
रोज सुबह की शुरुआत न सिर्फ सूरज की नई किरणों के साथ होती है, बल्कि देश की तेल कंपनियों द्वारा जारी किए जाने वाले पेट्रोल और डीजल के नए दाम भी आपका इंतजार कर रहे होते हैं। ईंधन की ये कीमतें सीधे तौर पर आम और मध्यमवर्गीय परिवारों के घरेलू बजट और जेब पर असर डालती हैं।
भारत में रोजाना सुबह 6 बजे देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियां (OMCs), जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम, ताजा दरें अपडेट कर देती हैं। ये कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की मौजूदा कीमतों और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपए की विनिमय दर में होने वाले उतार-चढ़ाव पर पूरी तरह आधारित होती हैं। आज यानी 11 जुलाई 2026 को भी उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में तेल के ताजा भाव जारी हो चुके हैं। अगर आप भी घर से अपनी कार या बाइक लेकर निकलने वाले हैं, तो उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के ताजा भाव जरूर जान लें।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में आज (11 जुलाई 2026) पेट्रोल-डीजल के दाम
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लोकल टैक्स और परिवहन लागत की वजह से कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिलता है। राज्य के प्रमुख शहरों के भाव प्रति लीटर इस प्रकार हैं:
| शहर का नाम (City) | पेट्रोल का दाम (Petrol Price / Ltr) | डीजल का दाम (Diesel Price / Ltr) |
| लखनऊ (Lucknow) | ₹101.86 | ₹95.36 |
| कानपुर (Kanpur) | ₹101.59 | ₹95.06 |
| प्रयागराज (Prayagraj) | ₹102.23 | ₹95.46 |
| नोएडा (Noida) | ₹101.96 | ₹95.44 |
| वाराणसी (Varanasi) | ₹103.10 | ₹95.72 |
| गोरखपुर (Gorakhpur) | ₹102.13 | ₹95.62 |
| मेरठ (Meerut) | ₹101.69 | ₹95.46 |
| अलीगढ़ (Aligarh) | ₹101.92 | ₹95.38 |
| आगरा (Agra) | ₹101.66 | ₹95.14 |
क्यों आ रहा है पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल?
पिछले कुछ समय से ईंधन की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने स्थिति स्पष्ट की थी। उन्होंने पूर्व में बताया था कि वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में आए तेज उछाल और अंडर-रिकवरी (लागत से कम पर बिक्री) के चलते देश की तेल कंपनियों को हर रोज भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ रहा था।
ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) के दाम जो पहले 64-65 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बने हुए थे, वे वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के कारण लंबी छलांग लगाकर 115 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गए थे। हालांकि, सरकार और तेल कंपनियों की साझा रणनीति के कारण भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल रहा, जिसने लंबे समय तक अपने घरेलू बाजारों में तेल की कीमतों को नियंत्रित रखा और आम जनता को भारी महंगाई की मार से बचाया। फिलहाल, कीमतों पर दैनिक नजर रखना ही समझदारी है ताकि आप अपने यात्रा खर्च को बेहतर तरीके से प्लान कर सकें।
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