हो गया। इस विस्तार में भाजपा ने जहां कुछ पुराने दिग्गजों को विश्राम दिया है, वहीं क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने के लिए कई नए चेहरों पर भरोसा जताया है।
मंगल पांडेय समेत तीन पुराने मंत्रियों की छुट्टी
भाजपा कोटे की सूची में सबसे चौंकाने वाला बदलाव कद्दावर नेता मंगल पांडेय का नाम कटना रहा। पश्चिम बंगाल चुनाव में पार्टी की बड़ी जीत के सूत्रधार माने जाने वाले मंगल पांडेय पिछली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे। उनके साथ ही सुरेंद्र मेहता (पूर्व डेयरी एवं पशुपालन मंत्री) और नारायण प्रसाद (पूर्व आपदा प्रबंधन मंत्री) की भी मंत्रिमंडल में वापसी नहीं हुई है। चर्चा है कि मंगल पांडेय को अब भाजपा के राष्ट्रीय संगठन (नितिन नवीन की टीम) में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
नीतीश मिश्रा और केदार गुप्ता की ससम्मान वापसी
कैबिनेट में अनुभवी नेताओं को फिर से मौका दिया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के पुत्र नीतीश मिश्रा की मंत्रिमंडल में वापसी हुई है। वे पहले भी कई बार मंत्री रह चुके हैं और भाजपा के शिक्षित एवं अनुभवी चेहरों में गिने जाते हैं। उनके साथ ही मुजफ्फरपुर की कुढ़नी सीट से दबदबा रखने वाले केदार गुप्ता ने भी मंत्री पद की शपथ ली है।
भाजपा के 4 नए ‘शूरवीर’: पहली बार बने मंत्री
पार्टी ने इस बार युवा और क्षेत्रीय नेतृत्व को बढ़ावा देते हुए चार विधायकों को पहली बार मंत्रिमंडल में शामिल किया है:
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इंजीनियर शैलेंद्र कुमार: बिहपुर (भागलपुर) से तीन बार के विधायक।
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मिथिलेश तिवारी: बैकुंठपुर (गोपालगंज) से दूसरी बार के विधायक।
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नंदकिशोर राम: रामनगर (पश्चिम चंपारण) सीट से पहली बार के विजेता।
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रामचंद्र प्रसाद: हायाघाट (दरभंगा) से दूसरी बार के एमएलए।
निशांत कुमार की एंट्री: बिहार की राजनीति में नया अध्याय
इस शपथ ग्रहण की सबसे चर्चित खबर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार का मंत्री बनना रही। राजनीति से दूर रहने वाले निशांत ने आखिरकार जदयू कोटे से मंत्री पद की शपथ लेकर सक्रिय राजनीति में कदम रख दिया है। जानकारों का मानना है कि यह जदयू में ‘पीढ़ी परिवर्तन’ और भविष्य की राजनीति का स्पष्ट संकेत है।
सत्ता का नया समीकरण और खाली सीट का सस्पेंस
सम्राट चौधरी सरकार में अब मुख्यमंत्री समेत कुल 35 मंत्री पद तय हैं, जिनमें से 32 ने आज शपथ ली। एक सीट को फिलहाल खाली रखा गया है, जिसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एनडीए के घटक दलों (भाजपा, जदयू, एलजेपी-आर, हम और आरएलएम) के बीच विभागों का बंटवारा भी जल्द ही कर दिया जाएगा।
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