IND vs SL: क्या बैन होंगे यशस्वी जायसवाल? श्रीलंकाई पेसर से टकराव के बाद ICC के नियमों और सस्पेंशन का पूरा गणित समझें

भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने बड़ा तूल पकड़ लिया है। 45 रन पर आउट होने के बाद फर्नांडो द्वारा दिए गए आक्रामक सेंड-ऑफ और उसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच हुए शारीरिक टकराव (हेलमेट टकराने) के चलते अब यह मामला इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की अनुशासनात्मक निगरानी में आ चुका है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया और क्रिकेट गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारतीय युवा ओपनर पर बैन का खतरा मंडरा रहा है।

कोलंबो टेस्ट में क्या हुआ था पूरा विवाद?

यह घटना भारतीय पारी के 17वें ओवर में घटी। ओवर की शुरुआत में यशस्वी जायसवाल ने फर्नांडो की गेंदों पर आक्रामक रुख अपनाते हुए चौके जड़े, लेकिन ओवर की आखिरी गेंद बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर सीधे स्टंप्स से जा टकराई। विकेट गिरने के बाद फर्नांडो ने काफी आक्रामक अंदाज में जश्न मनाते हुए जायसवाल को सेंड-ऑफ दिया।

पवेलियन लौटने के बजाय यशस्वी पलटकर गेंदबाज की तरफ बढ़े। दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए और इस दौरान उनके बीच शब्दों के आदान-प्रदान के साथ-साथ शारीरिक संपर्क (हेड-बट जैसी स्थिति) देखने को मिला। साथी बल्लेबाजों और मैदानी अंपायरों को तुरंत बीच-बचाव कर मामले को शांत कराना पड़ा।

क्या कहता है ICC का कोड ऑफ कंडक्ट और बैन का नियम?

आईसीसी की आचार संहिता (Code of Conduct) में मैदान पर होने वाली आक्रामकता और शारीरिक संपर्क से निपटने के लिए बेहद कड़े प्रावधान तय किए गए हैं:

  • आर्टिकल 2.12 और 2.18: यह नियम अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी खिलाड़ी, अंपायर या मैच अधिकारी के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क (Inappropriate Physical Contact) या शारीरिक हमले से संबंधित है।

  • लेवल-1 और लेवल-2 उल्लंघन: यदि मैच रेफरी इसे केवल मैदान की तात्कालिक गर्मागर्मी (Level 1) मानते हैं, तो 50% से 100% मैच फीस का जुर्माना और 1 से 2 डिमेरिट अंक दिए जाते हैं। यदि इसे जानबूझकर किया गया आक्रामक शारीरिक टकराव (Level 2) माना जाता है, तो खिलाड़ी को 3 से 4 डिमेरिट अंक मिल सकते हैं।

  • बैन का गणित: आईसीसी के नियमों के तहत किसी खिलाड़ी को 24 महीने के चक्र (Rolling 24-month period) में 4 डिमेरिट अंक पूरे होने पर 1 टेस्ट मैच या 2 वनडे/टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए सस्पेंड किया जाता है।

क्या वाकई यशस्वी जायसवाल पर लगेगा बैन?

यशस्वी जायसवाल के खाते में पिछले 24 महीनों के दौरान कोई पुराना डिमेरिट अंक दर्ज नहीं है। ऐसे में उन पर निलंबन (Ban) केवल उसी सूरत में लग सकता है जब मैच रेफरी इस घटना को अत्यधिक गंभीर यानी लेवल-2 का गंभीर अपराध (जिसमें 4 पूरे डिमेरिट अंक मिलें) या लेवल-3 श्रेणी में दर्ज करें।

यदि मैच रेफरी और अंपायर इसे आपसी कहासुनी और हल्का संपर्क मानते हैं, तो दोनों खिलाड़ियों (जायसवाल और असिथा फर्नांडो) पर मैच फीस की कटौती और 1 से 2 डिमेरिट अंक देकर चेतावनी जारी की जा सकती है।

क्रिकेट जानकारों और पुराने वाकयों से सीख

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यशस्वी जायसवाल भारतीय टीम के प्रमुख स्तंभ हैं और आगामी महत्वपूर्ण दौरों को देखते हुए उन्हें अपने एग्रेशन को नियंत्रित रखने की जरूरत है। पूर्व में घरेलू क्रिकेट (दलीप ट्रॉफी 2022) के दौरान भी मैदान पर अत्यधिक स्लेजिंग के चलते कप्तान द्वारा उन्हें मैदान से बाहर भेजने और मैच रेफरी द्वारा कार्रवाई की चेतावनी दिए जाने जैसी स्थितियां सामने आ चुकी हैं। मैच अधिकारियों की अंतिम रिपोर्ट और वीडियो फुटेज की समीक्षा के बाद ही आईसीसी के फैसले की आधिकारिक तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।