
भारतीय क्रिकेट जगत से एक बहुत बड़ी और दिलचस्प खबर सामने आ रही है। पिछले चार साल से लंबे समय से भारतीय टीम की मुख्य चयन समिति के राडार से दूर और राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे अनुभवी भारतीय सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने आखिरकार एक नया और बड़ा कदम उठाते हुए इंग्लैंड की तरफ रुख कर लिया है। अपनी शानदार तकनीक और घरेलू क्रिकेट में रनों के अंबार के लिए पहचाने जाने वाले मयंक अग्रवाल ने इंग्लैंड की प्रतिष्ठित काउंटी चैंपियनशिप (County Championship) के शेष सत्र के लिए डरहम (Durham) क्रिकेट क्लब के साथ आधिकारिक तौर पर करार कर लिया है। भारतीय पिचों और घरेलू सर्किट पर अपनी धाक जमाने के बाद विदेशी धरती पर काउंटी क्रिकेट खेलना मयंक के डूबते हुए अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए एक नया संजीवनी बूटी साबित हो सकता है, और वे इस शानदार मंच के जरिए एक बार फिर से टीम इंडिया के दरवाजे खटखटाने की पुरजोर कोशिश करते नजर आएंगे।
इंग्लैंड के प्रसिद्ध काउंटी क्लब डरहम की ओर से हाल ही में एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस बात की विधिवत जानकारी साझा की गई है कि भारतीय बल्लेबाज मयंक अग्रवाल को सीजन के आखिरी और बेहद महत्वपूर्ण चरण के लिए साइन किया गया है। विज्ञप्ति में बताया गया है कि मयंक अग्रवाल आगामी चार मुकाबलों के लिए डरहम टीम के साथ पूरी तरह से जुड़ चुके हैं। इन बचे हुए चार अहम मैचों में उनका पहला मुकाबला आगामी 02 सितंबर से नॉर्थहैम्पटनशायर (Northamptonshire) के खिलाफ खेला जाएगा, जहां उनकी तकनीक और अनुभव की कड़ी परीक्षा होगी। इसके अलावा, इस इंग्लिश काउंटी अभियान का उनका चौथा और आखिरी मुकाबला आगामी 24 सितंबर से लैंकशायर (Lancashire) के खिलाफ शुरू होगा। काउंटी प्रबंधन का मानना है कि मयंक के जुड़ने से टीम की बल्लेबाजी क्रम को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी, क्योंकि इंग्लिश कंडीशंस में भारतीय बल्लेबाजों का अनुभव हमेशा से मददगार साबित होता है।
दाएं हाथ के अनुभवी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने भारत के लिए मुख्य रूप से टेस्ट क्रिकेट में अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बनाई है, हालांकि उन्होंने देश के लिए कुछ सीमित ओवरों के वनडे मुकाबले भी खेले हैं। अगर उनके हालिया अंतरराष्ट्रीय सफर पर नजर डालें तो उन्होंने भारत के लिए अपना पिछला टेस्ट मुकाबला मार्च 2022 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था। उस मैच के बाद से लेकर अब तक लगभग चार साल से अधिक का लंबा वक्त गुजर चुका है, लेकिन वे किसी भी फॉर्मेट में दोबारा राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह पक्की करने में कामयाब नहीं हो सके हैं। भारतीय घरेलू सर्किट और रणजी ट्रॉफी में लगातार भारी-भरकम रन बनाने के बावजूद चयनकर्ताओं का ध्यान खींचने में नाकाम रहने के बाद, अब इंग्लैंड की काउंटी क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करना मयंक के लिए टीम इंडिया में वापसी का सबसे बेहतरीन और सुनहरा मौका बन सकता है। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि अंग्रेजी पिचों की स्विंग और सीम लेती गेंदों के खिलाफ मयंक कैसा प्रदर्शन करते हैं।
मयंक अग्रवाल के समग्र अंतरराष्ट्रीय और प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर पर नजर डाली जाए तो उनके आंकड़े काफी ज्यादा प्रभावित करने वाले हैं। उन्होंने अब तक भारत के लिए कुल 21 टेस्ट मैच और 05 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। टेस्ट क्रिकेट की 36 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 41.33 की शानदार औसत से कुल 1488 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से टेस्ट फॉर्मेट में 4 बेहतरीन शतक और 6 अर्धशतक भी निकले हैं, जिसमें उनका व्यक्तिगत सर्वोच्च स्कोर नाबाद 243 रनों का रहा है जो उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बनाया था। वहीं दूसरी ओर, वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की 5 पारियों में उनके बल्ले से कुल 86 रन निकले हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर से भले ही वे दूर चल रहे हों, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका बल्ला लगातार आग उगल रहा है।
इंग्लैंड की धरती पर डरहम के लिए खेलने उतरे मयंक अग्रवाल के पास इतिहास रचने का एक बहुत बड़ा मौका है। मयंक ने अब तक अपने करियर में कुल 124 फर्स्ट क्लास मैचों की 210 पारियों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 43.98 की बेहतरीन औसत से कुल 8929 रन बना लिए हैं। वर्तमान आंकड़ों के लिहाज से देखें तो वह प्रतिष्ठित फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपने 9000 रनों के ऐतिहासिक आंकड़े को छूने से मात्र 71 रन दूर हैं। डरहम के साथ चल रहे इस काउंटी अनुबंध के दौरान शुरुआती मुकाबलों में ही मयंक के पास आसानी से इस जादुई आंकड़े को पार करने का सुनहरा मौका होगा। उनके प्रथम श्रेणी करियर में अब तक कुल 21 शानदार शतक और 48 अर्धशतक शामिल हैं, जो इस बात की गवाही देते हैं कि वह लंबी पारियां खेलने की गजब की क्षमता रखते हैं। यदि वे इंग्लैंड में रन बनाने का यह सिलसिला जारी रखते हैं, तो भारतीय चयनकर्ताओं के लिए उन्हें नजरअंदाज करना बहुत मुश्किल हो जाएगा।
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