लापरवाह अधिकारियों पर जाँच के कड़े निर्देश, जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित कर तत्काल अधिकारी निर्गत करायें राहत सामग्री, केशव प्रसाद मौर्य

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में आज अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व, स्वास्थ्य, नगर निकाय, ग्राम्य विकास, पुलिस, जल पुलिस, एसडीआरएफ सहित सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। राहत एवं बचाव कार्यों में विभागीय समन्वय की कमी किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक अधिकारी को अपने क्षेत्र की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निभानी होगी और फील्ड में सक्रिय रहकर लोगों की समस्याओं का समाधान करना होगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ आपदा की स्थिति में सरकार पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा, समयबद्ध राहत और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक मशीनरी का दायित्व है कि संकट की घड़ी में जनता को यह महसूस हो कि सरकार और प्रशासन पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ा है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान बाढ़ की स्थिति से सबक लेते हुए भविष्य के लिए भी ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। जिन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या बार-बार सामने आती है, वहां उसके मूल कारणों का तकनीकी परीक्षण कराकर स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाए। नालों एवं जल निकासी व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और मानसून से पहले आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं।

श्री मौर्य ने अंत में कहा कि आपदा के समय लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। अधिकारी पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार को समय पर राहत मिले, प्रत्येक जरूरतमंद तक सहायता पहुंचे और जनहानि को हर संभव प्रयास से रोका जाए।