सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार, 4 मई 2026 को भारतीय सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। ग्लोबल मार्केट से मिल रहे संकेतों और घरेलू मांग में सुस्ती के चलते देश के सभी प्रमुख शहरों में सोने के भाव नीचे आए हैं। शादियों के सीजन के बीच कीमतों में आई यह कमी उन ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर है, जो खरीदारी की योजना बना रहे थे।
सोने की कीमतों में गिरावट: दिल्ली-मुंबई में क्या है हाल?
राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने की कीमत गिरकर ₹1,51,220 प्रति 10 ग्राम पर आ गई है, जबकि 22 कैरेट (ज्वेलरी गोल्ड) का भाव ₹1,38,490 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं, मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोना ₹1,50,920 और 22 कैरेट ₹1,38,340 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
पिछले एक सप्ताह के रुझान को देखें तो सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। एक सप्ताह के भीतर 24 कैरेट सोना ₹2,960 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हुआ है, वहीं 22 कैरेट के भाव में ₹2,850 की कमी आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी नरमी का रुख है और हाजिर सोना $4,627.63 प्रति औंस के करीब बना हुआ है।
प्रमुख शहरों में आज के ताजा भाव (4 मई 2026)
| शहर | 22 कैरेट गोल्ड (₹/10 ग्राम) | 24 कैरेट गोल्ड (₹/10 ग्राम) |
| दिल्ली | 1,38,490 | 1,51,220 |
| मुंबई | 1,38,340 | 1,50,920 |
| चेन्नई | 1,39,990 | 1,52,720 |
| कोलकाता | 1,38,340 | 1,50,920 |
| अहमदाबाद | 1,38,390 | 1,51,020 |
| जयपुर/लखनऊ | 1,38,490 | 1,51,220 |
चांदी की चमक भी हुई फीकी
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी आज सुबह गिरावट देखी गई। 4 मई की सुबह चांदी का भाव ₹2,64,900 प्रति किलोग्राम पर दर्ज किया गया। हालांकि, साप्ताहिक आधार पर चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है और पिछले सात दिनों में यह ₹5,000 तक महंगी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी $75.91 प्रति औंस पर स्थिर है। याद दिला दें कि इसी साल जनवरी में चांदी ₹4 लाख प्रति किलो के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई थी।
भाव गिरने के पीछे की मुख्य वजहें
सराफा विशेषज्ञों के अनुसार, सोने-चांदी की कीमतों में इस बदलाव के पीछे घरेलू और वैश्विक दोनों कारक जिम्मेदार हैं:
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ग्लोबल मार्केट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर आने वाले संकेतों से सोने पर दबाव बना हुआ है।
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रुपये की स्थिति: डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल भी स्थानीय कीमतों को प्रभावित करती है।
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डिमांड और सप्लाई: शादियों के सीजन के बावजूद ऊंचे भावों के कारण घरेलू मांग में आई स्थिरता ने भी कीमतों को नीचे धकेला है।
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