News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शनिवार (25 अप्रैल 2026) को एक विरोध प्रदर्शन के दौरान बहराइच सदर से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अनुपमा जायसवाल गंभीर रूप से झुलस गईं। यह हादसा उस वक्त हुआ जब वह विपक्षी पार्टी के नेताओं का पुतला फूंक रही थीं। पुतले में अचानक भड़की आग की लपटों ने विधायक को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उनके चेहरे और शरीर के कुछ हिस्सों पर गंभीर चोटें आई हैं।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम के तहत कलेक्ट्रेट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। विधायक अनुपमा जायसवाल अन्य कार्यकर्ताओं के साथ विपक्षी नेताओं का पुतला फूंक रही थीं।
अचानक भड़की लपटें: जैसे ही पुतले में आग लगाई गई, उसमें इस्तेमाल किए गए ज्वलनशील पदार्थ (संभवतः डीजल या पेट्रोल) के कारण लपटें अचानक तेजी से ऊपर उठीं।
चेहरा आया जद में: विधायक पुतले के काफी करीब खड़ी थीं, जिसके कारण आग की लपटें सीधे उनके चेहरे और गले तक पहुंच गईं। घटना के तुरंत बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन में उन्हें अपनी गाड़ी से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।
स्वास्थ्य अपडेट: स्थिति खतरे से बाहर
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के अनुसार, विधायक अनुपमा जायसवाल का चेहरा करीब 4 प्रतिशत झुलस गया है।
विशेषज्ञों की निगरानी: सर्जन और त्वचा रोग विशेषज्ञों की एक विशेष टीम उनके इलाज में लगी है। राहत की बात यह है कि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और उन्हें प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
प्रभारी मंत्री पहुंचे अस्पताल: हादसे की सूचना मिलते ही जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, डीएम और एसपी समेत कई आला अधिकारी मेडिकल कॉलेज पहुंचे और विधायक का हालचाल जाना।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने सार्वजनिक प्रदर्शनों के दौरान पुतला फूंकने जैसी गतिविधियों में बरती जाने वाली सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुतले में ज्वलनशील पदार्थ की मात्रा अधिक थी, जिसके कारण आग अनियंत्रित हो गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है कि क्या यह महज एक दुर्घटना थी या सुरक्षा में कोई बड़ी चूक हुई।
girls globe