
बिहार की सियासत में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काम करने के तरीके को हमेशा से राजनीतिक पंडितों के लिए अध्ययन का विषय माना गया है। हाल के दिनों में जिस प्रकार से नीतीश कुमार ने अपनी राजनीतिक गतिविधियों को बढ़ाया है, उससे यह सवाल लाजिमी तौर पर उठने लगा है कि आखिर मुख्यमंत्री इतने सुपर एक्टिव क्यों हैं? पार्टी सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, संगठन को अंदर से धार देने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों का डटकर मुकाबला करने के लिए पार्टी ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है।
बूथ लेवल पर संगठन को मजबूत करने की कवायद
किसी भी राजनीतिक दल की असली ताकत उसका जमीनी कार्यकर्ता और बूथ स्तर का संगठन होता है। इसी फार्मूले पर काम करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब पूरी तरह से अपना ध्यान बूथ स्तर पर जेडीयू को मजबूत करने पर केंद्रित कर दिया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का यह मानना है कि जब तक पंचायत और बूथ स्तर पर पार्टी की नींव मजबूत नहीं होगी, तब तक किसी भी चुनावी वैतरणी को आसानी से पार नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और जिला स्तर के कार्यकर्ताओं को लगातार दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं ताकि जनता और सरकार के बीच की दूरियों को पूरी तरह मिटाया जा सके।
जनता की सीधी मांग और जन-संपर्क की तैयारी
राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी मानना है कि जनता की लगातार मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया और जमीनी फीडबैक के बाद नीतीश कुमार ने खुद मैदान में उतरने का मन बना लिया है। पार्टी नेताओं के अनुसार, आम जनता और कार्यकर्ताओं की यह पुरजोर मांग रही है कि मुख्यमंत्री खुद जिलों का दौरा करें और लोगों से सीधा संवाद स्थापित करें। इस जनभावना का सम्मान करते हुए पार्टी आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर जन-संपर्क अभियानों और दौरों की रूपरेखा तैयार कर रही है, जिससे विपक्षी दलों की नींद उड़नी तय मानी जा रही है।
विपक्षी दलों की हलचल के बीच जेडीयू की मास्टरस्ट्रोक रणनीति
बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में लगातार बदलते समीकरणों के बीच नीतीश कुमार की यह सक्रियता एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। विपक्षी दल भले ही अपनी चालें चल रहे हों, लेकिन एनडीए के मुख्य स्तंभ के रूप में नीतीश कुमार ने पहले ही हर मोर्चे पर अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी है। बूथ स्तर पर कमेटियों की समीक्षा, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करना तथा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाना इस सुपर एक्टिविटी का मुख्य उद्देश्य है।
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