
दिल्ली के सत्य निकेतन (Satya Niketan) इलाके में एक बहुमंजिला इमारत के अचानक भरभरा कर ढह जाने की इस बेहद दर्दनाक और भीषण दुर्घटना के बाद देश की राजधानी में हड़कंप मच गया है, और इस दुखद हादसे की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) ने अपनी पूर्व निर्धारित गोवा यात्रा तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रद्द कर दी है। तय कार्यक्रम के अनुसार गृह मंत्री को आज ही गोवा के चिम्बेल (Chimbell) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नवनिर्मित अत्याधुनिक राज्य कार्यालय भवन का उद्घाटन करने पहुंचना था, लेकिन राजधानी के इस गंभीर हादसे की सूचना मिलते ही उन्होंने अपना सारा कार्यक्रम स्थगित कर दिया और वे लगातार दिल्ली के हालातों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। इस हृदयविदारक हादसे में अब तक एक व्यक्ति की असामयिक मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
सत्य निकेतन इमारत ढहने से मची अफरातफरी, एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हुए घायल
दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के व्यस्त इलाके सत्य निकेतन में हुए इस बड़े हादसे के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य (Rescue Operation) युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है, जिसमें सेंट्रलाइज्ड एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विसेज (CATS) के नोडल ऑफिसर बलराज सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि अब तक कुल पांच गंभीर रूप से घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए एम्स के ट्रॉमा सेंटर (AIIMS Trauma Center) में भेजा जा चुका है। डॉक्टरों के मुताबिक घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उनकी सटीक स्वास्थ्य स्थिति पर केवल अस्पताल प्रबंधन ही आधिकारिक बुलेटिन के जरिए जानकारी साझा कर सकेगा। स्थानीय चश्मदीदों और शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार ढही हुई इस इमारत के मलबे के नीचे करीब 25 से 30 लोगों के दबे होने या हताहत होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते किसी भी अनहोनी से निपटने और समय रहते लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए घटनास्थल पर 17 से अधिक आधुनिक एंबुलेंस और एनडीआरएफ-फायर ब्रिगेड की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात की गई हैं।
राजनीतिक बयानबाजी और बच्चों के फंसे होने की आशंका पर गरमाई सियासत
इस दुखद दुर्घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है और मौके पर पहुंचे कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा (Deepender Singh Hooda) ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इस वक्त एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने या राजनीति करने का समय नहीं है, बल्कि पूरी प्राथमिकता जिंदगियां बचाने की होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि हमारी टीमें भी राहत कार्य में जुटी हैं और अब तक मलबे से तीन बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, हालांकि अभी भी लगभग 25 से 26 बच्चों या अन्य लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। हुड्डा ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए कहा कि अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई भी स्पष्ट और सही संख्या सामने नहीं आ पाई है, और पहले भी शहर में फायर सेफ्टी, बिल्डिंग बायलॉज, नक्शों की वैधता और एमसीडी-एनडीएमसी के ढीले कामकाज पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वे यहां सिर्फ एक राजनेता के रूप में नहीं बल्कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र और एक आम इंसान के रूप में पहुंचे हैं, लेकिन इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार सत्ता पक्ष और प्रशासन से जवाब जरूर मांगा जाएगा।
इमारत के मालिक आनंद बंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज, जांच शुरू
सत्य निकेतन की इस जर्जर और धड़ाम से गिरी इमारत के मामले में प्रशासन ने त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए भवन मालिक आनंद बंसल (Anand Bansal) के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है, और पुलिस अब यह पता लगाने में जुट गई है कि निर्माण कार्य में किस स्तर पर लापरवाही बरती गई थी। इस बीच अस्पताल में भर्ती कराए गए मरीजों में से दो की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में जारी है, जबकि राहत की बात यह रही कि घायलों में शामिल एक ऐसा शख्स जो खुद मौके पर बचाव अभियान (Rescue Operation) में सक्रिय रूप से शामिल था और घायल हो गया था, उसे प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। इस हादसे के बाद दिल्ली के तमाम इलाकों में अवैध और असुरक्षित निर्माणों के खिलाफ एक बार फिर बड़े पैमाने पर प्रशासनिक जांच और सर्वे शुरू होने के पूरे आसार बन गए हैं ताकि शहर के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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