News India Live, Digital Desk: आज 23 अप्रैल 2026, गुरुवार का दिन है, लेकिन पंचांग की गणना के अनुसार आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का पावन संयोग बन रहा है। मंगलवार को त्रयोदशी होने के कारण इसे ‘भौम प्रदोष व्रत’ कहा जाता है, जो कर्ज से मुक्ति और मंगल दोष के निवारण के लिए अचूक माना गया है। आज के दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) में भगवान शिव की पूजा करने से न केवल लंबी आयु का वरदान मिलता है, बल्कि मंगल ग्रह के शुभ प्रभाव से साहस और संपत्ति में भी वृद्धि होती है।
भौम प्रदोष का विशेष महत्व
शास्त्रों के अनुसार, प्रदोष व्रत के दिन महादेव कैलाश पर्वत पर प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते हैं। चूंकि आज भौम प्रदोष है, इसलिए आज शिव जी के साथ हनुमान जी की आराधना भी विशेष फलदायी है। यदि आप लंबे समय से कर्ज (Loan) से परेशान हैं या भूमि-भवन से जुड़े विवादों में फंसे हैं, तो आज का व्रत और पूजन आपके लिए ‘रामबाण’ साबित हो सकता है।
अपनी राशि के अनुसार करें इन मंत्रों का जाप
ज्योतिष गणना के अनुसार, यदि आप आज अपनी राशि के अनुसार विशेष मंत्रों का जाप करते हैं, तो महादेव की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है:
| राशि | मंत्र (Mantra) |
|---|---|
| मेष & वृश्चिक | ॐ अंगारकाय नमः / ॐ नमः शिवाय |
| वृषभ & तुला | ॐ नागेश्वराय नमः |
| मिथुन & कन्या | ॐ शिवाय नमः / ॐ बुं बुधाय नमः |
| कर्क | ॐ चंद्रमौलीश्वराय नमः |
| सिंह | ॐ नमः शिवाय शुभं शुभं कुरू कुरू शिवाय नमः |
| धनु & मीन | ॐ दक्षिणामूर्तये नमः |
| मकर & कुंभ | ॐ त्रयम्बकाय नमः |
प्रदोष काल: पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त
प्रदोष व्रत की मुख्य पूजा सूर्यास्त के समय की जाती है।
प्रदोष काल पूजा मुहूर्त: शाम 06:51 से रात 09:05 तक।
विशेष संयोग: आज शाम 05:48 के बाद पुष्य नक्षत्र भी शुरू हो रहा है, जो इस दिन की शुभता को कई गुना बढ़ा रहा है।
कर्ज मुक्ति के लिए आज का ‘महाउपाय’
अगर आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, तो आज शाम को शिव मंदिर में जाकर गाय के घी का दीपक जलाएं और ‘ऋणमोचक मंगल स्तोत्र’ का पाठ करें। इसके साथ ही शिवलिंग पर लाल रंग के फूल और शहद अर्पित करना न भूलें। मान्यता है कि भौम प्रदोष के दिन किया गया यह उपाय बड़े से बड़े कर्ज को उतारने की शक्ति रखता है।
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