Commodity Corner: ग्वार और मसालों के बाजार में लगी भयंकर आग, 7 महीने की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे ग्वार-हल्दी के दाम, जानें क्या है नई तेजी की बड़ी वजह

घरेलू कमोडिटी बाजार (Commodity Market) से इस समय एग्री कमोडिटी से जुड़ी एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। देश के वायदा बाजारों में ग्वार पैक (Guar Pack) की कीमतों में एक बार फिर भयंकर तेजी देखने को मिल रही है, जिसके चलते इसके भाव 7 महीनों की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच कर कारोबार कर रहे हैं। मानसून की सुस्त रफ्तार और बुआई में आई भारी कमी के कारण घरेलू बाजार में ग्वार पैक अचानक से रॉकेट बन गया है। हाजिर और वायदा बाजार में ग्वार गम (Guar Gum) का भाव 12,300 रुपये के पार निकल चुका है, जबकि ग्वार सीड (Guar Seed) की कीमतें भी तेजी से भागते हुए 6,300 रुपये प्रति क्विंटल के करीब पहुंच गई हैं।

ग्वार पैक की कीमतों में जोरदार उछाल, रिकॉर्ड रिटर्न से निवेशक गदगद

जुलाई महीने की शुरुआत से ही ग्वार पैक ने निवेशकों को मालामाल करना शुरू कर दिया है। जुलाई के शुरुआती दिनों में ही ग्वार गम में 6 प्रतिशत और ग्वार सीड में 3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की जा चुकी है। अगर पिछले 1 हफ्ते की चाल पर नजर डालें, तो ग्वार सीड में 5 फीसदी और ग्वार गम में 7 फीसदी का तगड़ा उछाल आया है।

लॉन्ग-टर्म रिटर्न के मामले में भी ग्वार के भाव लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले 3 महीनों में ग्वार सीड 9 फीसदी और 6 महीनों में 14 फीसदी तक महंगा हो चुका है। वहीं दूसरी तरफ, ग्वार गम ने पिछले 1 महीने में 8 फीसदी, 3 महीने में 14 फीसदी और महज 6 महीने के भीतर 21 फीसदी की भारी-भरकम बढ़त दिखाकर कमोडिटी बाजार के दिग्गजों को हैरान कर दिया है।

कमजोर मानसून और बुआई संकट से उत्पादन घटने की आशंका

एग्री कमोडिटी एक्सपर्ट पुखराज चोपड़ा के अनुसार, देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में कमजोर और बेरुखी दिखा रही बारिश का सबसे सीधा और बुरा असर ग्वार पैक की फसलों पर पड़ रहा है। मानसून भले ही राजस्थान के प्रमुख ग्वार उत्पादक क्षेत्र बीकानेर तक पहुंच चुका है, लेकिन वहां इस बार बारिश बेहद कम और असंतोषजनक हुई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमानों के मुताबिक 21 जुलाई तक इन इलाकों में अच्छी बारिश होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।

मौसम की इसी मार के चलते देश में अभी तक ग्वार की केवल 34 फीसदी बुआई ही पूरी हो सकी है। एक्सपर्ट का मानना है कि ग्वार की वैश्विक और घरेलू मांग लगातार 25,000 टन के स्तर पर मजबूती से बनी हुई है, लेकिन मांग के मुकाबले इस साल ग्वार का कुल उत्पादन पिछले साल से भी काफी कम रहने की गंभीर आशंका है। अगर आगे भी मानसून इसी तरह कमजोर बना रहता है, तो ग्वार पैक के भावों में आने वाले दिनों में और भी बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है।

मसालों के बाजार में भी लगी आग, हल्दी और धनिया 5 महीने से लगातार टॉप पर

ग्वार पैक के साथ-साथ एनसीडीईएक्स (NCDEX) पर मसालों के बाजार में भी भयंकर तेजी का दौर जारी है। हल्दी की कीमतें भी उछलकर 7 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। हल्दी का अगस्त वायदा जनवरी 2026 के बाद के अपने सबसे ऊंचे स्तर 18,700 रुपये प्रति क्विंटल तक जा पहुंचा है। इससे पहले 7 जनवरी को हल्दी के दाम 18,780 रुपये के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंचे थे। हल्दी के बाजार में लगातार पांचवें महीने यह तेजी का दौर जारी है और इन 5 महीनों में दाम 19 फीसदी से भी ज्यादा चढ़ चुके हैं।

हल्दी के साथ ही धनिया (Coriander) भी पीछे नहीं है। धनिया की कीमतों में भी लगातार पांचवें महीने तेजी बनी हुई है, जिससे इसका अगस्त वायदा 16,100 रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है। बीते 5 महीनों में धनिया के भावों में करीब 35% की जबरदस्त तेजी देखने को मिली है, जिसमें से अकेले जून के महीने में ही कीमतें 22% से ज्यादा उछली थीं। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, मंडियों में धनिया की सप्लाई में आई भारी गिरावट (Supply Shortage) की वजह से कीमतों को यह मजबूत सपोर्ट मिल रहा है।