Tuesday , September 8 2026

अयोध्या राम मंदिर के नए CEO जितेंद्र मिश्र आज संभालेंगे कमान, CM योगी की अगवानी से शुरू होगी नई जिम्मेदारी

अयोध्या। राम मंदिर से जुड़ी प्रशासनिक व्यवस्था में मंगलवार को एक अहम बदलाव होने जा रहा है। राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के तौर पर नियुक्त जितेंद्र मिश्र आज अयोध्या पहुंचकर अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही उनके सामने मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और व्यवस्थागत कार्यों को आगे बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

जितेंद्र मिश्र के कार्यभार संभालने का दिन इसलिए भी खास है क्योंकि मंगलवार को ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री के रामलला के दर्शन करने से पहले जितेंद्र मिश्र उनकी अगवानी करेंगे। ऐसे में नई जिम्मेदारी संभालते ही उनका पहला प्रमुख कार्यक्रम मुख्यमंत्री से जुड़ा होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का करेंगे स्वागत

सीएम योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री रामलला के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचेंगे। इसी दौरान राम मंदिर के नए CEO जितेंद्र मिश्र उनकी अगवानी करेंगे।

जितेंद्र मिश्र की नियुक्ति को राम मंदिर की व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित और पेशेवर तरीके से संचालित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मंगलवार से वह मंदिर प्रशासन से जुड़ी अपनी नई भूमिका में सक्रिय हो जाएंगे।

राम मंदिर के पहले CEO हैं जितेंद्र मिश्र

जितेंद्र मिश्र को राम मंदिर का पहला CEO बनाया गया है। इस पद के जरिए मंदिर से जुड़े प्रशासनिक कामकाज को एक निर्धारित कार्यकारी व्यवस्था के तहत आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। उनके कार्यभार संभालने के बाद मंदिर प्रशासन से जुड़े कामों में नई कार्यप्रणाली देखने को मिल सकती है।

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाएं लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही हैं। ऐसे में CEO की भूमिका को लेकर भी खास नजर रहेगी।

बालवाटिका से मजबूत होगी बच्चों की बुनियादी शिक्षा

इधर, उत्तर प्रदेश में बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए योगी सरकार की ओर से भी विशेष पहल की जा रही है। सरकार का जोर बच्चों की शुरुआती शिक्षा को अधिक सहज, आनंददायक और रचनात्मक बनाने पर है।

अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर मंगलवार से प्रदेश के सभी को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों, बालवाटिकाओं और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में ‘आओ सुनें और सुनाएं कहानी’ गतिविधि आयोजित की जाएगी।

इस पहल का उद्देश्य बच्चों को शुरुआती स्तर पर सीखने की प्रक्रिया से बेहतर तरीके से जोड़ना है। कहानी और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के लिए सीखने का माहौल अधिक सहज बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

बालवाटिका स्तर से तैयार होगी शिक्षा की मजबूत नींव

योगी सरकार की शिक्षा नीति में शुरुआती बाल्यावस्था को बुनियादी शिक्षा की मजबूत नींव तैयार करने वाला महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। इसी सोच के तहत बालवाटिका स्तर पर बच्चों के सीखने के अनुभव को अधिक रोचक और गतिविधि आधारित बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

सरकार का फोकस यह है कि बच्चों के लिए शिक्षा केवल किताबों तक सीमित न रहे, बल्कि कहानी, संवाद और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया उनके लिए स्वाभाविक और आनंदमय बने।