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Crude Oil Price Hike: अमेरिका-ईरान जंग से भड़का कच्चा तेल, ब्रेंट क्रूड $96 के पार; तेल कंपनियों ने जारी किए पेट्रोल-डीजल के नए भाव, जानें अपने शहर का रेट

मध्य पूर्व एशिया में भू-राजनीतिक संकट एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों और समुद्री टकराव के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मची हुई है। ताजा घटनाक्रम में जहाजों और तेल टैंकरों पर हमलों की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमतें उछलकर 96 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गईं, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 92 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है। सामरिक दृष्टि से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) में आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने दुनिया भर के तेल व्यापारियों और ऊर्जा आयातकों की चिंता बढ़ा दी है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वाशिंगटन और तेहरान के बीच यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो कच्चे तेल की कीमतें जल्द ही तिहरे अंक यानी 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर सकती हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के कुल तेल उपभोग का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग पर किसी भी प्रकार की सैन्य पाबंदी या नौसैनिक नाकेबंदी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को गंभीर रूप से तोड़ सकती है। इस भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोधित ईंधनों जैसे डीजल और गैसोलीन की कीमतों में भी जोरदार तेजी देखी जा रही है।

कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई इस तूफानी तेजी के बीच भारतीय तेल विपणन कंपनियों—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL)—ने आज सुबह छह बजे देश भर में पेट्रोल और डीजल के नए खुदरा रेट अपडेट कर दिए हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है, लेकिन घरेलू स्तर पर सरकारी तेल कंपनियों ने आम उपभोक्ताओं को झटका न देते हुए प्रमुख महानगरों में खुदरा कीमतों को फिलहाल स्थिर बनाए रखा है।

देश की राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल लगभग 94.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। आर्थिक राजधानी मुंबई में स्थानीय वैट और नगर निगम उपकर के चलते पेट्रोल 104.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.15 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है। कोलकाता में पेट्रोल 103.94 रुपये और डीजल 90.76 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 100.75 रुपये और डीजल की कीमत 92.34 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल 94.65 रुपये और डीजल 87.76 रुपये प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है।

भारत अपनी कुल घरेलू कच्चे तेल की जरूरतों का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का महंगा होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए दोहरी चुनौती पेश करता है। जब भी कच्चे तेल की कीमतों में एक डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी होती है, तो भारत का तेल आयात बिल अरबों डॉलर बढ़ जाता है। इसका सीधा असर देश के चालू खाता घाटे (CAD) और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ता है, जिससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये पर भी दबाव बनने लगता है।

कच्चा तेल महंगा होने का सबसे बड़ा खतरा खुदरा महंगाई यानी इन्फ्लेशन पर पड़ता है। डीजल देश में माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन की रीढ़ है। यदि कच्चे तेल की वैश्विक तेजी को देखते हुए घरेलू कंपनियों ने भविष्य में पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में संशोधन किया, तो फल, सब्जियां, खाद्यान्न और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई लागत बढ़ जाएगी। इसके अतिरिक्त, पेट्रोकेमिकल, टायर, पेंट, प्लास्टिक और फर्टिलाइजर उद्योगों की उत्पादन लागत में भारी उछाल आ सकता है, जिसका अंतिम बोझ आम जनता की जेब पर ही पड़ेगा।

भारत में प्रत्येक सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के दामों की दैनिक समीक्षा (Dynamic Fuel Pricing System) की जाती है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कीमतों और अमेरिकी डॉलर-रुपया विनिमय दर के पिछले 15 दिनों के औसत के आधार पर रिफाइनरी गेट मूल्य तय होता है। इसके बाद केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise Duty), डीलर कमीशन और फिर प्रत्येक राज्य सरकार द्वारा वसूला जाने वाला मूल्य वर्धित कर (VAT) जुड़ता है।

यही कारण है कि एक ही देश में राज्य दर राज्य पेट्रोल और डीजल के दामों में बड़ा अंतर दिखाई देता है। जिन राज्यों में वैट की दरें अधिक हैं, वहां ईंधन 100 रुपये प्रति लीटर के पार बना हुआ है, जबकि कम टैक्स वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ईंधन के दाम अपेक्षाकृत कम हैं। पिछले कुछ समय से भारतीय रिफाइनरी कंपनियां रूस जैसे वैकल्पिक स्रोतों से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदकर इस वैश्विक उछाल के प्रभाव को कम करने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात इस संतुलन को बिगाड़ सकते हैं।

पेट्रोल और डीजल के रोज बदलते दामों की जानकारी उपभोक्ता घर बैठे महज एक एसएमएस भेजकर प्राप्त कर सकते हैं। तेल कंपनियों ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल और एसएमएस सेवाएं शुरू की हुई हैं।

यदि आप इंडियन ऑयल (IOCL) के ग्राहक हैं, तो अपने मोबाइल से ‘RSP <स्पेस> डीलर कोड’ लिखकर 9224992249 पर भेजें। बीपीसीएल (BPCL) के उपभोक्ता ‘RSP <स्पेस> डीलर कोड’ लिखकर 9223112222 पर एसएमएस कर सकते हैं। वहीं एचपीसीएल (HPCL) के उपभोक्ता ‘HPPRICE <स्पेस> डीलर कोड’ लिखकर 9222201122 पर भेजकर अपने नजदीकी पेट्रोल पंप का सबसे सटीक और ताजा मूल्य जान सकते हैं। इसके अलावा संबंधित कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल ऐप्लिकेशन पर जाकर भी रियल-टाइम रेट देखे जा सकते हैं।