मोदी और धामी की उम्मीदों को पलीता लगा रहे अधिकारी, स्वीकृति के बाद भी घर तक नहीं पहुंचा पानी

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल का जल’ योजना का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई जगह यह योजना स्थानीय विवादों और प्रशासनिक उदासीनता के कारण प्रभावित होती दिखाई दे रही है। ऐसा ही एक मामला कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी के दमुआढूंगा क्षेत्र से सामने आया है, जहां विभागीय मंजूरी मिलने के बावजूद एक परिवार अब तक पेयजल कनेक्शन का इंतजार कर रहा है।

मोदी और धामी की उम्मीदों को पलीता लगा रहे अधिकारी

दमुआढूंगा निवासी प्रकाश सिंह रौतेला का आरोप है कि उन्होंने नियमानुसार नए पेयजल कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। उनका कहना है कि उनके घर के पास से जल संस्थान की पेयजल लाइन गुजर रही है और उनके आवेदन को जल संस्थान के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर की मंजूरी भी मिल चुकी है।

स्वीकृति के बाद भी घर तक नहीं पहुंचा पानी

रौतेला के अनुसार, मंजूरी मिलने के बाद विभागीय टीम कनेक्शन देने के लिए मौके पर पहुंची थी, लेकिन कुछ स्थानीय लोगों ने इसका विरोध कर दिया। आरोप है कि विरोध करने वाले लोगों का कहना था कि क्षेत्र में नई पेयजल लाइन उनके प्रयासों से बिछाई गई है, इसलिए वे किसी अन्य व्यक्ति को इस लाइन से कनेक्शन नहीं लेने देंगे। स्थानीय विरोध के चलते विभागीय टीम बिना कनेक्शन दिए ही वापस लौट गई।

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मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि सरकारी कार्य में कथित रूप से बाधा डालने के बावजूद जल संस्थान की ओर से विरोध करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। रौतेला का कहना है कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर अपनी समस्या बताई, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।

सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज करा चुका है प्रभावित पक्ष

उन्होंने इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उनका आरोप है कि वहां से भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। रौतेला का कहना है कि कुछ लोग इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि उन्हें भीषण गर्मी के बीच पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है।