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IND vs NZ 2nd ODI: वेलिंगटन में भारत-न्यूजीलैंड का मुकाबला, रोहित-विराट पर नजरें

भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला वेलिंगटन के प्रतिष्ठित स्काई स्टेडियम (वेलिंगटन रीजनल स्टेडियम) में खेला जा रहा है। पहले वनडे में ऑकलैंड (ईडन पार्क) के मैदान पर डकवर्थ लुईस (DLS) नियम के तहत 5 विकेट से शानदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। तीन मैचों की टी20 सीरीज के बाद अब 50 ओवर के प्रारूप में भी भारतीय दल कीवियों को उनकी घरेलू सरजमीं पर पूरी तरह बैकफुट पर धकेलने के इरादे से मैदान में उतरा है। इस मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, ताकि वेलिंगटन की तेज हवाओं और शुरुआती सीम मूवमेंट का पूरा फायदा भारतीय तेज गेंदबाज उठा सकें। न्यूजीलैंड के लिए यह मैच सीरीज में बराबरी करने के लिहाज से ‘करो या मरो’ की तरह है, जिससे दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है।

इस द्विपक्षीय सीरीज का सबसे बड़ा आकर्षण आधुनिक क्रिकेट के दो सबसे बड़े सितारे—रोहित शर्मा और विराट कोहली हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ कहे जाने वाले इन दोनों दिग्गजों की फॉर्म पर सभी क्रिकेट पंडितों और प्रशंसकों की पैनी नजरें बनी हुई हैं। वेलिंगटन का मैदान पारंपरिक रूप से बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यहां तेज हवाओं के कारण गेंद अप्रत्याशित रूप से स्विंग करती है। ऐसे में नई गेंद के खिलाफ रोहित शर्मा का आक्रामक और सधा हुआ अप्रोच टीम इंडिया को मजबूत शुरुआत दिलाने में निर्णायक साबित होगा। वहीं मध्यक्रम में विराट कोहली की पारी को एंकर करने और परिस्थितियों के अनुसार स्ट्राइक रोटेट करने की कला मैच का रुख तय करेगी। दोनों ही दिग्गज बल्लेबाज 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के ब्लूप्रिंट में बेहद अहम स्थान रखते हैं, इसलिए न्यूजीलैंड की उछाल भरी पिचों पर उनका प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए संजीवनी का काम करेगा।

वेलिंगटन के स्काई स्टेडियम की पिच अपनी गति, अतिरिक्त उछाल और तटीय हवाओं के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहां का ‘विंडी सिटी’ फैक्टर किसी भी तेज गेंदबाज के लिए वरदान साबित होता है, क्योंकि हवा के अनुकूल छोर से गेंदबाजी करते समय स्विंग और लेट-मूवमेंट काफी खतरनाक हो जाती है। पिच में शुरुआत के 15-20 ओवरों में तेज गेंदबाजों को अच्छी मदद मिलती है, जिससे टॉप-ऑर्डर के बल्लेबाजों को बेहद अनुशासित फुटवर्क की जरूरत होती है। हालांकि, खेल आगे बढ़ने के साथ जब गेंद की चमक कम होती है, तो सतह बल्लेबाजी के लिए अनुकूल हो जाती है और यहां गेंद सीधे बल्ले पर आती है। टॉस जीतकर पहले फील्डिंग चुनने के पीछे भारतीय टीम प्रबंधन की यही स्पष्ट सोच रही कि मेजबान बल्लेबाजों को शुरुआती नमी और हवा के दबाव में बांधकर कम स्कोर पर समेटा जाए, ताकि बाद में आसान लक्ष्य का पीछा किया जा सके।

भारतीय टीम प्रबंधन ने दूसरे वनडे में अपने विजयी संतुलन को बरकरार रखने पर प्राथमिकता दी है। शीर्ष क्रम में कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा की जोड़ी पर पारी की ठोस नींव रखने की जिम्मेदारी है, जबकि नंबर 3 पर विराट कोहली और नंबर 4 पर श्रेयस अय्यर मध्यक्रम को मजबूती दे रहे हैं। निचले क्रम में ऑलराउंडर अक्षर पटेल और नीतीश कुमार रेड्डी गेंद व बल्ले दोनों से गहराई प्रदान कर रहे हैं। तेज गेंदबाजी आक्रमण में मोहम्मद सिराज और अर्शदीप सिंह की जोड़ी वेलिंगटन की स्विंगिंग परिस्थितियों में शुरुआती ओवरों में विकेट चटकाने की मुख्य रणनीतिकार है। दूसरी ओर, कप्तान मिचेल सैंटनर के नेतृत्व वाली न्यूजीलैंड टीम टिम सीफर्ट, डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स जैसे आक्रामक बल्लेबाजों के दम पर बड़ा स्कोर खड़ा करने की पूरी कोशिश में जुटी है, ताकि काइल जैमीसन और मैट हेनरी की सीम गेंदबाजी के जरिए भारतीय बल्लेबाजों को कड़ी चुनौती दी जा सके।