
हल्द्वानी के बनभूलपुरा दंगों से जुड़े मामले में राज्य सरकार को बड़ी कानूनी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने नैनीताल होईकोर्ट द्वारा दो मुख्य आरोपियों को दी गई डिफॉल्ट जमानत को रद्द कर दिया है और आरोपियों को दो हफ्तों में सरेंडर करने का आदेश दिया है।
उपद्रवियों को दोबारा चिन्हित करेगी पुलिस
उधर पुलिस ने भी इस मामले में जांच तेज़ कर दी है। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि एसपी सिटी मनोज कत्याल, सीओ सिटी अमित सैनी के अलावा हल्द्वानी कोतवाल और बनभूलपुरा थाने को विस्तृत जांच सौंपी गई है। वहीं पुलिस अब सर्विलांस और वीडियो फुटेज के आधार पर दंगा और उपद्रव करने वाले लोगों की दोबारा पहचान कर रही है। एसएसपी ने साफ कर दिया है कि घटना में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
8 फरवरी को बनभूलपुरा में हुई थी हिंसा
गौरतलब है कि 8 फरवरी को बनभूलपुरा क्षेत्र में हुई हिंसा में नगर निगम और पुलिस के कई कर्मचारी घायल हो गए थे। उपद्रवियों ने पुलिस की पिस्टल छीन ली थी और सरकारी वाहन को आग के हवाले कर दिया था। घटना के बाद से ही पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश और जांच में जुटी हुई है।
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