इटली में ऑस्ट्रेलियाई महिला के साथ एक ही दिन में दो बार हुआ खौफनाक हादसा, सूझबूझ से बचाई अपनी जान, अधूरा रह गया ₹90 का घर खरीदने का सपना

विदेश यात्रा (Foreign Travel) को लोग अक्सर अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत और रोमांचक अनुभव मानते हैं। नई जगहें, नई संस्कृति और नए लोगों से मिलने की खुशी हर घुमक्कड़ के चेहरे पर साफ दिखाई देती है। लेकिन कई बार अनजान जगह पर की गई एक छोटी-सी लापरवाही पूरी यात्रा को किसी खौफनाक हादसे में बदल देती है। ऐसा ही एक बेहद डरावना और रोंगटे खड़े कर देने वाला वाकिया ऑस्ट्रेलिया (Australia) की रहने वाली 36 वर्षीय महिला स्टेफनी के साथ इटली (Italy) में घटा, जहां वे अकेले यात्रा कर रही थीं।

स्टेफनी अपने दोस्तों के साथ यूरोप टूर पर निकली थीं। दोस्तों के वापस लौटने के बाद उन्होंने कुछ दिन और रुककर अकेले ही इटली घूमने का फैसला किया। उनका सबसे बड़ा सपना था कि वह इटली की मशहूर ‘1 यूरो हाउस स्कीम’ (लगभग ₹90 में घर) के तहत वहां एक पुराना घर खरीदें और सिसिली के खूबसूरत ‘लो स्टैग्नोने’ इलाके में काइटबोर्डिंग (Kiteboarding) का लुत्फ उठाएं। लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उनका यह सपना उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित होने जा रहा है। स्टेफनी ने अपनी यह आपबीती ऑस्ट्रेलियाई मीडिया वेबसाइट News.com.au से साझा की है, जहां उन्होंने बताया कि कैसे कुछ ही घंटों के भीतर वे दो बार किडनैपिंग और हमले का शिकार होने से बाल-बाल बचीं।

एक अनजान लिफ्ट और पल भर में बदल गया पूरा सफर

सिसिली में काइटबोर्डिंग का इवेंट खत्म होने के बाद वहां मौजूद कुछ अन्य टूरिस्ट और स्थानीय लोग दूसरी जगह जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान यूरोपीय मूल के एक अज्ञात कार सवार व्यक्ति ने स्टेफनी को उनके गंतव्य तक छोड़ने (लिफ्ट देने) की पेशकश की। स्टेफनी को लगा कि वह व्यक्ति भी बाकी ग्रुप के लोगों के साथ उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है, इसलिए उन्होंने सुरक्षा को भांपे बिना उसकी कार में बैठना ठीक समझ लिया। लेकिन कार में बैठते ही कुछ ही मिनटों के भीतर उन्हें अहसास हो गया कि गाड़ी बाकी लोगों के रास्ते से पूरी तरह अलग और सुनसान रास्ते पर जा रही है।

160 KM की रफ्तार, अजीब हरकतें और लाइव लोकेशन का सहारा

स्टेफनी के मुताबिक, कार स्टार्ट करते ही ड्राइवर ने अपनी सनक दिखाते हुए कहा कि वह देखना चाहता है कि उसकी कार 160 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड पकड़ सकती है या नहीं। इसके बाद उसने अचानक बेहद खतरनाक रफ्तार से गाड़ी दौड़ानी शुरू कर दी। स्टेफनी घबरा गईं और लगातार कार रोकने की मिन्नतें करती रहीं, लेकिन ड्राइवर ने उनकी एक न सुनी।

खतरे को भांपते हुए स्टेफनी ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और चुपके से अपने मोबाइल के जरिए काइटबोर्डिंग इंस्ट्रक्टर को अपनी ‘लाइव लोकेशन’ (Live Location) शेयर कर दी। इसी बीच कार की अगली सीट पर बैठे एक दूसरे संदिग्ध व्यक्ति ने ड्राइवर से पूछा कि क्या बाकी लोग भी उसके घर आ रहे हैं, तो ड्राइवर का जवाब था, ‘नहीं, वहां कोई नहीं आ रहा।’ यह सुनते ही स्टेफनी के पैर तले जमीन खिसक गई कि उनके साथ कुछ बहुत गलत होने वाला है।

मकान का गेट खुलते ही जान बचाकर भागीं स्टेफनी

करीब 12 किलोमीटर तक कार दौड़ाने के बाद ड्राइवर ने गाड़ी को एक बड़े लोहे के गेट वाले सुनसान मकान के अंदर खड़ा किया। जैसे ही कार रुकी, स्टेफनी ने ध्यान दिया कि कार का चाइल्ड लॉक ऑन नहीं था। उन्होंने बिना एक सेकंड गंवाए तुरंत दरवाजा खोला और अपनी पूरी ताकत से बाहर की तरफ दौड़ लगा दी।

दहशत का आलम यह था कि उन्होंने पीछे मुड़कर देखने की भी हिम्मत नहीं की। वह तब तक भागती रहीं, जब तक उन्हें यह पक्का भरोसा नहीं हो गया कि कोई उनका पीछा नहीं कर रहा है। कई किलोमीटर तक नंगे पैर और बदहवास दौड़ने के बाद वह एक छोटे अंजान कस्बे में पहुंचीं, जहां उन्हें लगा कि अब शायद कोई मदद मिल जाएगी।

मददगार के रूप में आया दूसरा शिकारी, कार में लिखा गंदा मैसेज

कस्बे में पहुंचने के बाद स्टेफनी को एक यूनिफॉर्म में सुरक्षा गार्ड (Security Guard) दिखाई दिया। भाषा की बड़ी समस्या होने के कारण स्टेफनी ने अपने मोबाइल के ‘ट्रांसलेशन ऐप’ (Translation App) की मदद से पूरी आपबीती उस गार्ड को समझाई। गार्ड ने बेहद सहानुभूति दिखाते हुए भरोसा दिलाया कि वह अपनी कार से उन्हें सुरक्षित उनके होटल तक छोड़ देगा।

स्टेफनी ने राहत की सांस ली कि आखिरकार वह सुरक्षित हैं। लेकिन कुछ ही दूरी तय करने के बाद उस गार्ड ने भी अपना असली रंग दिखा दिया। उसने कार को एक अंधेरी और बेहद सुनसान गली में रोक दिया। इसके बाद उसने स्टेफनी का मोबाइल छीन लिया और उसमें एक ट्रांसलेटेड मैसेज टाइप किया। मैसेज पढ़ते ही स्टेफनी के होश उड़ गए, उसमें लिखा था— ‘मैं तुम्हें तुम्हारे घर छोड़ रहा हूं… लेकिन इसके बदले में तुम मेरे लिए क्या करोगी?’

वाइनयार्ड की झाड़ियों में छिपकर बचाई जान, सदमे में बीती रात

इस घिनौने मैसेज को देखते ही स्टेफनी समझ गईं कि वह एक ही दिन में दूसरी बार एक बड़े शिकारी के जाल में फंस चुकी हैं। उन्होंने बिना डरे तुरंत कार का दरवाजा खोला और दोबारा अपनी जान बचाने के लिए दौड़ पड़ीं। इस बार वे अपनी जान छुपाने के लिए रास्ते में आने वाले एक घने वाइनयार्ड (अंगूर के बाग) की झाड़ियों में जाकर छिप गईं।

वे काफी देर तक अंधेरे में वहीं दुबकी रहीं और जब उन्हें रास्ता पूरी तरह सुरक्षित लगा, तो वे कई किलोमीटर पैदल चलकर किसी तरह अपने होटल पहुंचीं। रास्ते में सबूत के तौर पर उन्होंने एक वेंडिंग मशीन से ड्रिंक भी खरीदी ताकि डिजिटल रिकॉर्ड रहे कि वे उस वक्त वहां मौजूद थीं। होटल पहुंचने के बाद वे पूरी रात सदमे में रोती रहीं।

इस भयावह घटना के बाद स्टेफनी ने फिलहाल इटली में घर खरीदने और वहां रहने का अपना सालों पुराना सपना हमेशा के लिए टाल दिया है। उनका कहना है कि यह कहानी दुनिया भर के सोलो ट्रैवलर्स (Solo Travelers) के लिए एक सबक है कि विदेश यात्रा के दौरान कभी भी किसी अनजान व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा न करें, क्योंकि आपकी एक छोटी सी चूक आपको मौत के मुंह में धकेल सकती है।