
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन (Indefinite Hunger Strike) पर बैठे प्रख्यात शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार (18 जुलाई 2026) सुबह दिल्ली पुलिस ने धरना स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया है। भूख हड़ताल के 21वें दिन में प्रवेश करते ही वांगचुक की शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश और डॉक्टरों की विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह (Expert Medical Advice) के अनुपालन में की गई है, ताकि उन्हें तत्काल ‘अनिवार्य चिकित्सा देखभाल’ दी जा सके। इस पुलिसिया कार्रवाई के दौरान जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
क्यों अनशन पर बैठे थे सोनम वांगचुक?
सोनम वांगचुक ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और छात्रों के संगठन के साथ मिलकर पिछले 28 दिनों से दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं। वांगचुक स्वयं 28 जून से इस अनशन में शामिल हुए थे। उनकी मुख्य मांग देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) में हुई कथित धांधलियों और पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। इसके साथ ही पीड़ित छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे की भी मांग की जा रही है। आंदोलनकारियों ने 20 जुलाई को संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन ‘संसद मार्च’ (March to Parliament) करने का भी ऐलान कर रखा था, जिससे ठीक दो दिन पहले पुलिस ने यह कदम उठाया है।
अंगों पर असर पड़ने का खतरा: डॉक्टरों ने दी थी चेतावनी
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के डॉक्टरों की टीम लगातार सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए थी। शुक्रवार सुबह आई मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, 20 दिनों के उपवास के कारण उनका वजन घटकर 56.55 किलोग्राम रह गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, उनका शरीर उपवास के तीसरे चरण (Third Stage of Fasting) में पहुंच चुका था, जहां शरीर में ग्लूकोज और कार्बोहाइड्रेट खत्म होने के बाद आंतरिक अंगों (Organs) के डैमेज होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। उनके यूरिन में कीटोन बॉडीज मिलने के बाद से ही मेडिकल टीम ने 24 घंटे की निगरानी की सिफारिश की थी।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस का एक्शन, जंतर-मंतर पर तनाव
वांगचुक की लगातार गिरती सेहत को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रशासन को उनकी दैनिक स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। पुलिस के मुताबिक, जब मेडिकल टीम की सलाह पर उन्हें वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) शिफ्ट करने की कोशिश की गई, तो प्रदर्शनकारियों ने अवरोध पैदा किया, जिसके चलते वहां हल्की धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सीजेपी के अध्यक्ष अभिजीत दिपके समेत कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है और आम लोगों से जंतर-मंतर को शांतिपूर्वक खाली करने की अपील की है।
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