जॉइंट फैमिली के तानों से टूट चुका है सबर? बिना बहस किए, इस जादुई साइकोलॉजिकल ट्रिक से बंद करें सबकी बोलती

एक बड़े और संयुक्त परिवार (Joint Family) में रहना जहां अपने आप में बेहद खूबसूरत और सुरक्षित एहसास देता है, वहीं कई बार इसके अपने कुछ साइड इफेक्ट्स भी सामने आने लगते हैं। अलग-अलग विचारों और प्राथमिकताओं के कारण अक्सर घर के सदस्यों के बीच अनबन या छोटी-मोटी किचकिच होना बेहद आम बात है। लेकिन परेशानी तब बढ़ जाती है जब यह किचकिच रोज-रोज के तानों (Family Taunts) का रूप ले लेती है। घर की बहू या किसी सदस्य के लिए हर छोटी बात पर मिलने वाले ताने मानसिक तनाव और डिप्रेशन की वजह बन सकते हैं। अगर आप भी इस स्थिति से गुजर रही हैं और परिवार के तानों से पूरी तरह तंग आ चुकी हैं, तो अब आपको रोने या किसी से बहस करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। मनोविज्ञान (Psychology) की एक बेहद खास और जादुई ट्रिक अपनाकर आप बिना एक शब्द बोले और बिना किसी विवाद के पूरे माहौल को पल भर में शांत कर सकती हैं।

बहस करने के बजाय अपनाएं ‘ग्रे रॉक’ साइकोलॉजिकल मेथड

मनोविज्ञान में एक बेहद मशहूर और असरदार तकनीक है जिसे ‘ग्रे रॉक मेथड’ (Grey Rock Method) कहा जाता है। यह ट्रिक उन लोगों पर सबसे बेहतरीन तरीके से काम करती है जो आपको बार-बार उकसाने या तानों के जरिए नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं। इस ट्रिक का सीधा सा नियम है कि आपको सामने वाले के कड़वे वचनों या तानों पर एक बेजान, बेरंग और उबाऊ पत्थर (ग्रे रॉक) की तरह बर्ताव करना है। जब परिवार का कोई सदस्य आपको ताना मारे, तो उस पर गुस्सा होने, रोने या सफाई देने के बजाय बिल्कुल न्यूट्रल एक्सप्रेशन दें। केवल ‘हम्म’, ‘अच्छा’ या ‘ठीक है’ कहकर बात को वहीं खत्म कर दें। जब सामने वाले को आपकी तरफ से कोई बड़ा इमोशनल रिएक्शन (गुस्सा या रोना) नहीं मिलेगा, तो धीरे-धीरे उनका आपको उकसाने का मजा खत्म हो जाएगा और वे खुद-ब-खुद शांत हो जाएंगे।

तानों को निजी तौर पर लेना बंद करें, खुद को रखें मानसिक रूप से मजबूत

अक्सर जब हमें घर में कोई बात सुनने को मिलती है, तो हम उसे सीधे अपने दिल से लगा बैठते हैं और सोचने लगते हैं कि ‘शायद मुझमें ही कोई कमी है’। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, यह सोचना पूरी तरह गलत है। आपको यह समझना होगा कि सामने वाले व्यक्ति का ताना मारना उनके खुद के स्वभाव, उनकी असुरक्षा, उनके गुस्से या पुरानी सोच का नतीजा है, न कि आपकी किसी गलती का। जैसे ही आप तानों को पर्सनली (Personal) लेना बंद कर देंगी, आपका आधा तनाव वैसे ही खत्म हो जाएगा। जब भी घर में ऐसा कोई माहौल बने, तो अपने दिमाग में कोई पसंदीदा गाना गुनगुनाएं या अपने किसी सुखद अनुभव के बारे में सोचने लगें, जिससे सामने वाले की कड़वाहट आपके मानसिक सुकून को छू भी न सके।

गुस्से में रिएक्ट करने के बजाय सही समय पर सेट करें अपनी बाउंड्रीज

बिना बहस किए शांत रहने का मतलब यह कतई नहीं है कि आप हर तरह के मानसिक उत्पीड़न को सहती रहें। साइकोलॉजिकल ट्रिक्स आपको विपरीत परिस्थितियों में शांत रहना सिखाती हैं ताकि आप सही और गलत का फैसला सही दिमाग से ले सकें। जब घर का माहौल पूरी तरह शांत हो, तब अपने पति या परिवार के उस सदस्य से अकेले में बेहद सम्मानजनक और दृढ़ लहजे में बात करें। उन्हें समझाएं कि उनके कुछ शब्द आपको मानसिक रूप से आहत करते हैं और आप भविष्य में इसकी उम्मीद नहीं रखती हैं। जब आप बिना चिल्लाए, शांत और गंभीर आवाज में अपनी बात रखती हैं, तो उसका असर चीखने-चिल्लाने के मुकाबले सौ गुना ज्यादा और गहरा होता है।

अपनी खुशियों की चाबी अपने पास रखें और खुद से करें प्यार

संयुक्त परिवार की किचकिच के बीच महिलाएं अक्सर खुद को पूरी तरह भूल जाती हैं और हर वक्त दूसरों को खुश करने की जद्दोजहद में लगी रहती हैं। इस मानसिक चक्रव्यूह से बाहर निकलने के लिए जरूरी है कि आप अपनी हॉबीज (Hobbies) के लिए समय निकालें। किताबें पढ़ें, योग करें, कोई नई स्किल सीखें या अपने दोस्तों से बात करें। जब आपका अपना मन अंदर से खुश और संतुष्ट रहेगा, तो बाहर से आने वाले किसी भी तरह के ताने या नकारात्मक बातें आपके आत्मविश्वास को डिगा नहीं पाएंगी। याद रखें, आपका मानसिक स्वास्थ्य सबसे पहले है और इसे सुरक्षित रखना पूरी तरह से आपके अपने हाथों में है।