
सेवानिवृत्ति के बाद नियमित मासिक खर्चों को पूरा करने के लिए अधिकांश वरिष्ठ नागरिक देश के सबसे बड़े और सबसे सुरक्षित बैंक—भारतीय स्टेट बैंक (SBI)—पर सबसे अधिक भरोसा करते हैं। रिटायरमेंट पर प्रोविडेंट फंड (PF) या ग्रेच्युटी से मिलने वाली एकमुश्त पूंजी को सुरक्षित रखते हुए यदि कोई बुजुर्ग हर महीने एक तय आय चाहता है, तो इसके लिए एसबीआई का नॉन-क्युमुलेटिव फिक्स्ड डिपॉजिट (Monthly Interest Payout Scheme / SBI Special Term Deposit) एक लोकप्रिय विकल्प है। जब आप एफडी में क्युमुलेटिव (Cumulative) विकल्प चुनते हैं, तो ब्याज मैच्योरिटी पर एक साथ मिलता है; लेकिन ‘मंथली पेआउट’ (Monthly Payout) विकल्प चुनने पर बैंक आपके मूलधन को सुरक्षित रखते हुए हर महीने की एक निश्चित तारीख पर तय ब्याज सीधे आपके बचत या पेंशन खाते में ट्रांसफर कर देता है।
वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या उससे अधिक आयु) को एसबीआई सभी कार्यकालों पर सामान्य नागरिकों की तुलना में 0.50% (50 बेसिस पॉइंट्स) से लेकर 1.00% (100 बेसिस पॉइंट्स) तक का अतिरिक्त ब्याज प्रदान करता है। 5 वर्ष से 10 वर्ष तक की अवधि के लिए संचालित ‘एसबीआई वी-केयर’ (SBI We-Care) योजना में वरिष्ठ नागरिकों को सर्वाधिक 7.05% वार्षिक ब्याज दर दी जाती है। यदि कोई वरिष्ठ नागरिक एसबीआई में ₹10,00,000 (दस लाख रुपये) जमा करता है, तो विभिन्न अवधियों में उसे हर महीने कितना ब्याज मिलेगा, इसका पूरा हिसाब-किताब समझना जरूरी है।
मंथली इंटरेस्ट पेआउट के मामले में एक तकनीकी नियम ध्यान में रखना आवश्यक है। बैंक की आधिकारिक ब्याज दरें हमेशा त्रैमासिक चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) के आधार पर वार्षिक उद्धृत (Quote) की जाती हैं। जब कोई ग्राहक ब्याज को 3 महीने के बजाय हर महीने लेना चाहता है, तो बैंक डिस्काउंटेड मंथली फैक्टर के आधार पर गणना करता है ताकि वार्षिक प्रतिफल बराबर रहे। सरल और व्यावहारिक स्तर पर, ₹10 लाख के मूलधन पर मासिक ब्याज का निर्धारण लागू वार्षिक दर के आधार पर इस प्रकार होता है:
एसबीआई द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली वर्तमान ब्याज दरों के आधार पर ₹10 लाख के डिपॉजिट पर मासिक और वार्षिक आय का ब्योरा इस प्रकार है:
| कार्यकाल (Tenure) | वरिष्ठ नागरिक ब्याज दर (p.a.) | हर महीने अनुमानित ब्याज | साल भर में कुल ब्याज आय |
| 1 वर्ष से 2 वर्ष से कम | 6.75% | लगभग ₹5,600 | ₹67,500 |
| 2 वर्ष से 3 वर्ष से कम | 6.90% | लगभग ₹5,720 | ₹69,000 |
| 444 दिन (अमृत वृष्टि स्कीम) | 6.95% | लगभग ₹5,760 | ₹69,500 |
| 3 वर्ष से 5 वर्ष से कम | 6.80% | लगभग ₹5,640 | ₹68,000 |
| 5 वर्ष से 10 वर्ष तक (SBI We-Care) | 7.05% (उच्चतम) | लगभग ₹5,835 से ₹5,875 | ₹70,500 |
नोट: मासिक भुगतान डिस्काउंटेड रेट पर तय होता है। यदि आप ब्याज हर महीने न लेकर हर तिमाही (हर 3 महीने) पर लेते हैं, तो 7.05% की दर पर हर 3 महीने में सीधे ₹17,625 का भुगतान खाते में मिलता है।
यदि आपका लक्ष्य अगले 5 या 10 वर्षों के लिए एक स्थायी और अधिकतम मासिक पेंशन जैसी आय सुनिश्चित करना है, तो ‘SBI We-Care’ डिपॉजिट सबसे मुफीद साबित होती है।
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इसमें ₹10 लाख जमा करने पर 7.05% की दर से सालाना ₹70,500 का शुद्ध ब्याज बनता है।
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इसे मासिक आधार पर विभाजित करने पर आपको हर महीने लगभग ₹5,850 की नियमित कमाई होगी।
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सबसे बड़ी बात यह है कि इस पूरी 5 या 10 साल की अवधि में आपका ₹10 लाख का मूलधन ज्यों का त्यों बना रहेगा और मैच्योरिटी पूरी होने पर यह ₹10 लाख आपको सुरक्षित वापस मिल जाएगा।
80 वर्ष या उससे अधिक आयु के ‘सुपर सीनियर सिटीजन्स’ के लिए एसबीआई ‘एसबीआई पैट्रन्स’ (SBI Patrons) जैसी व्यवस्था के तहत वरिष्ठ नागरिकों की सामान्य दर से भी 0.10% (10 बेसिस पॉइंट्स) का अतिरिक्त प्रीमियम ऑफर करता है। ऐसे बुजुर्गों के लिए ब्याज दर 7.15% तक पहुंच जाती है, जिससे मासिक आय में प्रति माह ₹80 से ₹100 की और वृद्धि हो जाती है।
मासिक ब्याज पेआउट विकल्प चुनते समय आयकर के नियमों का ध्यान रखना अनिवार्य है:
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धारा 80TTB के तहत ₹50,000 की छूट: आयकर नियमों के अनुसार, 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को एक वित्तीय वर्ष में बैंक एफडी और बचत खाते से मिलने वाले ₹50,000 तक के ब्याज पर शून्य टैक्स देना होता है।
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₹10 लाख की FD पर TDS: चूंकि ₹10 लाख की एफडी पर सालाना ब्याज ₹67,000 से ₹70,500 के बीच बनेगा (जो ₹50,000 की छूट सीमा से अधिक है), इसलिए बैंक 10% की दर से स्रोत पर कर कटौती (TDS) करेगा।
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टीडीएस से बचने के लिए Form 15H: यदि वरिष्ठ नागरिक की कुल वार्षिक आय (पेंशन, किराया और एफडी ब्याज मिलाकर) बेसिक एग्जेंशन लिमिट (छूट सीमा) से कम है, तो वे वित्तीय वर्ष की शुरुआत (अप्रैल) में बैंक शाखा या योनो ऐप के जरिए फॉर्म 15H (Form 15H) भरकर जमा कर सकते हैं। फॉर्म 15H सबमिट करने पर बैंक ब्याज से कोई टीडीएस नहीं काटेगा और पूरी राशि खाते में क्रेडिट होगी।
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लोन की सुविधा: यदि मासिक आय शुरू होने के बाद कभी अचानक अस्पताल या आपात स्थिति के लिए पैसों की दरकार हो जाए, तो एफडी को तुड़वाने की आवश्यकता नहीं होती। एसबीआई एफडी के एवज में 90% तक का ओवरड्राफ्ट या लोन (Loan Against FD) प्रदान करता है।
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प्री-मैच्योर निकासी: यदि एफडी को समय से पहले बंद करना पड़े, तो बैंक लागू ब्याज दर में से 0.50% से 1% तक की मामूली पेनाल्टी काटकर शेष मूलधन वापस कर देता है।
एसबीआई के खाताधारक अपनी नजदीकी बैंक शाखा में जाकर ‘SBI Term Deposit (Monthly Payout)’ फॉर्म भरकर चेक दे सकते हैं। इसके अलावा, एसबीआई इंटरनेट बैंकिंग या YONO SBI ऐप के जरिए ग्राहक घर बैठे 2 मिनट में ई-टीडीआर (e-TDR – Non-Cumulative) चुनकर ‘Monthly’ इंटरेस्ट पेआउट फ्रीक्वेंसी सेट कर सकते हैं। इस प्रकार बिना किसी शेयर बाजार के जोखिम के हर महीने एक निश्चित दिन पर सम्मानजनक वित्तीय आय प्राप्त की जा सकती है।
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