
पत्रकार हेम भट्ट को देहरादून पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद कई घंटों की पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। जिसके बाद पत्रकार ने आपबीती सुनाई। भट्ट ने वीडियो जारी कर कहा कि इस घटना के बाद से वो और उनका परिवार सदमे में है।
अपराधी की तरह घसीटते हुए घर से ले गई थी पुलिस: भट्ट
दरअसल ये मामला शुरू होता है पत्रकार हेम भट्ट के घर से, जहां पुलिस उन्हें किसी बड़े अपराधी की तरह घसीटते हुए सुबह 4 बजे उनके घर से उठा ले गई। हेम भट्ट की पत्नी दिव्या भट्ट ने कहा कि सुबह 7 से 8 लोग उनके घर में घुसे, जिनमें से सिर्फ एक वर्दी में था।
दिव्या भट्ट ने कहा कि बीच-बचाव करने पर वहां आए पुलिसकर्मियों ने उनसे धक्का-मुक्की भी की। यही नहीं हिरासत में लेने के दौरान उन्होंने पत्रकार पर हाथ तक उठा दिए और घसीटते हुए ले गए। घंटों की पूछताछ, जांच पड़ताल और उनके खिलाफ कोई सबूत न मिलने के बाद पुलिस ने पत्रकार हेम भट्ट को रिहा कर दिया।
पत्रकार को हिरासत में लेने के सामने आया था विधायक का बयान
शुरुआत में इस पूरी घटना के तार बीजेपी विधायक अरविंद पांडेय से भी जोड़े गए। बिजेपी विधायक अरविंद पांडेय ने अपने एक बयान में कहा था कि हेम भट्ट का गुनाह सिर्फ इतना था कि उन्होंने हाल ही में मेरा इंटरव्यू लिया था।
वहीं दूसरी तरफ इस मामले में एसपी सिटी प्रमोद कुमार का कहना है कि भूमाफिया प्रदीप सकलानी, जिस पर 26 मुकदमे दर्ज हैं, उसने पूछताछ में हेम भट्ट का नाम लिया था। पुलिस को शक था कि हेम भट्ट उस अपराधी को बचाने और सेटिंग कराने में मदद कर रहे थे। इसी शक की बिनाह पर उन्हें पूछताछ के लिए लाया गया था।
पत्रकार हेम भट्ट ने सुनाई आप बीती
पुलिस के रिहा होने के बाद पत्रकार हेम भट्ट ने एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में पत्रकार ने बताया कि पुलिस ने सुबह चार बजे उन्हें उनके घर से किसी आतंकी की तरह उठाया। वहां से उन्हें अलग-अलग अनजान जगहों पर ले गए। पत्रकार ने कहा आशंका तो ये भी होने लगी थी कि शायद आज उनका एनकाउंटर कर दिया जाएगा।
पत्रकार हेम भट्ट ने दी परिवार के साथ धरने पर बैठने की चेतावनी
हेम भट्ट ने कहा कि वो प्रदीप सकलानी नाम के किसी भी शख्स को नहीं जानते हैं। हालांकि पत्रकार हेम भट्ट ने कहा कि मेरी इमानदारी पर चोट मारी गई है। मुझे बेइज्जत किया गया। भट्ट ने मांग की है कि पुलिस अपनी गलती माने, वरना वो अपने परिवार के साथ PHQ के बाहर धरने पर बैठेंगे।
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