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Stocks to Buy: ब्रोकरेज ने इन 3 शेयरों पर दी खरीदारी की सलाह, 51% तक बंपर रिटर्न का अनुमान

भारतीय इक्विटी बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच दिग्गज घरेलू ब्रोकरेज हाउसेज ने मजबूत फंडामेंटल्स, आक्रामक कैपेक्स (क्षमता विस्तार) और स्थिर राजस्व वृद्धि वाली चुनिंदा कंपनियों पर सकारात्मक रुख जाहिर किया है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद घरेलू उपभोग, हेल्थकेयर और वित्तीय सेवा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियां लंबी अवधि में निवेशकों को शानदार वेल्थ क्रिएशन का अवसर दे सकती हैं। हालिया शोध रिपोर्टों की समीक्षा के आधार पर आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, पीएल कैपिटल और मोतीलाल ओसवाल ने तीन प्रमुख कंपनियों—वन सोर्स स्पेशियलिटी फार्मा, अपीजय सुरेंद्र पार्क होटल्स और एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (HDFC AMC)—पर अपनी ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखी है। इन तीनों स्टॉक्स में मौजूदा बाजार भाव से लगभग 33 प्रतिशत से लेकर 51 प्रतिशत तक की संभावित तेजी का अनुमान लगाया गया है।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने वन सोर्स स्पेशियलिटी फार्मा के शेयरों पर अपनी ‘BUY’ रेटिंग को मजबूती से कायम रखा है। ब्रोकरेज फर्म ने इस शेयर के लिए 2,400 रुपये का 12 महीने का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। स्टॉक के मौजूदा कारोबारी भाव 1,592.40 रुपये के मुकाबले यह टारगेट लगभग 51 फीसदी की ठोस संभावित बढ़त दर्शाता है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी को जी-7 (G7) विकसित देशों में जेनेरिक सेमाग्लूटाइड की नियामकीय मंजूरी प्राप्त प्रमुख कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन (CDMO) के रूप में एक बेहद विशिष्ट और प्रतिस्पर्धी स्थिति हासिल है, जो इसके भविष्य के मार्जिन को सुरक्षा प्रदान करती है।

कंपनी के वैश्विक क्लाइंट्स ने भारत, कनाडा और सऊदी अरब के तेजी से बढ़ते सेमाग्लूटाइड बाजारों में ठोस प्रगति दर्ज की है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि आने वाले महीनों में कंपनी ब्राजील, तुर्किये, लैटिन अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्रों में भी अपने फुटप्रिंट्स का तेजी से विस्तार करेगी। वैश्विक मांग में आए अप्रत्याशित उछाल को पूरा करने के लिए कंपनी ने सितंबर 2026 में अपनी डीडीसी क्षमता को लगभग 3.5 से 5 गुना बढ़ाकर 700 से 950 लीटर के स्तर तक पहुंचा दिया है। इसके अतिरिक्त, प्रबंधन मार्च 2027 तक 500 से 750 लीटर की अतिरिक्त क्षमता जोड़ने की योजना पर आक्रामक रूप से काम कर रहा है। बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स वर्टिकल में कंपनी ने हाल ही में पांच नए क्लाइंट पार्टनरशिप हासिल किए हैं, जो इसके रेवेन्यू विजिबिलिटी को बहु-वर्षीय मजबूती प्रदान करते हैं।

हॉस्पिटैलिटी और रिटेल एफएंडबी सेक्टर की प्रमुख कंपनी अपीजय सुरेंद्र पार्क होटल्स पर पीएल कैपिटल ने अपनी ‘BUY’ सिफारिश को दोहराया है। ब्रोकरेज ने इस शेयर के लिए 156 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। वर्तमान में 110.55 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहे इस शेयर में निवेशकों के लिए मौजूदा भाव से लगभग 41 प्रतिशत की मजबूत तेजी की गुंजाइश देखी जा रही है। ब्रोकरेज के वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी का संतुलित और अनूठा बिजनेस मॉडल—जो प्रीमियम होटल प्रॉपर्टीज और रिटेल फूड एंड बेवरेज (F&B) के दोहरे इंजनों पर आधारित है—इसे लंबी अवधि की चक्रीय मंदी से बचाकर लगातार कैश फ्लो उत्पन्न करने में सक्षम बनाता है।

कंपनी की दीर्घावधि विस्तार योजना के तहत, प्रबंधन अपने होटल पोर्टफोलियो को वित्त वर्ष 2030 तक मौजूदा 42 होटलों (2,677 कीज/कमरे) से बढ़ाकर 87 होटलों और 6,719 कीज तक ले जाने की ठोस रणनीति पर काम कर रहा है। इसमें कंपनी की खुद की संपत्तियों के साथ-साथ ‘एसेट-लाइट’ मैनेज्ड कॉन्ट्रैक्ट्स का बड़ा हिस्सा शामिल है, जिससे भारी पूंजी निवेश किए बिना ऑपरेटिंग लीवरेज का सीधा फायदा मुनाफे में दिखेगा। इसके अलावा, कंपनी का ऐतिहासिक और लोकप्रिय रिटेल एफएंडबी ब्रांड ‘Flurys’ इस समय कंपनी के सबसे बड़े ग्रोथ ड्राइवर के रूप में उभर रहा है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 तक इसके 130 से 140 आउटलेट्स खोलना है, जिसे मध्यम अवधि में 300 आउटलेट्स तक विस्तारित किया जाएगा। रणनीतिक विस्तार के लिए कंपनी प्रमुख मॉल डेवलपर्स, मेट्रो एयरपोर्ट ऑपरेटर्स और मल्टीप्लेक्स चेन के साथ साझेदारी कर रही है। पीएल कैपिटल का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2028 के दौरान कंपनी की कुल बिक्री और एबिटा (EBITDA) में क्रमशः 17% और 20% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज होगा।

भारत के म्यूचुअल फंड और वेल्थ मैनेजमेंट स्पेस की अग्रणी कंपनी एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (HDFC AMC) पर दिग्गज ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने अपनी ‘BUY’ कॉल जारी रखते हुए 3,200 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर के मौजूदा बाजार भाव 2,408 रुपये के आधार पर ब्रोकरेज को इसमें करीब 33 फीसदी की संभावित तेजी दिखाई दे रही है। ब्रोकरेज रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि देश में वित्तीय संपत्तियों में निवेश के बढ़ते रुझान (फाइनेंशियलाइजेशन ऑफ सेविंग्स) और सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के निरंतर प्रवाह का सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष लाभार्थी एचडीएफसी एएमसी बना हुआ है।

मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, एचडीएफसी एएमसी का लगातार सुधरता वित्तीय प्रदर्शन, एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में सतत वृद्धि, मजबूत इक्विटी मार्केट शेयर और देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में गहरी रिटेल पहुंच इसे उद्योग में अग्रणी बनाए रखती है। हालांकि शेयर बाजार में अल्पकालिक आधार पर आने वाली वोलैटिलिटी और करेक्शन कंपनी के फ्लो पर क्षणिक प्रभाव डाल सकते हैं, लेकिन कंपनी के कोर फंडामेंटल्स, जीरो-डेट स्टेटस और मजबूत रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) बेहद आकर्षक स्तरों पर बने हुए हैं। ब्रोकरेज का मानना है कि बेहतर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, रणनीतिक प्रोडक्ट डाइवर्सिफिकेशन और व्यापक डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के बल पर एचडीएफसी एएमसी लंबी अवधि में इंडस्ट्री-लीडिंग मार्जिन बरकरार रखेगी।

बाजार जानकारों के अनुसार, यह तीन शेयर फार्मा, हॉस्पिटैलिटी और एसेट मैनेजमेंट जैसे तीन अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिससे निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में सेक्टर डायवर्सिफिकेशन का सीधा लाभ मिल सकता है। फार्मा सेक्टर जहां वैश्विक जेनेरिक और बायोसिमिलर मांग के कारण डिफेंसिव ग्रोथ देता है, वहीं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र घरेलू पर्यटन और कॉरपोरेट ट्रैवल के दम पर लगातार रिकॉर्ड ऑक्यूपेंसी दर्ज कर रहा है। दूसरी ओर, म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का दीर्घकालिक ढांचागत विकास वित्तीय सेवा क्षेत्र के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहा है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी शेयर में एकमुश्त निवेश करने के बजाय व्यवस्थित तरीके से गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाएं और अपने वित्तीय सलाहकार के परामर्श के अनुसार ही निवेश निर्णय लें।