
पंजाब के युवाओं के लिए आयोजित की जा रही फार्मेसी अधिकारी (Pharmacy Officer) भर्ती परीक्षा में एक बार फिर पेपर लीक और नकल माफिया का साया मंडरा गया है। हालांकि, पंजाब पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स और खुफिया विंग ने समय रहते एक बेहद बड़ी और मुस्तैद कार्रवाई करते हुए परीक्षा में सेंध लगाने वाले गिरोह के मंसूबों को पूरी तरह नाकाम कर दिया। खुफिया इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले राज्य के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों और संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की, जिससे पूरे प्रशासनिक अमले और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
7 मास्टरमाइंड और 35 संदिग्ध हिरासत में: लाखों रुपये में हुआ था सौदा
इस पूरे हाईटेक रैकेट पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने अब तक 7 मुख्य सरगनाओं (Masterminds) को गिरफ्तार किया है, जो इस पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे। इसके साथ ही विभिन्न जिलों से 35 से अधिक परीक्षार्थियों और बिचौलियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने प्रत्येक अभ्यर्थी से सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 10 से 15 लाख रुपये का सौदा किया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में कैश, मोबाइल फोन, एडमिट कार्ड और कई बैंकों के ब्लैंक चेक भी बरामद किए हैं।
हाईटेक नकल का जाल: ब्लूटूथ डिवाइस और सीक्रेट गैजेट्स का इस्तेमाल
पकड़ा गया यह गिरोह बेहद शातिर और आधुनिक तरीकों से लैस था। परीक्षा केंद्रों के भीतर नकल कराने के लिए इस गैंग ने अभ्यर्थियों को बेहद छोटे और अदृश्य माइक्रो-ब्लूटूथ इयरफोन, शर्ट के बटन में छिपे कैमरे और सिम कार्ड स्लॉट वाले खास इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मुहैया कराए थे। योजना के मुताबिक, परीक्षा शुरू होते ही बाहर बैठे सॉल्वर गैंग तक प्रश्न पत्र की तस्वीरें पहुंचाई जानी थीं, जहां से आंसर की (Answer Key) तैयार कर इन हाईटेक गैजेट्स के जरिए परीक्षा हॉल के अंदर बैठे छात्रों को उत्तर बताए जाने थे। लेकिन तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने परीक्षा शुरू होने से पहले ही इस पूरे जाल को छिन्न-भिन्न कर दिया।
सरकार का कड़ा रुख: मुख्यमंत्री ने दिए सख्त जांच के आदेश और सुरक्षा के इंतजाम
इस बड़े भंडाफोड़ के बाद पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में किसी भी कीमत पर युवाओं के भविष्य और परीक्षाओं की शुचिता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महानिदेशक (DGP) ने पूरे मामले की कमान संभालते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है जो इस गैंग के अंतरराज्यीय कनेक्शन की जांच करेगी। इसके साथ ही सभी परीक्षा केंद्रों पर जैमर (Jammers) लगाने और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को और ज्यादा सख्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को पूरी तरह रोका जा सके।
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