News India Live, Digital Desk: जम्मू-कश्मीर में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। शनिवार (25 अप्रैल 2026) को घाटी के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर हो रही बारिश और ऊंचे पहाड़ों पर ताजा बर्फबारी के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ‘ज़ी न्यूज़’ की रिपोर्ट के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से पूरे केंद्र शासित प्रदेश में मौसम मिजाज बिगड़ा हुआ है, जिससे अप्रैल के अंत में भी लोगों को गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर होना पड़ा है।
पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में झमाझम
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों तक मौसम का यही मिजाज बने रहने की संभावना है:
ताजा बर्फबारी: गुलमर्ग, सोनमर्ग, पहलगाम के ऊपरी इलाकों और जोजिला पास पर हल्की से मध्यम बर्फबारी हुई है। ताजा हिमपात के कारण पहाड़ों पर तापमान शून्य के करीब पहुंच गया है।
मैदानी इलाकों में बारिश: श्रीनगर समेत कश्मीर के मैदानी इलाकों और जम्मू संभाग के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हुई है।
तेज हवाएं: घाटी में 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं ने कनकनी बढ़ा दी है।
जम्मू संभाग: गर्मी और बारिश का अनोखा संगम
हैरानी की बात यह है कि जहां कश्मीर और जम्मू के पहाड़ी जिले (डोडा, किश्तवाड़, रामबन) ठंड की चपेट में हैं, वहीं जम्मू शहर और आसपास के मैदानी जिलों (सांबा, कठुआ) में अभी भी तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है।
तापमान: जम्मू शहर में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, लेकिन शाम को चलने वाली ठंडी हवाओं से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
हीटवेव की चेतावनी: मौसम विभाग ने जम्मू संभाग के मैदानी इलाकों के लिए अभी भी हीटवेव का अलर्ट जारी रखा है।
यात्रियों और किसानों के लिए एडवायजरी
मौसम विभाग और प्रशासन ने बिगड़ते हालात को देखते हुए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
यात्रियों के लिए: श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे और मुगल रोड पर यात्रा करने वाले लोग निकलने से पहले कंट्रोल रूम से संपर्क करें, क्योंकि बारिश और बर्फबारी के कारण भूस्खलन (Landslides) का खतरा बढ़ गया है।
किसानों के लिए: बागवानी और कृषि कार्यों (खासकर कीटनाशक छिड़काव) को फिलहाल टालने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज हवाएं और बारिश दवाओं के असर को खत्म कर सकती हैं।
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