
8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच अपने-अपने पे-लेवल और इंक्रीमेंट स्टेज के हिसाब से वेतन गणना को लेकर भारी उत्सुकता है। केंद्रीय सेवाओं में पे-लेवल 5 (ग्रेड पे ₹2800) एक बेहद महत्वपूर्ण संवर्ग है, जिसके तहत वरिष्ठ ऑडिटर, सीनियर क्लर्क, असिस्टेंट और विभिन्न मंत्रालयों के तकनीकी पदों पर कार्यरत अनुभवी कर्मचारी आते हैं। जो कर्मचारी 7वें वेतन आयोग के पे-मैट्रिक्स के लेवल-5 के स्टेज 20 पर पहुंच चुके हैं, उनका वर्तमान मूल वेतन (Basic Pay) ₹45,400 है। विशेषज्ञ प्रस्तावों और वेतन पुनरीक्षण के प्रस्तावित फॉर्मूले (लगभग 1.92 फिटमेंट फैक्टर) के अनुसार, नए वेतन आयोग के लागू होने पर ऐसे कर्मचारियों की ग्रॉस मंथली सैलरी वर्तमान के ₹1,02,848 से बढ़कर सीधे ₹1,33,306 तक पहुंच सकती है, जो कुल ग्रॉस सैलरी में लगभग 29.61 प्रतिशत की शुद्ध बढ़ोतरी को दर्शाता है।
‘X’ श्रेणी के महानगर (जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता) में तैनात लेवल-5, स्टेज-20 के कर्मचारी के लिए वर्तमान वेतन (50% डीए मानकर) और 8वें वेतन आयोग के तहत प्रस्तावित नए वेतन ढांचे का मद-वार ब्रेकअप:
| सैलरी कंपोनेंट्स (Salary Components) | 7th CPC वर्तमान स्थिति (स्टेज 20) | 8th CPC प्रस्तावित स्थिति (1.92 फिटमेंट) | अंतर / शुद्ध बढ़ोतरी |
| मूल वेतन (Basic Pay) | ₹45,400 | ₹87,200 | +₹41,800 |
| महंगाई भत्ता (DA) | ₹22,700 (50% पर) | ₹0 (प्रारंभिक रीसेट) | -₹22,700 |
| मकान किराया भत्ता (HRA – X City) | ₹13,620 (30% पर) | ₹26,160 (30% पर) | +₹12,540 |
| परिवहन भत्ता (TPTA) | ₹3,600 | ₹7,200 | +₹3,600 |
| परिवहन भत्ते पर डीए (DA on TPTA) | ₹1,800 | ₹0 | -₹1,800 |
| कुल सकल वेतन (Gross Monthly Salary) | ₹1,02,848 | ₹1,33,306 | +₹30,458 (+29.61%) |
(नोट: 7वें वेतन आयोग में डीए 50% पहुंचने के बाद X श्रेणी के शहरों के लिए एचआरए 30% पर संशोधित हो चुका है। 8वें वेतन आयोग के लागू होते ही मौजूदा डीए शून्य पर रीसेट होकर नई बेसिक पे में समाहित हो जाता है।)
7वें वेतन आयोग के पे-मैट्रिक्स टेबल में लेवल-5 की शुरुआत स्टेज 1 पर ₹29,200 से होती है और सालाना 3% की नियमित वेतन वृद्धि (एनुअल इंक्रीमेंट) जोड़ते हुए 20वें साल में यह स्टेज 20 पर ₹45,400 तक पहुंचती है। 8वें वेतन आयोग में जब 1.92 का प्रभावी फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है:
-
गणना: ₹45,400 × 1.92 = ₹87,168
-
पे-मैट्रिक्स के राउंडिंग-ऑफ नियम के तहत इसे निकटतम सैकड़े में समायोजित कर ₹87,200 की नई बेसिक सैलरी निर्धारित की जाएगी।
-
यह अकेला बदलाव कर्मचारी की बेसिक पे में सीधे ₹41,800 प्रति माह का बड़ा उछाल लेकर आता है।
वेतन आयोग के लागू होने से केवल बेसिक सैलरी ही नहीं बढ़ती, बल्कि उससे सीधे जुड़े सभी भत्तों का आधार विस्तृत हो जाता है:
-
मकान किराया भत्ता (House Rent Allowance): ‘X’ क्लास शहरों (दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु आदि) में बेसिक सैलरी का 30% एचआरए मिलता है। पुरानी बेसिक (₹45,400) पर यह ₹13,620 था, जो नई बेसिक (₹87,200) पर बढ़कर सीधे ₹26,160 हो जाएगा। यदि कर्मचारी ‘Y’ क्लास शहर में है (20% एचआरए), तो उसे ₹17,440 और ‘Z’ क्लास शहर में (10% एचआरए) ₹8,720 मिलेंगे।
-
ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TPTA): लेवल-3 से 8 के कर्मचारियों के लिए उच्च टीपीटीए शहरों में बेसिक ट्रांसपोर्ट अलाउंस ₹3,600 से संशोधित होकर प्रस्तावित स्तर पर ₹7,200 होने का अनुमान है।
सकल वेतन (Gross Salary) के ₹1,33,306 पहुंचने के साथ-साथ कर्मचारी के भविष्य निधि और पेंशन अंशदान में भी स्वतः वृद्धि होगी:
-
एनपीएस (NPS) / यूपीएस (UPS) कटौती: मूल वेतन का 10% (₹8,720) कर्मचारी के पेंशन खाते के लिए काटा जाएगा, जबकि सरकार अपनी तरफ से 14% या 18.5% का अंशदान जोड़ेगी।
-
सीजीएचएस (CGHS) व बीमा (CGEGIS): स्वास्थ्य योजनाओं और समूह बीमा के स्लैब में मामूली अनिवार्य कटौतियां होंगी।
-
नेट टेक-होम पे: सभी अनिवार्य टैक्स और पेंशन कटौतियों के बाद भी स्टेज-20 के लेवल-5 कर्मचारी के बैंक खाते में मासिक इन-हैंड सैलरी ₹1,15,000 से ₹1,18,000 के दायरे में आएगी, जो वर्तमान शुद्ध वेतन की तुलना में एक बड़ा जीवनशैली सुधार साबित होगी।
यह पूरी वित्तीय गणना 8वें वेतन आयोग के लिए प्रस्तावित 1.92 फिटमेंट फैक्टर और 7वें वेतन आयोग के मौजूदा भत्तों के नियमों पर आधारित अध्ययन मॉडल है। कर्मचारी संगठन जहां 2.86 से लेकर 3.68 तक के उच्च फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं, वहीं वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि राजकोषीय संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार 1.90 से 2.10 के बीच का व्यावहारिक फॉर्मूला अपना सकती है। केंद्र सरकार द्वारा आयोग की औपचारिक अधिसूचना, सिफारिशों की प्रस्तुति और केंद्रीय मंत्रिमंडल की अंतिम स्वीकृति के बाद ही आधिकारिक पे-मैट्रिक्स गजट में प्रकाशित होगा।
girls globe