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RRB का बड़ा फैसला: NTPC ग्रेजुएट भर्ती से बाहर हुआ स्टेशन मास्टर पद, अब अलग से आएगा नोटिफिकेशन; आयु सीमा और चयन प्रक्रिया में भी बड़े बदलाव

भारतीय रेलवे में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों स्नातक अभ्यर्थियों के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने एक चौंकाने वाला और बड़ा नीतिगत बदलाव लागू किया है। रेलवे ने अपने नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरीज (NTPC) ग्रेजुएट लेवल भर्ती चक्र से सबसे प्रतिष्ठित और पसंदीदा पद ‘स्टेशन मास्टर’ (Station Master) और ट्रैफिक असिस्टेंट को बाहर कर दिया है। हाल ही में जारी विस्तृत विज्ञापन (CEN 06/2026) के तहत जहां 3,548 पदों पर आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है, उसमें केवल गुड्स ट्रेन मैनेजर, चीफ कमर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर, सीनियर क्लर्क और जूनियर अकाउंट्स असिस्टेंट जैसे पद शामिल किए गए हैं। रेलवे बोर्ड के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, स्टेशन मास्टर पद की भर्ती अब संयुक्त एनटीपीसी परीक्षा के जरिए न होकर इसके लिए एक स्वतंत्र और समर्पित केंद्रीय रोजगार अधिसूचना (Separate CEN Notification) अलग से जारी की जाएगी। इस फैसले ने उन हजारों उम्मीदवारों की रणनीति को बदल दिया है जो सालों से एनटीपीसी के कंबाइंड सिलेबस के भरोसे स्टेशन मास्टर बनने का सपना देख रहे थे।

स्टेशन मास्टर पद को अलग करने के साथ ही रेलवे मंत्रालय ने इसके पात्रता मानकों में भी कड़ा संशोधन किया है:

  • नई आयु सीमा (20 से 30 वर्ष): पहले इस पद के लिए 18 से 30 वर्ष की आयु सीमा मान्य होती थी, जिसे अब बदलकर न्यूनतम 20 वर्ष और अधिकतम 30 वर्ष कर दिया गया है। यानी अब 18 या 19 वर्ष की उम्र में ग्रेजुएशन पूरा करने वाले युवा इस भर्ती के लिए सीधे तौर पर अयोग्य हो जाएंगे।

  • आरक्षित वर्गों को छूट: ऊपरी आयु सीमा में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) को केंद्र सरकार के मौजूदा आरक्षण नियमों के तहत 3 से 5 वर्ष की छूट पूर्ववत मिलती रहेगी।

  • शैक्षणिक योग्यता: किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी संकाय में स्नातक (Graduation Degree) होना अनिवार्य रहेगा।

एनटीपीसी के तहत स्टेशन मास्टर बनने के लिए पहले अभ्यर्थियों को लंबी और जटिल दो-चरणीय लिखित परीक्षा प्रक्रिया (CBT-1 और फिर CBT-2) से गुजरना पड़ता था। नए नियमों के लागू होने के बाद चयन प्रक्रिया को काफी हद तक सुव्यवस्थित और तेज बना दिया गया है:

  1. सिंगल स्टेज कंप्यूटर आधारित टेस्ट (Single CBT): अब प्रारंभिक और मुख्य दो अलग-अलग लिखित परीक्षाएं नहीं होंगी। केवल एक ही लिखित कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) आयोजित किया जाएगा।

  2. रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन को मिली जगह: नए परीक्षा पाठ्यक्रम में पारंपरिक विषयों (मैथ्स, रीजनिंग, जनरल अवेयरनेस) के साथ-साथ कॉम्प्रिहेंशन (भाषा दक्षता) को भी आधिकारिक रूप से शामिल किया गया है।

  3. कंप्यूटर बेस्ड एप्टीट्यूड टेस्ट (CBAT): लिखित परीक्षा में मेरिट के आधार पर रिक्तियों के मुकाबले 1:8 के अनुपात में अभ्यर्थियों को साइको/एप्टीट्यूड टेस्ट के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इस साइको टेस्ट को क्वालिफाई करना अनिवार्य रहेगा।

  4. अंतिम मेरिट फॉर्मूला: अंतिम चयन सूची तैयार करते समय लिखित सीबीटी परीक्षा के अंकों को 70% और एप्टीट्यूड टेस्ट (CBAT) के अंकों को 30% का वेटेज दिया जाएगा। इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) और सख्त मेडिकल टेस्ट (A-2 मेडिकल स्टैंडर्ड) पूरा करना होगा।

रेलवे बोर्ड के सूत्रों और प्रशासनिक जानकारों के मुताबिक, स्टेशन मास्टर का पद केवल एक प्रशासनिक डेस्क जॉब नहीं है, बल्कि यह ट्रेनों के सुरक्षित और समयबद्ध संचालन से जुड़ा एक अति-संवेदनशील सुरक्षा श्रेणी (Safety Category) का पद है। एनटीपीसी की पुरानी संयुक्त परीक्षा प्रणाली में भर्ती पूरी होने में डेढ़ से दो साल का लंबा वक्त लग जाता था, जिसके कारण जोनल स्तर पर स्टेशन मास्टरों के पद लंबे समय तक खाली पड़े रहते थे। अलग से सिंगल सीबीटी आधारित भर्ती लाने से रेलवे को परिचालन में दक्ष और मानसिक रूप से सतर्क उम्मीदवारों को बहुत कम समय में चयनित करके तुरंत ट्रेनिंग पर भेजने में मदद मिलेगी। साथ ही, इससे एनटीपीसी भर्ती में होने वाले सामान्य प्रशासनिक क्लर्कों और स्टेशन अधीक्षकों के बीच के जटिल मेरिट विवादों से भी मुक्ति मिलेगी।

रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा जारी ताजा संकेतों के अनुसार, स्टेशन मास्टर भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन (Short Notice & CEN) इसी महीने के तीसरे पखवाड़े में जारी किए जाने की प्रबल संभावना है, जिसके तहत 500 से अधिक रिक्त पदों की घोषणा हो सकती है। चयनित उम्मीदवारों को पे मैट्रिक्स लेवल-6 (Pay Level 6) के तहत ₹35,400 का शुरुआती मूल वेतन (Basic Pay) मिलेगा। इसके अतिरिक्त महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), रनिंग अलाउंस और नाइट ड्यूटी अलाउंस मिलाकर शुरुआती इन-हैंड सैलरी ₹55,000 से ₹65,000 प्रति माह के पार पहुंच जाती है। बोर्ड ने सलाह दी है कि उम्मीदवार नियमित रूप से आधिकारिक क्षेत्रीय आरआरबी वेबसाइट्स पर नजर बनाए रखें और नए सिंगल-सीबीटी व एप्टीट्यूड पैटर्न के अनुसार अपनी तैयारी शुरू कर दें।