
अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट के मैदान पर अपनी तेज और धारदार गेंदबाजी से बल्लेबाजों के मन में खौफ पैदा करने वाले युवा तेज गेंदबाज आकिब नबी (Aqib Nabi) ने इन दिनों विदेशी धरती पर एक बार फिर से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा लिया है। काउंटी चैंपियनशिप (County Championship) के मुकाबलों में खेलने उतरे आकिब नबी ने अपने इस नए सफर की शुरुआत में कुछ शुरुआती ओवरों के दौरान नो-बॉल की तकनीकी समस्याओं और क्रीज पर अपनी लाइन-लेंथ को सेट करने में कुछ संघर्ष जरूर किया, लेकिन उसके बाद उन्होंने जिस जोरदार वापसी की उसने पूरी महफिल लूट ली। अपनी करिश्माई स्विंग गेंदबाजी (Swing Bowling) के दम पर विरोधी टीम के बल्लेबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए आकिब ने मैदान पर ऐसा कोहराम मचाया कि हर तरफ उन्हीं के नाम की चर्चा होने लगी है। इंग्लिश पिंजों की कड़क और स्विंग के अनुकूल परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाते हुए इस गेंदबाज ने यह साबित कर दिया है कि वह दुनिया के किसी भी कोने में अपनी गेंदबाजी से किसी भी बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस करने का माद्दा रखते हैं।
जब कोई भी भारतीय या उप-महाद्वीप का गेंदबाज पहली बार विदेशी लीग्स या काउंटी क्रिकेट जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट्स में खेलने जाता है, तो वहां की मौसम की स्थिति, सीम मूवमेंट और अंपायरों के कड़े नियमों के मुताबिक खुद को ढालना आसान नहीं होता है। आकिब नबी के लिए भी शुरुआत के कुछ स्पेल में यह चुनौती साफ तौर पर देखने को मिली जब उनकी कुछ गेंदें नो-बॉल (No-Ball) करार दी गईं और उन्हें अपनी गेंदबाजी के रन-अप तथा ग्रिप में मामूली बदलाव करने की जरूरत महसूस हुई। हालांकि, एक परिपक्व और पेशेवर खिलाड़ी की तरह आकिब ने मैदान पर घबराने के बजाय अपनी कमियों पर तुरंत काम किया। कोच और सीनियर खिलाड़ियों की सलाह लेते हुए उन्होंने अपने पैरों के लैंडिंग एरिया को दुरुस्त किया और बिना किसी अतिरिक्त दबाव के अपनी प्राकृतिक स्विंग पर पूरा फोकस बनाए रखा, जिसका परिणाम यह हुआ कि देखते ही देखते उन्होंने अपनी गेंदबाजी की लय को वापस पा लिया।
काउंटी चैंपियनशिप की पिचें हमेशा से तेज गेंदबाजों और खासकर पारंपरिक स्विंग कराने वाले गेंदबाजों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं मानी जाती हैं, बशर्ते गेंदबाज को सही सीम पोजीशन का इस्तेमाल करना आता हो। आकिब नबी ने जब अपनी कलाई के इस्तेमाल से गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराना शुरू किया, तो विपक्षी बल्लेबाजों के पास उसका कोई जवाब नहीं बचा। क्रीज पर पैर जमाकर खेल रहे सेट बल्लेबाजों को भी उनकी इनस्विंग और आउटस्विंग गेंदों को समझने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। एक के बाद एक बेहतरीन यॉर्कर और गुड लेंथ पर टप्पा खाकर बाहर निकलती गेंदों ने बल्लेबाजों के गिल्लियां बिखेर दीं, जिससे पूरी विरोधी टीम दबाव में आ गई। काउंटी के इस स्तर पर इस प्रकार का शानदार प्रदर्शन करना यह दर्शाता है कि आकिब नबी का कौशल अब पूरी तरह से परिपक्व हो चुका है और वे भविष्य की बड़ी अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
आकिब नबी के क्रिकेट करियर का यह मुकाम रातों-रात हासिल नहीं हुआ है, बल्कि इसके पीछे उनकी बरसों की कड़ी मेहनत, घरेलू क्रिकेट का लंबा अनुभव और विषम परिस्थितियों से लड़ने की जिद छिपी हुई है। अपने घरेलू सर्किट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद जब उन्हें काउंटी चैंपियनशिप में अपनी प्रतिभा दिखाने का यह सुनहरा अवसर मिला, तो उन्होंने यह साबित कर दिया कि वे इस बड़े मौके का पूरा लाभ उठाने के हकदार थे। विदेशी धरती पर जाकर वहां के स्थानीय वातावरण, अलग खान-पान और अलग संस्कृति के बीच खुद को ढालते हुए मैदान पर अपनी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी का नमूना पेश करना हर खिलाड़ी के बस की बात नहीं होती। आकिब ने अपनी इस सफलता से यह बता दिया है कि भारतीय उप-महाद्वीप के युवा गेंदबाज अब तकनीक और मानसिक मजबूती के मामले में किसी से पीछे नहीं हैं और वे वैश्विक मंचों पर अपनी टीम का नाम रोशन करने का दम रखते हैं।
क्रिकेट पंडितों और खेल विशेषज्ञों का यह मानना है कि काउंटी क्रिकेट में इस प्रकार के शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भविष्य में राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचने में बहुत आसानी होती है। जब कोई तेज गेंदबाज विदेशी परिस्थितियों में जाकर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाता है, तो उसका चयन और उसकी उपयोगिता टीम के लिए और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। आकिब नबी की इस उपलब्धि ने न केवल उनके निजी करियर को एक नई और ऊंची उड़ान दी है, बल्कि उनके चाहने वालों और युवा क्रिकेटर्स को भी यह संदेश दिया है कि शुरुआती असफलता या छोटी-सी तकनीकी बाधाओं से घबराने के बजाय अपनी मेहनत पर भरोसा रखना चाहिए। आने वाले दिनों में जब वे अपने देश के लिए या अन्य बड़े टूर्नामेंट्स में मैदान पर उतरेंगे, तो उनका यह काउंटी का अनुभव उनके सबसे बड़े हथियारों में से एक साबित होगा।
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