Wednesday , August 19 2026

बच्चों के लिए बड़ी राहत: 5 और 15 साल की उम्र में आधार बायोमेट्रिक अपडेट हुआ बिल्कुल मुफ्त, 30 सितंबर 2026 तक उठाएं लाभ; जानें पूरा प्रोसेस

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने देश के लाखों अभिभावकों और स्कूली छात्रों को बड़ी राहत देते हुए 5 से 15 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के लिए ‘अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट’ (Mandatory Biometric Update – MBU) की विशेष मुफ्त सुविधा को 30 सितंबर, 2026 तक जारी रखने का निर्णय लिया है। 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का जब आधार कार्ड (बाल आधार) बनता है, तो उस समय उनकी उंगलियों के निशान और आंखों की पुतलियों (Iris) के बायोमेट्रिक स्कैन नहीं लिए जाते। जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, उनके शारीरिक बायोमेट्रिक्स में प्राकृतिक बदलाव आता है। इसी कारण UIDAI के नियमों के तहत 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर बायोमेट्रिक्स को री-कैप्चर और अपडेट कराना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है। इस प्रक्रिया को पूरी तरह निशुल्क रखकर सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र को सरकारी छात्रवृत्ति, स्कूल एडमिशन या अन्य लाभों से वंचित न होना पड़े।

5 और 15 वर्ष की आयु में बायोमेट्रिक अपडेट क्यों है अनिवार्य?

नवजात और 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों का आधार कार्ड केवल उनके चेहरे की तस्वीर और माता-पिता के आधार प्रमाणीकरण के आधार पर जारी किया जाता है, जिसे नीले रंग के ‘बाल आधार’ के रूप में भी जाना जाता है।

  • 5 वर्ष पूरे होने पर पहला अपडेट: 5 साल की उम्र में बच्चे की उंगलियों के निशान और आंखों की पुतलियां पूरी तरह विकसित हो जाती हैं। इस चरण में बायोमेट्रिक दर्ज न कराने पर बाल आधार निष्क्रिय (Inoperative) हो सकता है।

  • 15 वर्ष पूरे होने पर दूसरा अपडेट: किशोरावस्था से वयस्कता में प्रवेश करते समय (15 वर्ष की आयु) बायोमेट्रिक पैरामीटर्स का अंतिम और स्थायी रूप से अपग्रेड होना आवश्यक होता है, जिससे भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और उच्च शिक्षा में पहचान सत्यापन सुचारू रूप से हो सके।

मुफ्त बायोमेट्रिक अपडेट कराने की चरणबद्ध प्रक्रिया

बायोमेट्रिक अपडेट के लिए बच्चे की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य होती है, क्योंकि इसके लिए लाइव फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन की आवश्यकता होती है:

  1. ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करें (वैकल्पिक): UIDAI के आधिकारिक पोर्टल (bhuvan.nrsc.gov.in/aadhaar या uidai.gov.in) पर जाकर ‘Book an Appointment’ विकल्प चुनें और अपने नजदीकी आधार सेवा केंद्र या अधिकृत बैंक/डाकघर के केंद्र का समय तय करें।

  2. आधार सेवा केंद्र जाएं: निर्धारित समय पर बच्चे और उसके मूल आधार कार्ड के साथ केंद्र पर पहुंचें।

  3. बायोमेट्रिक डेटा दर्ज कराएं: केंद्र पर मौजूद अधिकृत ऑपरेटर बच्चे के सभी 10 उंगलियों के फिंगरप्रिंट, दोनों आंखों का आईरिस स्कैन और एक नई लाइव फोटो कैप्चर करेगा।

  4. पावती पर्ची (Acknowledgment Slip): प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऑपरेटर एक रसीद देगा, जिसमें 28 अंकों का अपडेट रिक्वेस्ट नंबर (URN) दर्ज होगा।

  5. स्टेटस ट्रैक और डाउनलोड: कुछ ही दिनों में सिस्टम द्वारा डेटा वेरिफाई होने के बाद आप यूआरएन नंबर की मदद से UIDAI पोर्टल से नया और अपडेटेड ई-आधार डाउनलोड कर सकते हैं।

आवश्यक दस्तावेज और शुल्क से जुड़े नियम

  • दस्तावेज: 5 और 15 वर्ष की आयु में होने वाले इस अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट के लिए किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होती है। केवल बच्चे का मौजूदा मूल आधार कार्ड प्रस्तुत करना पर्याप्त होता है। यदि पते या नाम में कोई बदलाव कराना हो, तभी संबंधित प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ती है।

  • शून्य शुल्क (100% Free): 5 से 7 वर्ष और 15 से 17 वर्ष की निर्धारित आयु सीमा के भीतर यह बायोमेट्रिक अपग्रेड पूरी तरह निशुल्क है। अधिकृत केंद्रों पर इसके लिए कोई सरकारी फीस नहीं ली जाती।

अपडेट न कराने पर हो सकती हैं ये परेशानियां

यदि समय रहते बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट नहीं कराया जाता है, तो भविष्य में कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक और वित्तीय प्रक्रियाओं में रुकावट आ सकती है। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली विभिन्न प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्तियां प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खातों में भेजी जाती हैं। बायोमेट्रिक मिसमैच होने पर बैंक खातों का संचालन रुक सकता है। इसके अलावा, सीबीएसई, आईसीएसई, राज्य बोर्ड परीक्षाओं, नीट (NEET), जेईई (JEE) और सीयूईटी (CUET) जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में बायोमेट्रिक उपस्थिति सत्यापन अनिवार्य होता है। इसलिए 30 सितंबर, 2026 से पहले इस मुफ्त सुविधा का लाभ उठाकर बच्चों का रिकॉर्ड अपडेट रखना बेहद जरूरी है।