Friday , September 18 2026

UP Weather Alert: यूपी में मॉनसून की विदाई से पहले बदलेगा मौसम! कहीं गरज-चमक के साथ बारिश तो कहीं सताएगी चिपचिपी उमस, जानें अपने जिले का हाल

उत्तर प्रदेश में मॉनसून अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। सितंबर के मध्य में जहां एक तरफ बादलों की विदाई की आहट शुरू हो चुकी है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर बन रहे मौसमी सिस्टम और नमी के चलते पूरे प्रदेश में मौसम का दोहरा रूप देखने को मिल रहा है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज और गोरखपुर जैसे प्रमुख शहरों में लोग कभी अचानक घिरते बादलों और तेज हवाओं से राहत पा रहे हैं, तो कभी कड़ी धूप निकलते ही वातावरण में 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंची आर्द्रता के कारण भारी चिपचिपी उमस से बेहाल हो रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ केंद्र के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छिटपुट बारिश और गरज-चमक का सिलसिला बना रह सकता है, जिसके बाद मॉनसून धीरे-धीरे पूरी तरह विदा होने लगेगा।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और ट्रफ लाइन के प्रभाव के चलते पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल से सटे तराई वाले जिलों में बारिश की गतिविधियां अधिक सक्रिय रहने की संभावना है।

  • तराई बेल्ट: लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज के इलाकों में घने बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के आसार हैं।

  • पूर्वांचल के जिले: गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, मऊ, बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़, जौनपुर और वाराणसी के आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है।

  • विंध्य क्षेत्र: सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली के पठारी इलाकों में भी स्थानीय थंडरस्टॉर्म बनने के कारण तेज हवाओं के साथ कुछ देर के लिए झमाझम बारिश होने का अनुमान है।

इन इलाकों में बारिश होने से तापमान में 2 से 3 डिग्री की तात्कालिक गिरावट आएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत महसूस होगी।

पूर्वी यूपी के विपरीत, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के अधिकांश हिस्सों में बारिश की तीव्रता काफी कम रहने का अनुमान है। हवा में पश्चिमी शुष्कता बढ़ने और बादलों के छंटने से इन इलाकों में तेज धूप लोगों को परेशान करेगी:

  • दिल्ली-एनसीआर और वेस्ट यूपी: गाजियाबाद, नोएडा (गौतमबुद्ध नगर), मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा में दिनभर आसमान साफ या आंशिक रूप से बादलों वाला रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। बारिश न होने और हवा में नमी अधिक रहने के कारण दोपहर के समय भीषण उमस पसीने छुड़ाएगी।

  • बुंदेलखंड क्षेत्र: झांसी, बांदा, हमीरपुर, महोबा, जालौन और ललितपुर में मौसम लगभग शुष्क बना रहेगा। बांदा और आसपास के क्षेत्रों में दिन का पारा 35 डिग्री के पार जाने से उमस भरी गर्मी लोगों को बेचैन करेगी।

  • अवध क्षेत्र: राजधानी लखनऊ, कानपुर नगर, बाराबंकी, सीतापुर, रायबरेली और उन्नाव में मिलाजुला मौसम रहेगा। दोपहर के वक्त तेज धूप उमस बढ़ाएगी, हालांकि स्थानीय स्तर पर बादलों के टकराने से शाम या दोपहर बाद कहीं-कहीं अचानक 20-30 मिनट की तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, सितंबर के तीसरे सप्ताह के अंत तक उत्तर-पश्चिमी भारत से मॉनसूनी हवाएं पीछे हटना शुरू कर देती हैं। 20 सितंबर के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क होने के आसार हैं। इसके बाद 22 से 25 सितंबर के बीच पूरे उत्तर प्रदेश से मॉनसून विदा हो सकता है। मॉनसून के पूरी तरह वापस लौटते ही उत्तर-पश्चिमी हवाओं का दौर शुरू होगा, जिससे दिन के समय धूप खिली रहेगी लेकिन रात और तड़के के तापमान में गिरावट आनी शुरू हो जाएगी, जो आगे चलकर गुलाबी ठंड का मार्ग प्रशस्त करेगी।

मॉनसून के इस विदाई दौर में आकाशीय बिजली चमकने और अचानक तेज हवाएं चलने (थंडरस्टॉर्म) की घटनाएं अधिक देखने को मिलती हैं।

  • किसानों को सलाह: जिन किसानों ने धान की फसल लगा रखी है, वे मौसम का मिजाज देखकर ही सिंचाई और कीटनाशकों का छिड़काव करें। कटी हुई फसलों या बाजरा-मक्के को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें।

  • स्वास्थ्य को लेकर सावधानी: दिन में तेज धूप और पसीना निकलने तथा रात में पंखे-एसी की ठंडी हवा लगने से मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में वायरल फीवर, डिहाइड्रेशन और सर्दी-जुकाम से बचने के लिए पर्याप्त पानी पिएं और अचानक ठंडे से गर्म या गर्म से ठंडे माहौल में जाने से बचें।