
जिंदगी की राहें कब और किधर मोड़ ले लें, यह कोई नहीं जानता। कई बार जिस रास्ते को हम अपनी मंजिल समझकर चुनते हैं, वहां मिलने वाली असफलताएं हमें किसी उससे भी बेहतर और सुनहरे रास्ते पर ले जाती हैं। कुछ ऐसी ही प्रेरणादायक और हैरान करने वाली कहानी आज देश के उन तमाम युवाओं के लिए एक मिसाल बन चुकी है जो छोटी-छोटी असफलताओं से निराश होकर बैठ जाते हैं। देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा यानी जेईई (JEE) में लगातार दो बार असफल होने के बाद एक युवा ने हार मानने के बजाय कुछ ऐसा कर दिखाया, जिसने उसकी पूरी किस्मत ही बदल दी। कोचिंग संस्थानों और लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद जब सफलता हाथ नहीं लगी, तो उसने इंटरनेट और यूट्यूब का सहारा लिया और बिल्कुल मुफ्त में एक ऐसी डिजिटल स्किल सीख ली, जिसकी आज के समय में पूरी दुनिया में भारी मांग है। आज यह युवा किसी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी के आगे हाथ फैलाने के बजाय घर बैठे अपनी मेहनत के दम पर हर महीने 2 लाख रुपए से ज्यादा की शानदार कमाई कर रहा है। आइए जानते हैं इस संघर्ष और सफलता की पूरी दास्तान, जिसने यह साबित कर दिया कि हुनर और जज्बे के आगे डिग्रियां भी कई बार छोटी पड़ जाती हैं।
बचपन का सपना और जेईई परीक्षा में लगातार दो बार का कड़वा झटका
हर मध्यमवर्गीय परिवार के होनहार बच्चे की तरह इस युवा का भी सपना यही था कि वह देश के किसी प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान यानी आईआईटी (IIT) से अपनी पढ़ाई पूरी करे और एक शानदार करियर की शुरुआत करे। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने दिन-रात एक करके इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। माता-पिता की उम्मीदें और खुद का सपना उसके कंधों पर था, इसलिए उसने अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी। हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। बेहद कठिन प्रतिस्पर्धा और भारी दबाव के चलते वह पहली बार में इस परीक्षा को पास नहीं कर पाया। परिवार और शुभचिंतकों के समझाने पर उसने एक साल और ड्रॉप लेकर पूरी शिद्दत के साथ दोबारा तैयारी की, लेकिन इस बार भी परिणाम उसकी उम्मीद के मुताबिक नहीं आया। लगातार दो बार जेईई में असफलता मिलने के बाद उसका पूरा आत्मविश्वास डगमगा गया और उसे ऐसा महसूस होने लगा कि जैसे उसके जीवन के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं। समाज की बातें और खुद से जुड़ी उम्मीदें उसे अंदर ही अंदर परेशान करने लगी थीं, लेकिन कहते हैं कि जहां एक दरवाजा बंद होता है, वहां कुदरत दूसरा दरवाजा खोल देती है।
असफलता के बाद बदला नजरिया और यूट्यूब बना नया क्लासरूम
लगातार दो बार की असफलता के बाद जब मानसिक तनाव और निराशा ने उसे घेर लिया, तो उसने कुछ दिनों के लिए पारंपरिक पढ़ाई से पूरी तरह दूरी बना ली। इस खाली समय में उसने इंटरनेट और सोशल मीडिया पर यह खोजना शुरू किया कि आखिर आज के डिजिटल युग में कौन सी ऐसी स्किल हैं जिन्हें सीखकर कम समय में आत्मनिर्भर बना जा सकता है। उसके पास महंगे कोर्स खरीदने के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए उसका पूरा भरोसा केवल ‘यूट्यूब’ पर था। उसने बिना किसी झिझक के कोडिंग, वीडियो एडिटिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और डिजिटल मार्केटिंग जैसे तमाम विषयों के फ्री ट्यूटोरियल देखने शुरू किए। घंटों स्क्रीन के सामने बैठकर वीडियो देखना, नोट्स बनाना और खुद से प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स पर काम करना उसकी रोज की आदत बन गई। उसने किसी भी प्रकार की शॉर्टकट अपनाने के बजाय उस खास स्किल को गहराई से सीखने में अपना पूरा दिन-रात एक कर दिया, जिसमें उसकी सबसे ज्यादा रुचि थी और जिसकी मार्केट में भविष्य में बड़ी डिमांड होने वाली थी।
मुफ्त में सीखी डिजिटल स्किल और फ्रीलांसिंग से की धमाकेदार शुरुआत
यूट्यूब के जरिए महीनों की कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास के बाद उसने एक ऐसी आधुनिक डिजिटल और टेक्निकल स्किल में महारत हासिल कर ली, जो आज के समय में हर बिजनेस और स्टार्टअप की पहली जरूरत है। शुरुआत में उसने अपने दोस्तों और जानकारों के लिए छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स मुफ्त में करने शुरू किए ताकि उसका कॉन्फिडेंस बढ़ सके और उसका पोर्टफोलियो तैयार हो सके। जब उसका काम लोगों को पसंद आने लगा, तो उसने विभिन्न ऑनलाइन फ्रीलांसिंग प्लेटफॉर्म्स पर अपनी प्रोफाइल बनाई और दुनिया भर के क्लाइंट्स से जुड़ना शुरू किया। शुरुआत में छोटे प्रोजेक्ट्स मिले, लेकिन उसके काम की फिनिशिंग और समय पर डिलीवरी की ईमानदारी ने उसे विदेशी क्लाइंट्स के बीच भी लोकप्रिय बना दिया। धीरे-धीरे उसकी साख बाजार में मजबूत होने लगी और उसे देश-विदेश की बड़ी कंपनियों से अच्छे खासे बजट वाले प्रोजेक्ट मिलने लगे, जिससे उसकी आमदनी का पहिया तेजी से घूमने लगा।
घर बैठे हर महीने 2 लाख की कमाई और युवाओं के लिए एक बड़ी सीख
आज यह युवा किसी भी पारंपरिक 9 से 5 की नौकरी के बंधन से आजाद होकर अपने घर के एक छोटे से कमरे से ही अपनी खुद की डिजिटल एजेंसी चला रहा है। आज उसकी मेहनत का यह आलम है कि वह किसी भी कॉर्पोरेट नौकरी से कहीं ज्यादा यानी हर महीने 2 लाख रुपए से अधिक की शुद्ध कमाई कर रहा है। कभी दो बार जेईई में फेल होने पर जिस युवक को लोग ताने मारते थे, आज वही युवा अपने शहर और परिवार के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन चुका है। उसकी यह कहानी देश के करोड़ों युवाओं को यह संदेश देती है कि डिग्रियां और प्रवेश परीक्षाएं ही सफलता का एकमात्र पैमाना नहीं होती हैं। यदि आपके भीतर सीखने की ललक है और आप इंटरनेट का सही इस्तेमाल करना जानते हैं, तो आप दुनिया के किसी भी कोने से बैठकर अपने सपनों को सच कर सकते हैं और अपनी किस्मत खुद लिख सकते हैं।
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