News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी सरगर्मी तेज होते ही समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने किसानों को साधने के लिए घोषणाओं का पिटारा खोल दिया है। ‘लाइव हिंदुस्तान’ की रिपोर्ट के अनुसार, अखिलेश यादव ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए वादा किया है कि यदि उनकी सरकार सत्ता में आती है, तो किसानों की सबसे बड़ी समस्या यानी ‘गन्ना भुगतान’ का समाधान मात्र 24 घंटे के भीतर किया जाएगा।
किसानों के लिए ‘सपा’ के बड़े चुनावी वादे
अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य की मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं:
24 घंटे में गन्ना भुगतान: उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्ता संभालते ही ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी जिससे किसानों के बैंक खातों में गन्ने की पर्दी कटने के 24 घंटे के भीतर पैसा पहुंच जाए।
23 फसलों पर MSP: अखिलेश ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों का हवाला देते हुए वादा किया कि उनकी सरकार 23 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देगी।
कर्ज माफी का संकेत: उन्होंने संकेत दिया कि छोटे और सीमांत किसानों के पुराने कर्ज को माफ करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएंगे।
मुफ्त बिजली और सिंचाई: किसानों को खेती के लिए मुफ्त बिजली और सिंचाई की सुविधाओं को और बेहतर बनाने का भरोसा दिलाया।
“बीजेपी ने किसानों को धोखा दिया”
अपने संबोधन के दौरान सपा प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का जो वादा किया था, वह पूरी तरह खोखला साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई के कारण खेती की लागत बढ़ गई है और किसान आवारा पशुओं की समस्या से त्रस्त हैं।
राजनीतिक मायने
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई के इलाकों में गन्ना किसान एक बहुत बड़ा वोट बैंक हैं। अखिलेश यादव की ’24 घंटे में भुगतान’ वाली घोषणा सीधे तौर पर इन क्षेत्रों के किसानों को प्रभावित करने की कोशिश है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि MSP की कानूनी गारंटी का मुद्दा उठाकर सपा ने किसान आंदोलन के बाद उपजे असंतोष को भुनाने की रणनीति अपनाई है।
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