
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनहेल्दी लाइफस्टाइल हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंग यानी लिवर को चुपके से निशाना बना रही है। ‘फैटी लिवर’ (Fatty Liver) की समस्या अब इतनी आम हो गई है कि हर दूसरा व्यक्ति इसकी चपेट में है। चौंकाने वाली बात यह है कि कई लोग इसे केवल ज्यादा तला-भुना खाने से जोड़कर देखते हैं, लेकिन हकीकत में आपकी रोजमर्रा की कुछ मामूली दिखने वाली आदतें भी लिवर पर चर्बी जमा कर रही हैं। इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि शुरुआत में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन अनदेखी करने पर यह लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
1. मीठे का ज्यादा मोह पड़ सकता है भारी
क्या आप जानते हैं कि ज्यादा चीनी खाना आपके लिवर के लिए शराब जितना ही खतरनाक हो सकता है? रिसर्च के मुताबिक, रिफाइंड शुगर और फ्रुक्टोज से भरपूर चीजें जैसे कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेट बंद जूस और मिठाइयां फैटी लिवर की सबसे बड़ी वजह हैं। जब हम जरूरत से ज्यादा मीठा खाते हैं, तो हमारा लिवर उस एक्स्ट्रा शुगर को पचा नहीं पाता और उसे फैट (चर्बी) में बदलने लगता है। यही फैट धीरे-धीरे लिवर की कोशिकाओं में जमा होकर उसे बीमार बना देता है।
2. घंटों बैठकर काम करना और फिजिकल इनएक्टिविटी
आजकल का ‘वर्क फ्रॉम होम’ कल्चर या ऑफिस में घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना लिवर के लिए दुश्मन साबित हो रहा है। अगर आप दिनभर में कोई फिजिकल एक्टिविटी या एक्सरसाइज नहीं करते हैं, तो शरीर की कैलोरी बर्न नहीं होती। इससे शरीर में फैट तेजी से जमा होने लगता है और लिवर इस फैट को प्रोसेस करने में असमर्थ हो जाता है। एक सुस्त जीवनशैली लिवर के फंक्शन को धीमा कर देती है, जिससे फैटी लिवर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
3. अधूरी नींद और बिगड़ा हुआ स्लीप रूटीन
देर रात तक जागना और सुबह देर से उठना सिर्फ आंखों के नीचे काले घेरे ही नहीं लाता, बल्कि आपके मेटाबॉलिज्म को भी बुरी तरह बिगाड़ देता है। लिवर रात के समय शरीर के टॉक्सिन्स (जहरीले तत्व) को साफ करने का काम करता है। जब हम पर्याप्त नींद नहीं लेते, तो यह प्रक्रिया बाधित हो जाती है। नींद की कमी से शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है, जो सीधे तौर पर लिवर में फैट जमा होने का कारण बनता है।
4. तनाव और मानसिक थकान का लिवर पर असर
शायद आपको यह जानकर हैरानी हो, लेकिन आपका मानसिक तनाव (Stress) आपके लिवर को भी थका देता है। लगातार स्ट्रेस में रहने से शरीर में कोर्टिसोल जैसे हार्मोन्स का लेवल बढ़ जाता है, जो लिवर की कार्यक्षमता को प्रभावित करते हैं। इतना ही नहीं, तनाव के कारण अक्सर लोग ‘इमोशनल ईटिंग’ का शिकार हो जाते हैं और बिना भूख के अनहेल्दी चीजें खाने लगते हैं, जो फैटी लिवर की समस्या को और गंभीर बना देता है।
5. अचानक बढ़ता वजन और मोटापा
तेजी से वजन बढ़ना फैटी लिवर का सबसे स्पष्ट संकेत और कारण है। जब शरीर का वजन नियंत्रित नहीं रहता, तो एक्स्ट्रा फैट केवल पेट या कमर पर ही नहीं दिखता, बल्कि वह लिवर जैसे आंतरिक अंगों के चारों ओर भी जमा होने लगता है। मोटापे के कारण लिवर में सूजन आने लगती है, जिसे मेडिकल भाषा में ‘स्टीटोहेपेटाइटिस’ कहा जाता है। इसलिए वजन को काबू में रखना ही स्वस्थ लिवर की पहली शर्त है।
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