
उत्तर प्रदेश के दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में आने वाले हाई-टेक शहरों नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों नौकरीपेशा और वाहन चालकों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) ने मौजूदा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर दिन-प्रतिदिन बढ़ते गाड़ियों के भारी बोझ और ट्रैफिक जाम को हमेशा के लिए खत्म करने का एक नया और फुलप्रूफ मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत यमुना और हरनंदी (हिंडन) नदियों के बीच स्थित विशाल दोआब क्षेत्र में 29 किलोमीटर लंबा, चार लेन का एक बिल्कुल नया और वैकल्पिक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा।
₹500 करोड़ का बजट और वर्तमान जाम से मिलेगी मुक्ति
वर्तमान में चल रहे आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर हर दिन करीब दस लाख से ज्यादा वाहनों का भारी दबाव रहता है, जिसके कारण पीक आवर्स के दौरान दफ्तर आने-जाने वालों को घंटों रेंगना पड़ता है। इस समस्या के स्थायी और तकनीकी समाधान के लिए नोएडा प्राधिकरण ने इस नई समानांतर कनेक्टिविटी पर युद्धस्तर पर काम शुरू करने का फैसला लिया है। इस नए 29 किलोमीटर लंबे वैकल्पिक मार्ग के निर्माण पर लगभग 500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च किया जाएगा।
किसानों से जमीन अधिग्रहण का झंझट खत्म, सिंचाई विभाग की भूमि पर बनेगा मार्ग
इस मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी और खास खूबी यह है कि इसके निर्माण के लिए स्थानीय किसानों की कीमती उपजाऊ जमीन के भारी अधिग्रहण की आवश्यकता नाममात्र के लिए ही होगी। दरअसल, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग (UP Irrigation Department) के पास इस नदी दोआब क्षेत्र में पहले से ही 22 से 28 मीटर चौड़ी सरकारी जमीन उपलब्ध है, जिसका उपयोग इस 4-लेन रोड को बिछाने के लिए किया जाएगा। इससे जमीन विवाद और मुआवजे की लंबी कानूनी प्रक्रियाओं में समय बर्बाद नहीं होगा।
समझें नए एक्सप्रेसवे का पूरा रूट मैप और कनेक्टिविटी
प्राधिकरण द्वारा तैयार किए गए ब्लूप्रिंट के अनुसार, इस नए रूट को बेहद रणनीतिक तरीके से डिजाइन किया गया है:
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यमुना दोआब का विस्तार: यमुना नदी के दोआब क्षेत्र को वर्तमान स्थिति से आगे लगभग एक किलोमीटर और बढ़ाया जाएगा।
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हरनंदी (हिंडन) दोआब का विकास: हिंडन नदी के दोआब के करीब 17 किलोमीटर लंबे हिस्से को आधुनिक चार लेन की सड़क में तब्दील किया जाएगा।
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कोंडली बांगर से लिंक: यह नया वैकल्पिक मार्ग सीधे नोएडा के तेजी से विकसित हो रहे सेक्टर-150 तक पहुंचेगा, जहां इसे कोंडली बांगर की प्रसिद्ध 75 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क से सीधे लिंक कर दिया जाएगा।
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तटबंध रोड का कायाकल्प: इसके अलावा, यमुना तटबंध पर पहले से मौजूद 11.2 किलोमीटर लंबे पुराने मार्ग का भी ₹34 करोड़ की लागत से चौड़ीकरण और नवीनीकरण किया जा रहा है, जो इस प्रोजेक्ट को अतिरिक्त मजबूती देगा।
ग्रेटर नोएडा के 25 सेक्टर्स, 20 गांवों और 75 सोसायटियों की चमकेगी किस्मत
यह नया एक्सप्रेसवे नेटवर्क विशेष रूप से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बॉर्डर पर बसी नई रिहायशी बस्तियों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं होने वाला है। इसके पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद अरावली और हिंडन के पास स्थित लगभग 25 प्राइम सेक्टर्स, 20 ग्रामीण इलाकों और 75 से अधिक आलीशान व बड़ी हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले करीब 5 लाख नागरिकों को सीधे तौर पर एक निर्बाध और सिग्नल-फ्री रास्ता मिल जाएगा। सेक्टर-150 स्थित मशहूर स्पोर्ट्स सिटी और जेपी विश टाउन जैसी हाई-प्रोफाइल टाउनशिप में तेजी से बढ़ रही रिहायशी आबादी की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही इस पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर का ताना-बाना बुना गया है।
अधिकारियों को सख्त डेडलाइन: तत्काल कार्ययोजना पेश करने के निर्देश
नोएडा प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों ने इस परियोजना की गंभीरता को देखते हुए संबंधित इंजीनियरिंग विंग और कंसल्टेंट कंपनियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वे इस परियोजना की अंतिम विस्तृत कार्ययोजना (DPR) तत्काल प्रभाव से बोर्ड के सामने प्रस्तुत करें। अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि यदि डिजाइन के दौरान कहीं थोड़ी-बहुत अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता पड़ती भी है, तो संबंधित किसानों से आपसी सहमति के आधार पर तुरंत उचित बाजार दर का मुआवजा देकर जमीन अधिग्रहित की जाएगी ताकि काम में कोई रुकावट न आए। इस एक्सप्रेसवे के बनने से मुख्य एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों का दबाव 40% तक कम होने का अनुमान है, जिससे लोगों का कीमती समय और ईंधन दोनों की भारी बचत होगी।
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