
स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान स्थित और आईएसआई समर्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक मल्टी-स्टेट क्रैकडाउन अंजाम दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय और खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर चौदह राज्यों में एक साथ ताबड़तोड़ छापे मारे गए, जिसमें 253 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और 200 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इस बड़ी कार्रवाई से देश विरोधी ताकतों के नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया गया है। आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह बहुत बड़ी सफलता मानी जा रही है।
रियल-टाइम इंटेलिजेंस और राज्यों की पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन
इस राष्ट्रव्यापी अभियान को सफल बनाने के लिए भारतीय सुरक्षा बलों ने अत्याधुनिक रियल-टाइम इंटेलिजेंस-शेयरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया। राज्य पुलिस बलों के साथ मिलकर 12 अगस्त को एक साथ कई ठिकानों पर समन्वित छापे मारे गए। इस दौरान उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान समेत कुल 14 राज्यों में पुलिस ने संदिग्धों की धरपकड़ की। सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां और हिरासत उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे संवेदनशील राज्यों से दर्ज की गईं, जहां यह नेटवर्क स्थानीय स्तर पर अपने स्लीपर सेल मजबूत करने की कोशिश कर रहा था।
80 से अधिक एफआईआर और UAPA के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद पूरे नेटवर्क के खिलाफ ताबड़तोड़ कानूनी शिकंजा कसा गया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में 80 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इन मामलों में आतंकवाद विरोधी कड़े कानून (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।
पाकिस्तान से जुड़े हथियारों और विસ્फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद
इस छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों के हाथ भारी मात्रा में खतरनाक हथियार और विस्फोटक लगे हैं। पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), पिस्तौल, जिंदा कारतूस और जासूसी के लिए इस्तेमाल होने वाले हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे बरामद किए गए हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि यह नेटवर्क देश के धार्मिक स्थलों, पुलिस ठिकानों और रक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी करने के लिए स्थानीय युवाओं को पैसे देता था और वहां जासूसी कैमरे लगवा रहा था ताकि किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम दिया जा सके।
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जाल में फंसाता था सिंडिकेट
खुफिया एजेंसियों की अब तक की जांच में यह खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान में बैठा और ब्राजील से अपना नेटवर्क संचालित करने वाला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शहजाद भट्टी इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे माध्यमों का उपयोग करके भारत के बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को फुसलाता था। वह उन्हें पैसों का लालच देकर अपने सीक्रेट व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ता था और फिर देश में ग्रेनेड हमलों, पेट्रोल बम फेंकने और टारगेटेड किलिंग जैसी वारदातों को अंजाम दिलवाता था। बहरहाल, इस बड़ी कार्रवाई के बाद देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सतर्क है और बाकी बचे गुर्गों की तलाश जारी है।
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