Ind vs Eng T20: कप्तान श्रेयस अय्यर पर लगे 5 गहरे दाग! इंग्लैंड ने भारत को 125 रन से रौंदा, टी20 इतिहास की सबसे शर्मनाक हार

भारतीय क्रिकेट टीम (Team India) में इन दिनों थोक के भाव बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं, लेकिन मैदान पर टीम का नतीजा सिर्फ और सिर्फ हार के रूप में सामने आ रहा है। पहले आयरलैंड जैसी अंडरडॉग टीम से सीरीज हारने के बाद, अब इंग्लैंड के दौरे पर भी श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय टीम को भारी बेइज्जती झेलनी पड़ रही है। सीरीज के तीसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया को इंग्लैंड के हाथों 125 रन की बेहद शर्मनाक और ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा है। बतौर कप्तान श्रेयस अय्यर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी तक केवल 5 मैच ही संभाले हैं, लेकिन इन 5 मैचों के भीतर ही उनके कप्तानी करियर पर 5 गहरे दाग लग चुके हैं। आइए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि क्यों श्रेयस अय्यर को कप्तान चुनने का फैसला फिलहाल टीम इंडिया के लिए पूरी तरह गलत साबित हो रहा है।

सूर्यकुमार यादव को हटाकर अय्यर को सौंपी गई थी कमान

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी कप्तानी से भारतीय टीम को चैंपियन बनाने वाले स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव को अचानक आराम या टीम से बाहर का रास्ता दिखाया गया और उनकी जगह श्रेयस अय्यर को टी20 टीम की कमान सौंपी गई। अय्यर ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में अपनी कप्तानी की रणनीतियों से सबको बेहद प्रभावित किया था, लेकिन जब बात टीम इंडिया की आई तो उनका वह जादू पूरी तरह फीका नजर आ रहा है। पहले आयरलैंड के खिलाफ मिली सीरीज हार का धब्बा लगा और अब इंग्लैंड के खिलाफ भी टीम का बंटाधार होता दिख रहा है। तीसरे टी20 में इंग्लैंड के गेंदबाजों के आगे भारतीय बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह ढह गई और पूरी टीम महज 76 रन के स्कोर पर ऑलआउट हो गई।

दाग नंबर-1: रनों के लिहाज से टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार

श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर जो सबसे पहला और बड़ा दाग लगा है, वह है रनों के अंतर से भारत की सबसे बड़ी हार। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में पहली बार भारतीय टीम को 125 रनों के विशाल अंतर से शिकस्त झेलनी पड़ी है। इससे पहले साल 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम इंडिया 80 रन से हारी थी, जो उस समय का सबसे खराब रिकॉर्ड था। लेकिन अब 125 रन की इस शर्मनाक हार का रिकॉर्ड अय्यर की कप्तानी के खाते में जुड़ गया है।

दाग नंबर-2: लोएस्ट ऑलआउट टोटल का धब्बा (बाल-बाल बचे)

इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे मैच में पूरी भारतीय टीम सिर्फ 76 रन पर ढेर हो गई। टी20 क्रिकेट में भारत के लोएस्ट ऑलआउट टोटल (न्यूनतम स्कोर) की सूची में अब अय्यर की कप्तानी वाली यह टीम दूसरे नंबर पर आ चुकी है। हालांकि, भारत का सबसे न्यूनतम स्कोर 74 रन (बनाम ऑस्ट्रेलिया, 2008) है। अय्यर की टीम इस सबसे शर्मनाक ऑल-टाइम रिकॉर्ड को तोड़ने से महज 3 रन से चूक गई, अन्यथा यह इतिहास का सबसे बड़ा धब्बा साबित होता।

दाग नंबर-3: लगातार 5 मैचों में बिना किसी जीत का अनचाहा रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में यह पहली बार देखने को मिला है जब लगातार 5 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले बीत जाने के बाद भी टीम इंडिया को एक भी जीत नसीब नहीं हुई है। इससे पहले साल 2009 और 2021 में लगातार 4-4 मैचों में बिना किसी जीत का खराब दौर आया था, लेकिन श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में टीम इंडिया ने उस आंकड़े को भी पीछे छोड़ते हुए लगातार 5 मैचों की हार का नया सिलसिला बना दिया है।

दाग नंबर-4: पिछले 12 मैचों का बेहद खराब कप्तानी ग्राफ

यदि श्रेयस अय्यर के ओवरऑल पिछले 12 टी20 मैचों (घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मिलाकर) के कप्तानी रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो आंकड़े बेहद डराने वाले हैं। इन 12 मुकाबलों में से अय्यर को बतौर कप्तान 10 मैचों में करारी हार का सामना करना पड़ा है, जबकि उनके खाते में महज 1 जीत और 1 मैच बेनतीजा (No Result) रहा है। यह ग्राफ दिखाता है कि उनके नेतृत्व में टीम का विनिंग कॉम्बिनेशन पूरी तरह बिखर चुका है।

दाग नंबर-5: टीम के भीतर लगातार बदलावों से बढ़ा अविश्वास

आयरलैंड के बाद अब इंग्लैंड सीरीज में भी लगातार कप्तानी और टीम कॉम्बिनेशन में किए जा रहे ‘एक्सपेरिमेंट’ के चलते खिलाड़ियों के भीतर आत्मविश्वास की कमी साफ झलक रही है। वर्ल्ड चैंपियन टीम के कोर ग्रुप को पूरी तरह बदलकर नए लड़कों के साथ बिना किसी ठोस रणनीति के मैदान पर उतरना श्रेयस अय्यर के कप्तानी कौशल पर पांचवां सबसे बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि सीरीज के आगामी दो मुकाबलों में भारतीय टीम अपनी लाज बचाने में कामयाब हो पाती है या इंग्लैंड क्लीन स्वीप कर इतिहास रचेगा।