2 साल की लड़ाई के बाद हुई मां की जीत, बेटे के कातिल का ढूंढा था CCTV फुटेज, अब हुआ अरेस्ट

देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में बेटे को खो चुकी मां की लड़ाई आखिर रंग लाई। करीब दो साल बाद पुलिस ने उस डंपर चालक को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने लापरवाही से वाहन चलाते हुए युवक की जान ले ली थी।

साक्ष्य के अभाव में पुलिस ने लगा दी थी फाइनल रिपोर्ट

मामला 16 फरवरी 2024 का है, जब एक सड़क हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था और बाद में उसकी मौत हो गई। बेटे का अंतिम संस्कार करने के बाद 19 फरवरी को मां ललिता चौधरी ने अज्ञात डंपर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। लेकिन इसके बाद जांच आगे नहीं बढ़ी और अक्टूबर 2024 में पुलिस ने साक्ष्य के अभाव में फाइनल रिपोर्ट लगा दी।

मां ने पुलिस को सौंपे अहम सबूत

बेटे को न्याय दिलाने के लिए मां ने हार नहीं मानी। उन्होंने खुद ही करीब 100 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और उस डंपर का पता लगाया, जिसने उनके बेटे को कुचला था। इसके बाद ललिता चौधरी ने पूरी जानकारी देहरादून एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने कोतवाली प्रेमनगर पुलिस को दोबारा जांच के निर्देश दिए।

2 साल बाद गिरफ्तार हुआ आरोपी

न्यायालय से पुनर्विवेचना की अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने नई टीम गठित कर जांच शुरू की। पुराने साक्ष्यों के साथ नए तथ्यों को जोड़ते हुए पुलिस ने वाहन संख्या UK-07-CB-6929 को कब्जे में लिया। जांच के दौरान पता चला कि हादसे के समय यह वाहन दल बहादुर चला रहा था। पुलिस ने 5 मई 2026 को आरोपी दल बहादुर को गिरफ्तार किया।

अन्य आरोपी की तलाश जारी

पूछताछ में उसने बताया कि घटना के बाद उसने वाहन मालिक को हादसे की जानकारी दे दी थी, जिसके बाद उसे कहीं और भेज दिया गया था। पुलिस अब इस मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश में जुटी है। इस पूरे मामले में एक मां की हिम्मत और संघर्ष ने यह साबित कर दिया कि अगर इंसान ठान ले, तो न्याय की राह खुद बन जाती है।