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UPI ट्रांजैक्शन पर फीस लगते ही रॉकेट बने Paytm के शेयर, निवेशकों में उत्साह से भाव पहुंचे 52 हफ्ते के नए टॉप पर

भारतीय डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम और फिनटेक बाजार में उस समय भूचाल आ गया जब नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी एनपीसीआई (NPCI) ने यूपीआई लेनदेन को लेकर एक बेहद बड़ा और दूरगामी फैसला लिया। देश में डिजिटल लेन-देन को और अधिक सुदृढ़, आत्मनिर्भर और व्यावसायिक रूप से टिकाऊ बनाने के लिए सरकार और नियामकों ने मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगाने की रूपरेखा साफ कर दी है। इस नीतिगत बदलाव का सबसे बड़ा और सकारात्मक असर देश की दिग्गज फिनटेक कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस, यानी पेटीएम (Paytm Share Price) के शेयरों पर देखने को मिला है। जैसे ही बाजार में यह खबर फैली कि चुनिंदा मर्चेंट यूपीआई भुगतानों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर (MDR) लागू किया जा रहा है, निवेशकों ने पेटीएम के शेयरों पर जमकर खरीदारी शुरू कर दी। इस भारी लिवाली के चलते कंपनी का शेयर बाजार खुलते ही रॉकेट की तरह तेजी से भागने लगा और इसने दलाल स्ट्रीट पर अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए 52 हफ्ते के नए उच्चतम स्तर (52-Week High) को छू लिया।

इस पूरे बाजार उछाल के पीछे मुख्य वजह एनपीसीआई का वह नया निर्देश है जिसके तहत 2,000 रुपये से अधिक के पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) यूपीआई ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत का मामूली एमडीआर शुल्क लगाने का प्रावधान किया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि अब तक जीरो-एमडीआर पॉलिसी के तहत यूपीआई के जरिए होने वाले तमाम मर्चेंट भुगतान पूरी तरह से मुफ्त थे, जिससे फिनटेक कंपनियों के पास ट्रांजैक्शन वॉल्यूम बहुत ज्यादा होने के बावजूद कमाई के रास्ते सीमित हो रहे थे। लेकिन इस नए फ्रेमवर्क के लागू होने से पेटीएम जैसी प्रमुख पेमेंट एग्रीगेटर कंपनियों को मर्चेंट बिजनेस से एक बड़ा और नियमित रेवेन्यू कमाने का नया जरिया मिल गया है। वित्तीय विशेषज्ञों और मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि यह कदम पेटीएम के बिजनेस मॉडल को लंबे समय तक घाटे से उभारकर सीधा मजबूत प्रॉफिटेबिलिटी की पटरी पर लाने में मील का पत्थर साबित होगा, क्योंकि इससे कंपनी की आय में सीधा बड़ा इजाफा होना तय माना जा रहा है।

नियामक निकाय द्वारा उठाए गए इस कदम का असर सीधे तौर पर शेयर बाजार के ट्रेडिंग सेशन में देखने को मिला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर पेटीएम की मूल कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस के शेयरों में जबरदस्त तूफानी तेजी दर्ज की गई। बिकवाली के पुराने दौर को पीछे छोड़ते हुए निवेशकों ने फिनटेक सेक्टर के इस दिग्गज स्टॉक पर भरोसा जताया, जिससे इंट्राडे ट्रेड के दौरान पेटीएम का शेयर करीब 7 प्रतिशत से अधिक की छलांग लगाकर 1,855.50 रुपये के अपने नए 52 हफ्ते के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गया। हालांकि ऊपरी स्तरों पर कुछ निवेशकों ने मुनाफावसूली (Profit Booking) भी की, लेकिन इसके बावजूद बाजार में इस काउंटर को लेकर निवेशकों का सेंटिमेंट बेहद मजबूत और बुलिश बना हुआ है, जो भविष्य में कंपनी की मजबूत स्थिति की ओर इशारा करता है।

इस नए बदलाव को लेकर आम जनता और खुदरा उपभोक्ताओं के मन में जो सबसे बड़ी शंका थी, उसे वित्त मंत्रालय और एनपीसीआई ने पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है। सरकार की ओर से साफ कहा गया है कि आम उपभोक्ताओं द्वारा किए जाने वाले किसी भी यूपीआई भुगतान पर ग्राहकों को अपनी जेब से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा, और यह सुविधा ग्राहकों के लिए पूरी तरह से मुफ्त बनी रहेगी। इसके अलावा, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को भेजे जाने वाले पैसे (P2P Transfers) और 2,000 रुपये से कम के छोटे मर्चेंट ट्रांजैक्शन पहले की तरह पूरी तरह फ्री रहेंगे। इसका मतलब यह है कि देश के करीब 96 प्रतिशत दैनिक यूपीआई ट्रांजैक्शन पर आम आदमी पर कोई वित्तीय बोझ नहीं आएगा, बल्कि यह नया 0.4% का एमडीआर चार्ज केवल बड़े कारोबारियों और चुनिंदा मर्चेंट भुगतानों पर ही लागू होगा, जिसका पूरा फायदा सीधे तौर पर पेमेंट गेटवे और ऐप्स चलाने वाली कंपनियों को मिलेगा।

पेटीएम के शेयरों में आई इस ऐतिहासिक तेजी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय शेयर बाजार अब फिनटेक कंपनियों के मजबूत और सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल्स को लेकर ज्यादा सकारात्मक रुख अपना रहा है। क्यूआर कोड और साउंडबॉक्स के जरिए छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े मर्चेंट्स के बीच अपनी गहरी पैठ बना चुकी पेटीएम के लिए यह रेगुलेटरी बदलाव एक बड़े टर्निंग पॉइंट के रूप में देखा जा रहा है। ब्रोकरेज फर्म्स और मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले तिमाहियों में कंपनी के वित्तीय परिणामों (Financial Results) में इस नई आय का साफ असर दिखाई देगा। हालांकि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहते हैं, लेकिन इस नीतिगत समर्थन के बाद निवेशकों का लंबा नजरिया पेटीएम को लेकर काफी उम्मीदों से भर गया है, जिससे आने वाले दिनों में इस काउंटर पर बाजार की पैनी नजर बनी रहेगी।