क्या UPI के लिए इंटरनेट जरूरी है? जानें बिना डेटा के पैसे भेजने का तरीका

डिजिटल भारत में चाय की टपरी से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल्स तक रोजमर्रा के लेन-देन के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) हमारी पहली आदत बन चुका है। आमतौर पर स्मार्टफोन पर गूगल पे, फोनपे या पेटीएम जैसे ऐप्स चलाते समय हमें हाई-स्पीड 4G या 5G इंटरनेट की जरूरत होती है। यही वजह है कि अधिकांश लोगों के मन में यह पक्का भ्रम बैठ चुका है कि बिना एक्टिव इंटरनेट या वाई-फाई कनेक्शन के यूपीआई काम ही नहीं कर सकता। लेकिन असलियत यह है कि यूपीआई पेमेंट करने के लिए इंटरनेट का होना अनिवार्य नहीं है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने देश के दूरदराज इलाकों, कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों और फीचर फोन (कीपैड मोबाइल) यूजर्स के लिए ऑफलाइन यूपीआई सिस्टम विकसित किया है। यदि आपका मोबाइल डेटा पैक खत्म हो गया है या आप किसी ऐसे बेसमेंट/पहाड़ी इलाके में हैं जहां इंटरनेट नहीं चल रहा, तब भी आप सामान्य मोबाइल नेटवर्क के जरिए सेकंडों में किसी को भी पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं।

एनपीसीआई द्वारा संचालित ‘*99#’ सेवा अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंट्री सर्विस डेटा (USSD) तकनीक पर काम करती है। यह वही तकनीक है जिससे पहले मोबाइल पर बैलेंस चेक किया जाता था। इसके लिए किसी डेटा पैक, स्मार्टफोन या थर्ड-पार्टी मोबाइल ऐप की जरूरत नहीं होती। यह सेवा देश के सभी प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर्स (Airtel, Jio, Vi, BSNL) और 80 से ज्यादा सरकारी व निजी बैंकों द्वारा समर्थित है। इसके जरिए प्रति ट्रांजैक्शन ₹5,000 तक की सुरक्षित राशि आसानी से भेजी जा सकती है। इस सेवा का इस्तेमाल करने के लिए केवल एक बुनियादी शर्त है—आपके फोन में वही सिम कार्ड सक्रिय होना चाहिए जो आपके बैंक खाते से लिंक है।

यदि आपने पहले कभी ऑफलाइन यूपीआई का इस्तेमाल नहीं किया है, तो इसे शुरू करने के लिए केवल एक बार 2 मिनट का सेटअप करना होता है:

  1. अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से फोन के डायलर में जाएं और *99# डायल करें।

  2. स्क्रीन पर 13 भाषाओं की सूची दिखेगी, अपनी पसंदीदा भाषा (जैसे हिंदी या अंग्रेजी) का नंबर चुनकर रिप्लाई करें।

  3. अब अपने बैंक के नाम के शुरुआती 3 अक्षर या बैंक का 4 अक्षरों वाला आईएफएससी (IFSC) कोड दर्ज करें।

  4. स्क्रीन पर आपके मोबाइल नंबर से जुड़े बैंक खातों की सूची आ जाएगी, अपने खाते का विकल्प नंबर चुनें।

  5. पहचान सत्यापन के लिए अपने डेबिट कार्ड के अंतिम 6 अंक और एक्सपायरी डेट दर्ज करें।

  6. यदि आपका यूपीआई पिन पहले से बना है तो वही पिन इस्तेमाल होगा, अन्यथा आप नया यूपीआई पिन सेट कर सकते हैं।

एक बार सेटअप पूरा हो जाने के बाद जब भी आपको ऑफलाइन पेमेंट करनी हो, तो नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करें:

  1. फोन डायलर से *99# डायल करें।

  2. स्क्रीन पर एक इंटरएक्टिव पॉप-अप मेनू खुलेगा, जिसमें कई विकल्प दिखेंगे। पैसे भेजने के लिए 1 (Send Money) दबाकर सेंड पर क्लिक करें।

  3. इसके बाद आपसे पूछा जाएगा कि आप पैसे किस माध्यम से भेजना चाहते हैं—मोबाइल नंबर (1), यूपीआई आईडी (3) या बैंक खाता और आईएफएससी (5)। अपनी सुविधा अनुसार नंबर दर्ज करें।

  4. प्राप्तकर्ता (Receiver) का मोबाइल नंबर या यूपीआई आईडी दर्ज करें।

  5. जितनी राशि भेजनी है (अधिकतम ₹5,000), वह राशि दर्ज करें और रिमार्क डालें।

  6. अंत में अपना 4 या 6 अंकों का सुरक्षित यूपीआई पिन दर्ज करें। पिन सबमिट करते ही स्क्रीन पर ट्रांजैक्शन सक्सेसफुल का मैसेज आ जाएगा और आपके खाते से पैसे कटकर तुरंत सामने वाले के खाते में पहुंच जाएंगे।

*99# कोड केवल पैसे भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए आप कई अन्य जरूरी बैंकिंग कार्य भी बिना इंटरनेट के कर सकते हैं:

  • बैलेंस चेक: मेनू में 3 नंबर दबाकर अपने बैंक खाते का उपलब्ध बैलेंस जान सकते हैं।

  • मिनी स्टेटमेंट: हाल ही में किए गए अंतिम 5 लेन-देन का विवरण देख सकते हैं।

  • पिन मैनेजमेंट: जरूरत पड़ने पर ऑफलाइन मोड में ही अपना यूपीआई पिन बदल सकते हैं।

इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा शुरू की गई ‘UPI 123PAY’ सेवा के जरिए वॉयस कॉल (IVR Number) के माध्यम से भी पेमेंट की जा सकती है। इसके तहत एनपीसीआई के आधिकारिक नंबर (जैसे 08045163666 या 6366200200) पर सामान्य कॉल मिलाकर, कंप्यूटर की आवाज के निर्देशों का पालन करते हुए केवल नंबर दबाकर और पिन डालकर किसी भी मर्चेंट या व्यक्ति को ऑफलाइन पैसा भेजा जा सकता है।

हालांकि ऑफलाइन यूपीआई पूरी तरह सुरक्षित और एनपीसीआई के एन्क्रिप्टेड नेटवर्क पर काम करता है, लेकिन इसका उपयोग करते समय कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। कभी भी अपना यूपीआई पिन किसी अनजान व्यक्ति या फोन कॉल पर साझा न करें। पैसे ट्रांसफर करते समय प्राप्तकर्ता का नाम स्क्रीन पर पुष्टि के लिए आता है, आगे बढ़ने से पहले उस नाम की सही जांच जरूर कर लें। कुछ टेलीकॉम ऑपरेटर यूएसएसडी सेशन के लिए प्रति अनुरोध मामूली शुल्क (अधिकतम 50 पैसे) काट सकते हैं। यदि कभी सफर के दौरान आपका इंटरनेट पैक खत्म हो जाए या तकनीकी खराबी के कारण ऐप न खुले, तो यह ऑफलाइन व्यवस्था आपके लिए सबसे बड़ा आपातकालीन सहारा बनती है।