Wedding Season: शादी के सीजन से पहले होटल कारोबार में बंपर उछाल, 2027 के लिए भी एडवांस बुकिंग जारी; जानें नया ट्रेंड

सर्दियों का मौसम दस्तक देने के साथ ही देश भर में शादियों के भव्य आयोजनों की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन इस बार भारतीय होटल उद्योग में जो हलचल देखी जा रही है उसने पिछले सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया है। विंटर वेडिंग सीजन शुरू होने से कई हफ्ते पहले ही देश के प्रमुख लग्जरी होटलों, हेरिटेज पैलेसेज और वेकेशन रिजॉर्ट्स में विवाह समारोहों के लिए बैंक्वेट हॉल, लॉन और कमरों की बुकिंग में 10 से 15 प्रतिशत से अधिक का भारी उछाल दर्ज किया गया है। सबसे ज्यादा मांग वाले महीनों—विशेष रूप से नवंबर और फरवरी—के लिए दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, गोवा और उत्तर भारत के चुनिंदा वेडिंग डेस्टिनेशंस पर बुकिंग लगभग 100 फीसदी फुल हो चुकी हैं। होटल उद्योग के जानकारों का कहना है कि शादियों के शुभ मुहूर्त और त्योहारी खर्च में हो रही बढ़ोतरी ने हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को अभूतपूर्व वित्तीय मजबूती दी है।

इस वेडिंग सीजन की सबसे अनूठी और चौंकाने वाली बात यह है कि लोग सिर्फ चालू वर्ष या अगले साल 2026-27 के लिए ही नहीं, बल्कि वर्ष 2027 के अंत तक के लिए अभी से तारीखें आरक्षित करा रहे हैं। होटल कारोबारियों के अनुसार, मनपसंद वेन्यू और शुभ लग्न की तारीखें हाथ से न निकल जाएं, इस डर से परिवार अब 12 से 18 महीने पहले ही पूरी टाउनशिप या रिसॉर्ट को बुक करने के लिए एडवांस टोकन मनी जमा कर रहे हैं। मैरियट इंटरनेशनल के ‘नूर महलदिल्लीClick to open side panel for more information एनसीआर’ के प्रबंधन के मुताबिक, उनके यहां शादी कारोबार में पिछले साल के मुकाबले 15 फीसदी की सीधी बढ़त देखी जा रही है और नवंबर 2027 तक की तिथियों के लिए लगातार पूछताछ और एडवांस रिजर्वेशन आ रहे हैं। इस लंबी अवधि की अग्रिम बुकिंग से होटल श्रृंखलाओं को अगले दो वर्षों के रेवेन्यू और कैपेसिटी प्लानिंग का सटीक अनुमान लगाने में अभूतपूर्व मदद मिल रही है।

भारतीय विवाह समारोहों के बुनियादी स्वरूप में आया बड़ा बदलाव भी होटल इंडस्ट्री के मुनाफे को कई गुना बढ़ा रहा है। अब परिवार केवल एक शाम के रिसेप्शन या वरमाला कार्यक्रम तक सीमित रहने के बजाय 2 से 3 दिनों तक चलने वाले पूरे आवासीय उत्सव (Residential Wedding) को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसमें मेहंदी, संगीत, कॉकटेल नाइट, फेरे और पोस्ट-वेडिंग ब्रंच के लिए अलग-अलग थीम वाले वेन्यू की दरकार होती है। इसके साथ ही जोड़ों में पर्सनलाइज्ड एक्सपीरियंस का क्रेज बढ़ा है—जिसमें मेहमानों के लिए कस्टमाइज्ड मेन्यू, ऑर्गेनिक और इंटरनेशनल फूड काउंटर्स, वेलनेस और स्पा सेशंस तथा पारंपरिक लोक कलाकारों के लाइव परफॉर्मेंस शामिल हैं। बड़े लग्जरी होटलों और पैलेस प्रॉपर्टीज की कुल सालाना कमाई का लगभग 55 से 60 प्रतिशत हिस्सा अब सीधे तौर पर केवल विवाह समारोहों और उनसे जुड़ी सहायक सेवाओं से आ रहा है।

‘रोजिएट होटल्स एंड रिजॉर्ट्स’ और रेडिसन होटल ग्रुप जैसे प्रमुख हॉस्पिटैलिटी ब्रांड्स के अनुसार, दिल्ली, गुरुग्राम, करनाल, उदयपुर, जयपुर और गोवा के प्रॉपर्टीज में विंटर स्लॉट्स के लिए मारामारी मची हुई है। उदयपुर और जयपुर जैसे पारंपरिक हेरिटेज शहरों में तो स्थिति यह है कि कई राजसी संपत्तियों में प्रति प्लेट और प्रति रूम की दरों में 20 से 30 प्रतिशत की तेजी के बावजूद कॉर्पोरेट और हाई-नेट-वर्थ परिवार महीनों पहले ही पूरा परिसर बुक कर चुके हैं। विदेश में शादी करने यानी इंटरनेशनल डेस्टिनेशन वेडिंग के मुकाबले अब लोग भारत के भीतर ही विश्वस्तरीय सुविधाओं वाले पैलेसेज और बीच-फ्रंट रिजॉर्ट्स को चुनना ज्यादा पसंद कर रहे हैं, जिससे घरेलू टूरिज्म और लोकल हॉस्पिटैलिटी वेंडर्स को भी अरबों रुपये का सीधा कारोबार मिल रहा है।

होटलों में कमरों की बुकिंग फुल होने का असर सिर्फ रूम टैरिफ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा मल्टीप्लायर इफेक्ट पूरे वेडिंग इकोसिस्टम पर पड़ रहा है। होटल में जब शादी होती है तो उसके साथ-साथ प्रीमियम कैटरिंग, फूलों की साज-सज्जा, साउंड-लाइट प्रोडक्शन, लग्जरी कारों की फ्लीट, फोटोग्राफी और गिफ्टिंग इंडस्ट्री को भी रिकॉर्ड ऑर्डर्स मिलते हैं। इसके अलावा, डेस्टिनेशन वेडिंग्स के चलते घरेलू उड़ानों में ग्रुप टिकटिंग और चार्टर्ड उड़ानों की मांग में भी तेज उछाल दर्ज किया गया है। आने वाले विंटर वेडिंग सीजन में देश भर में लाखों शादियों के आयोजन का अनुमान है, जो भारतीय रिटेल और सर्विस सेक्टर की विकास दर में सबसे बड़ा उत्प्रेरक साबित होने जा रहा है।