News India Live, Digital Desk : वैश्विक अनिश्चितता और विशेष रूप से अमेरिका-ईरान (US-Iran) के बीच चल रहे युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव के बावजूद, भारतीय शेयर बाजार ने आज (21 अप्रैल 2026) जबरदस्त मजबूती दिखाई है। बाजार के इस व्यवहार ने कई निवेशकों को हैरान कर दिया है क्योंकि फिलहाल कोई अंतिम ‘शांति समझौता’ (Peace Deal) नहीं हुआ है और तनाव अब भी बना हुआ है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह उछाल केवल किसी पक्की खबर पर नहीं, बल्कि ‘उम्मीद’ और ‘रणनीति’ पर आधारित है।
बाजार में तेजी के 5 मुख्य कारण
शांति वार्ता की नई उम्मीद (Hopes of 2nd Round Talks): मंगलवार, 21 अप्रैल को निफ्टी और सेंसेक्स में तेजी का सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता की खबरें हैं। बाजार इस बात पर दांव लगा रहा है कि भले ही अभी डील नहीं हुई है, लेकिन बातचीत जारी रहने से युद्ध और नहीं बढ़ेगा।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट (Brent Crude below $100): हॉर्मुज के तनाव के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $94-$95 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। निवेशकों को राहत है कि तेल $100 के पार नहीं गया, जिससे भारत की महंगाई और व्यापार घाटे पर दबाव कम हुआ है।
बाजार ने ‘तनाव’ को पहले ही पचा लिया है (Discounting Geopolitics): विश्लेषकों का कहना है कि शेयर बाजार अब इस संघर्ष के आदी हो गए हैं। फरवरी के अंत में जो बड़ी गिरावट आई थी, उसके बाद बाजार ने अपना निचला स्तर बना लिया है और अब हर सकारात्मक संकेत पर ‘रिलीफ रैली’ (Relief Rally) देखने को मिल रही है।
बैंकिंग और आईटी स्टॉक्स का सपोर्ट: आज की रैली में एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे बड़े शेयरों ने बाजार को संभाला। कॉरपोरेट अर्निंग्स (Corporate Earnings) के अच्छे नतीजों ने जियोपॉलिटिकल खबरों के शोर को कम कर दिया है।
विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेश (DII & FII Support): भारतीय बाजार में घरेलू निवेशकों (DII) का भरोसा अटूट बना हुआ है। जब भी अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण विदेशी निवेशक हाथ खींचते हैं, घरेलू फंड्स खरीदारी करके बाजार को स्थिरता प्रदान कर रहे हैं।
आज के बाजार का हाल (21 अप्रैल 2026, दोपहर तक)
सेंसेक्स (Sensex): लगभग 655 अंक की बढ़त के साथ 79,176 के स्तर पर।
निफ्टी 50 (Nifty): करीब 166 अंक की तेजी के साथ 24,532 के स्तर को पार कर गया।
टॉप गेनर्स: एक्सिस बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), और ग्रासिम।
आगे क्या है जोखिम?
हालांकि बाजार मजबूत है, लेकिन विशेषज्ञों ने सावधान रहने की सलाह दी है। यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी तरह बंद होता है और तेल की सप्लाई बाधित होती है, तो क्रूड ऑयल फिर से $105-$110 की ओर भाग सकता है। ऐसी स्थिति में बाजार अपनी हालिया बढ़त खो सकता है।
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