सीमा पर BSF का बड़ा एक्शन: भारत में घुसपैठ की नापाक साजिश नाकाम, जवानों ने मार गिराए 2 पाकिस्तानी घुसपैठिए

भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सतर्क जवानों ने राष्ट्रविरोधी तत्वों और सीमा पार बैठे आकाओं की एक और कायराना हरकत को समय रहते विफल कर दिया है। घने अंधेरे और भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर भारतीय सीमा में दाखिल होने की फिराक में लगे दो पाकिस्तानी घुसपैठियों को बीएसएफ ने सटीक कार्रवाई करते हुए ढेर कर दिया। सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि आगामी त्योहारी सीजन (दशहरा, दिवाली) और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति भंग करने के उद्देश्य से इन घुसपैठियों को किसी बड़ी आतंकी या तस्करी की साजिश को अंजाम देने के लिए भेजा गया था।

घटना की पुष्टि करते हुए सीमा सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सीमा पर अग्रिम मोर्चे पर मुस्तैद संतरियों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा (Zero Line) के पास संदिग्ध हलचल देखी। जैसे ही दोनों संदिग्ध कंटीली बाड़ (Border Security Fence) को पार कर भारतीय भूभाग की ओर तेजी से बढ़ने लगे, जवानों ने उन्हें तुरंत रुकने और आत्मसमर्पण करने की कड़ी चेतावनी दी।

अधिकारियों के अनुसार, बीएसएफ की ओर से बार-बार दी गई मौखिक चेतावनियों को अनसुना करते हुए दोनों घुसपैठियों ने आक्रामक रुख अपनाया और बाड़ फांदने की कोशिश जारी रखी। सुरक्षाबलों को अपनी ओर खतरा बढ़ता देख और सीमा सुरक्षा की संप्रभुता को ध्यान में रखते हुए जवानों ने नियंत्रित और नपे-तुले तरीके से फायरिंग शुरू कर दी।

  • मौके पर ही ढेर: जवानों की अचूक फायरिंग में दोनों घुसपैठिए वहीं ढेर हो गए और उनका आगे बढ़ना तुरंत रुक गया।

  • पहचान छिपाने का प्रयास: दोनों के पास से किसी भी प्रकार के वैध यात्रा दस्तावेज नहीं मिले हैं, जो यह साबित करता है कि वे पूरी योजना के साथ अवैध रूप से घुसपैठ करने आए थे।

  • कवर फायर की आशंका: जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या पाकिस्तानी सीमा चौकियों (Pak Rangers Posts) से उन्हें छद्म समर्थन या दिशा-निर्देश दिए जा रहे थे।

फायरिंग की घटना के तुरंत बाद इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। आसपास की अतिरिक्त कंपनियों को बुलाकर पूरे इलाके की चौतरफा घेराबंदी (Cordon and Search Operation) कर दी गई।

दिन का उजाला होते ही बम निरोधक दस्ते और खोजी कुत्तों (Dog Squad) की मदद से पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया गया:

  • मारे गए घुसपैठियों के शवों के पास से हथियार, गोला-बारूद, मोबाइल फोन और कुछ संदेहास्पद पैकेट्स बरामद किए गए हैं।

  • इन पैकेट्स में हेरोइन जैसी नशीली दवाओं की खेप या विस्फोटक होने की आशंका के तहत फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।

  • सीमा सुरक्षा बल यह भी जांच कर रहा है कि क्या इस घुसपैठ के जरिए भारत के भीतर सक्रिय किसी स्थानीय स्लीपर सेल या तस्कर नेटवर्क को हथियार सप्लाई करने की योजना थी।

त्योहारों के आते ही सीमा पार से घुसपैठ, ड्रोन के जरिए हथियार गिराने और ड्रग्स तस्करी की कोशिशें तेज हो जाती हैं। इसे देखते हुए बीएसएफ ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी ‘ऑपरेशन अलर्ट’ ग्रिड को पहले ही सक्रिय कर दिया है।

  • अत्याधुनिक सर्विलांस तकनीक: थर्मल इमेजर, नाइट विजन डिवाइस और मोशन सेंसर के जरिए चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।

  • एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय: सीमावर्ती इलाकों में उड़ने वाले संदिग्ध ड्रोनों को मार गिराने या जाम करने के लिए विशेष इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली तैनात है।

  • अतिरिक्त गश्त: नदी-नालों और दुर्गम खादर इलाकों में फुट पेट्रोलिंग के साथ-साथ बोट पेट्रोलिंग भी तेज कर दी गई है।

लखनऊ, दिल्ली, जम्मू और पंजाब सहित देश के सभी प्रमुख आंतरिक सुरक्षा केंद्रों को इस घुसपैठ के प्रयास के बाद सतर्क रहने के इनपुट भेजे गए हैं। खुफिया एजेंसियां बरामद सामान और डिजिटल उपकरणों के डेटा को डिकोड कर यह पता लगाने में जुटी हैं कि सीमा पार बैठे किन हैंडलर्स ने इन घुसपैठियों को सीमा फांदने का निर्देश दिया था। बीएसएफ ने स्पष्ट कर दिया है कि देश की सीमाओं की रक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और भारत की संप्रभुता को चुनौती देने वाले हर नापाक मंसूबे का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।